ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म Elliptic की लेटेस्ट एनालिसिस से पता चला है कि Drift Protocol हैक के पीछे Democratic People’s Republic of Korea (DPRK) से जुड़े एक्टर्स हो सकते हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि हैकर ने तीन मेन वॉल्ट्स को टारगेट किया था। इसमें JLP Delta Neutral, SOL Super Staking और BTC Super Staking शामिल है।
खास बात यह है कि अटैक में जिस वॉलेट का इस्तेमाल किया गया, वह घटना से करीब आठ दिन पहले ही बनाया गया था। इसे Drift वॉल्ट से एक छोटा सा टेस्ट ट्रांजेक्शन भी मिला था, जो दिखाता है कि ऑपरेशन पहले से ही प्लान किया गया था।
चोरी किए गए एसेट्स को इसके बाद USDC में स्वैप किया गया और Solana से Ethereum पर क्रॉस-चेन ब्रिज किया गया।
TRM Labs की इन्वेस्टीगेशन ने भी North Korean हैकर्स की तरफ इशारा किया है। इसमें कई ऐसे संकेत मिले हैं जो North Korean ऑपरेशंस से जुड़ी रणनीतियों से मेल खाते हैं।
1 अप्रैल को Solana (SOL)-आधारित perpetual futures प्लेटफ़ॉर्म पर हुआ ये अटैक 2026 का सबसे बड़ा Decentralized Finance (DeFi) हैक माना गया है। इसकी वजह से नुकसान लगातार फैल रहा है, और अब रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रभावित प्रोजेक्ट्स की संख्या 20 तक पहुंच चुकी है।
लेटेस्ट क्रिप्टो न्यूज़ सबसे पहले पाने के लिए हमें X पर फॉलो करें
अगर इसकी पुष्टि हो जाती है, तो यह 2026 में Elliptic द्वारा ट्रैक किया गया 18वां DPRK-लिंक्ड एक्ट होगा। इससे इस साल का टोटल नुकसान $300 मिलियन (3 करोड़ $) से ज्यादा पहुंच जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन एक्टर्स ने हाल के सालों में $6.5 बिलियन से ज्यादा के क्रिप्टो एसेट्स चुरा लिए हैं।
Chainalysis की एक रिपोर्ट के अनुसार North Korean हैकर्स ने सिर्फ 2025 में ही रिकॉर्ड $2.02 बिलियन चुरा लिए हैं, जो साल दर साल 51% की बढ़ोतरी है। इसमें सबसे बड़ा योगदान $1.5 बिलियन के Bybit ब्रीच का है।
The post क्या Drift Protocol हैक के पीछे North Korea है? जानें डेटा क्या बताता है appeared first on BeInCrypto Hindi.


