आने वाले 72 घंटों में ग्लोबल मार्केट्स के लिए एक परफेक्ट स्टॉर्म बन रहा है क्योंकि चार बड़े कारक – जियोपॉलिटिक्स, कॉरपोरेट फाइनेंस और सेंट्रल बैंकिंग – एक साथ आ रहे हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि ये मेल स्टॉक्स, ऑयल, येन और क्रिप्टो को हिला सकते हैं।
जियोपॉलिटिक्स से लेकर सेंट्रल बैंक्स तक, आने वाले घंटों में ग्लोबल मार्केट्स में सबसे ज्यादा हलचल किस वजह से हो सकती है, जानिए यहां।
फाइनेंशियल मार्केट्स में परफेक्ट स्टॉर्म तब बनता है जब कई बड़े कारक एक साथ आते हैं, जिससे लिक्विडिटी, सेंटिमेंट और वैल्यूएशन पर मिलाजुला असर पड़ता है और वोलैटिलिटी तेजी से बढ़ती है। ऐसे चार बड़े कारक अगले 72 घंटों में एक साथ सामने आने वाले हैं।
सबसे पहला बड़ा कारक है – संभावित US-Iran शांति समझौता। मार्केट्स पहले ही पॉजिटिविटी के साथ इसकी कीमत लगा चुके हैं, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है और President Trump जल्द समझौते का संकेत दे चुके हैं।
हालांकि, एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर ये मामला सुलझ भी जाता है तो फिर से मंदी की चिंता बढ़ सकती है।
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अगर समझौता होता है तो जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम कम होगा। लेकिन उसके बाद फिर से नजर लगातार मंदी और ऑयल सप्लाई की तरफ जा सकती है।
1980 के दशक के एनर्जी शॉक्स जैसे ऐतिहासिक अनुभव यह दिखाते हैं कि समाधान से तुरंत राहत मिलने की जगह, ये समस्या मार्केट्स में गहराई से दबाव दिखा सकता है।
दूसरा बड़ा कारक है SpaceX का IPO के बाद का प्रदर्शन। Nasdaq पर रिकॉर्डतोड़ डेब्यू और इतिहास का सबसे बड़ा IPO होने के बाद, आने वाले दिन ये तय करेंगे कि मार्केट SPCX के हाई वैल्यूएशन को बिना किसी बड़ी गिरावट के संभाल पाता है या नहीं।
अगर SPCX कमजोर प्रदर्शन करता है तो ये पूरे टेक और AI सेक्टर में ओवरवैल्यूएशन का संकेत हो सकता है।
साथ ही, आने वाले सभी IPOs की लाइन पर भी असर पड़ सकता है जबकि ग्लोबल मार्केट्स में ब्रॉडर इक्विटी मल्टीपल्स अगर ज्यादा खिंच गए तो बड़े पैमाने पर सेल-ऑफ़ का खतरा बढ़ जाएगा।
तीसरा मुख्य कारण 16 जून को आएगा। Bank of Japan के बारे में व्यापक रूप से उम्मीद की जा रही है कि वह कंफर्म्ड रेट hike करेगा, जिससे उसका पॉलिसी रेट 1% के करीब पहुंच सकता है। यह स्तर 1990s के बाद से Japanese Monetary Policy के इतिहास में सबसे ऊंचा है।
ऐसे कदम से yen को काफी मजबूती मिल सकती है।
इसके अलावा, यह एक तेज़ yen carry trade अनवाइंड को ट्रिगर कर सकता है जैसा अगस्त 2024 में हुआ था। उस समय ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने कई एसेट क्लासेज में सस्ते yen बोर्रोइंग से की गई पोजीशन को तेजी से क्लोज किया था।
चौथा मुख्य कारण है Federal Reserve का फैसला। Fed अपनी मीटिंग के बाद जिसमें मार्केट्स को पॉज की उम्मीद है, अपनी घोषणा करेगा। इस बार नई leadership dynamics हैं, जिसमें चेयर Kevin Warsh की पहली बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी शामिल है, जिससे भविष्य के रेट path को लेकर नई अनिश्चितता जुड़ गई है।
अगर टोन ज्यादा hawkish रही, तो 2026 में आगे rate hikes की संभावनाएं मार्केट सेंटिमेंट को और ज्यादा अस्थिर कर सकती हैं। वहीं, अगर dovish संकेत मिला तो रिलीफ रैली हो सकती है, लेकिन लगातार मंदी डाटा Fed को मजबूर कर सकता है कि वह पॉलिसी में रुक कर सतर्कता बनाए रखे।
इन सभी कारणों की संयुक्तता से ट्रेंड बहुत जटिल हो जाता है। अमेरिका-ईरान डील शुरूआती तौर पर रिस्क एसेट्स को सपोर्ट कर सकती है, लेकिन इससे मंदी बरकरार रह सकती है। यर मजबूत होने से ग्लोबल liquidity टाइट हो सकती है, खासकर तब जब Fed की बातें मार्केट में छाई हुयी हों। वहीं, SpaceX के बाद टैक सेक्टर की कमजोरी एक नई वल्नरेबिलिटी को सामने लाती है।
मार्केट में कभी भी केवल एक न्यूज़ से बड़ा ब्रेक नहीं आता। जब कई तरह के रिस्क आपस में टकराते हैं, तो मूवमेंट बहुत ज्यादा हो सकता है। इस समय वैल्यूएशन stretched हैं और central banks अलग-अलग पॉलिसी साइकिल में हैं, ऐसे में अगले 72 घंटे सभी एसेट क्लासेज के लिए हफ्तों की दिशा तय कर सकते हैं।
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