Hester Peirce SEC के अंदर रेग्युलेटरी टकराव को तेज कर रही हैं, क्योंकि क्रिप्टो इंटरफेस पर नई गाइडेंस ने यह सवाल खड़े कर दिए हैं कि वॉलेट्स और फ्रंट-एंड टूल्स को ब्रोकल-डीलर माना जाना चाहिए या नहीं।
प्रो-क्रिप्टो SEC कमिश्नर Hester Peirce पब्लिक कमेंट्स की अपील कर रही हैं ताकि रेग्युलेशन्स को और बेहतर बनाया जा सके। उनका उद्देश्य है कि सेल्फ-कस्टडी और ब्लॉकचेन इंटरैक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले यूज़र टूल्स में इनोवेशन बरकरार रहे और सिक्योरिटीज कानून की बहुत ज्यादा चौड़ी व्याख्या से बचा जा सके।
SEC Division of Trading and Markets ने क्रिप्टो यूज़र इंटरफेस पर ब्रोकल-डीलर रूल्स कैसे लागू होते हैं, इस पर इंटरिम गाइडेंस जारी की है।
यह स्टेटमेंट “कवर्ड यूजर इंटरफेसेस” पर फोकस करती है, जो ब्लॉकचेन आधारित ट्रांजैक्शन्स को तैयार करने और ट्रांसमिट करने के लिए यूज होती हैं।
इस फ्रेमवर्क के तहत, कुछ वॉलेट-कनेक्टेड इंटरफेसेस को, अगर वे कुछ सख्त शर्तों को पूरा करते हैं, तो ब्रोकल-डीलर नहीं माना जाएगा।
इन शर्तों में शामिल हैं: यूजर्स को ट्रांजैक्शन पैरामीटर्स पर पूरी कंट्रोल देना, ट्रेड सॉलिसिटेशन से बचना, और ऑब्जेक्टिव रूटिंग व प्राइसिंग मेकेनिज्म पर भरोसा करना।
SEC ने कहा कि यह गाइडेंस टेम्पररी है और अगर इसे रूलमेकिंग के जरिए फॉर्मलाइज नहीं किया गया तो पांच साल में वापस ली जा सकती है। अधिकारीयों ने इसे एक अंतरिम कदम बताया है, जब तक कि व्यापक क्रिप्टो रेग्युलेटरी सवालों की समीक्षा चल रही है।
कमिश्नर Hester Peirce ने इसे स्पष्टता लाने के लिए स्वागत किया, लेकिन चेताया कि केवल स्टाफ गाइडेंस गहरे कानूनी असमंजस को हल करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि टेम्पररी स्टेटमेंट्स पर निर्भर रहने से डेवलपर्स सिक्योरिटीज कानून के तहत ब्रोकल की परिभाषा की बदलती व्याख्या के जोखिम में रहते हैं।
Peirce ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वॉलेट्स और इंटरफेसेस को सिर्फ यूज़र इंस्ट्रक्शन्स ट्रांसमिट करने या मार्केट डेटा डिस्प्ले करने के आधार पर ऑटोमैटिकली ब्रोकल नहीं माना जाना चाहिए।
Peirce ने पूरे कमीशन से अपील की कि ब्लॉकचेन आधारित मार्केट स्ट्रक्चर्स के अनुसार ब्रोकल की परिभाषा को मॉडर्नाइज करने के लिए फुल रूलमेकिंग की जाए।
उन्होंने कहा कि बिखरी हुई एन्फोर्समेंट और गाइडेंस ने इनोवेटर्स के लिए लंबे समय से असमंजस पैदा कर रखा है।
SEC फ्रेमवर्क न्यूट्रल सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर्स और उन कंपनियों में फर्क करने की कोशिश करता है, जो सक्रीय रूप से ट्रेड्स एक्जीक्यूट या ऑर्डर रूट करते हैं, या कस्टमर फंड्स मैनेज करते हैं।
जिन संस्थाओं द्वारा कस्टडी, इन्वेस्टमेंट एडवाइस या ट्रांजैक्शन एक्जीक्यूशन सर्विसेस दी जाती हैं, उन्हें ब्रोकल-डीलर की जरूरतें जारी रहेंगी।
इंडस्ट्री पार्टिसिपेंट्स बार-बार कहते हैं कि अस्पष्ट क्लासिफिकेशन रूल्स ने सेल्फ-कस्टोडियल वॉलेट्स और डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस इंटरफेसेस में इनोवेशन की गति धीमी की है।
यह नई गाइडेंस अस्थायी स्पष्टता लाने के लिए दी गई है, लेकिन यह कानूनी परिभाषाओं का स्थाई समाधान नहीं है।
अब SEC पब्लिक से राय मांग रही है कि ब्रोकर्स की डेफिनिशन को नई ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजीज पर कैसे लागू किया जाए। इसका नतीजा यह तय कर सकता है कि क्रिप्टो इंटरफेस को केवल न्यूट्रल सॉफ़्टवेयर टूल्स माना जाएगा या रेग्युलेटेड फाइनेंशियल इंटरमीडियरी के तौर पर ट्रीट किया जाएगा।
रूलमेकिंग का अगला फेज यह तय करने में अहम साबित हो सकता है कि United States में डिजिटल एसेट मार्केट्स कैसे डिवेलप होंगे।
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