बैंकिंग ट्रेड असोसिएशन्स ने अब CLARITY Act में stablecoin यील्ड कंपरमाइज के खिलाफ अपनी लॉबीइंग मुहिम को तेज़ कर दिया है। ये ग्रुप्स अब बैंकिंग कमेटी के कई सासंदों को टारगेट कर रहे हैं।
यह प्लान बैंकों और White House के बीच इस बात को लेकर विवाद को और बढ़ा रहा है कि क्या यील्ड-बेयरिंग स्टेबलकॉइन पारंपरिक डिपॉजिट्स के लिए खतरा हैं।
Tillis-Alsobrooks कंपरमाइज एक्टिविटी-बेस्ड रिवार्ड्स की इजाजत देता है, लेकिन स्टेबलकॉइन बेलैंसेज पर पैसिव यील्ड को बैन कर देगा। बैंकिंग ग्रुप्स का कहना है कि यह लिमिटेड फ्रेमवर्क भी पारंपरिक सिस्टम से डिपॉजिट्स को बाहर कर सकता है।
Consumer Bankers Association ने इकोनॉमिस्ट Andrew Nigrinis को नियुक्त किया ताकि वह White House Council of Economic Advisers की 8 अप्रैल की रिपोर्ट को चुनौती दे सकें।
उस एनालिसिस के मुताबिक, स्टेबलकॉइन यील्ड बैन करने से बैंक लेंडिंग में सिर्फ $2.1 बिलियन की बढ़ोतरी होगी। रिपोर्ट में अनुमान है कि बैन के कारण कंज्यूमर्स को $800 मिलियन तक का नेट नुकसान हो सकता है।
CBA-सपोर्टेड पेपर के अनुसार, जैसे-जैसे स्टेबलकॉइन मार्केट $300 बिलियन से आगे स्केल करेगा, यह रिस्क और बढ़ेंगे। American Bankers Association ने $6.6 ट्रिलियन तक की पोटेंशियल डिपॉजिट ऑउटफ्लो की चेतावनी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंकिंग ग्रुप्स अब कोर नेगोशिएटर्स के अलावा भी सासंदों तक लॉबीइंग कर रहे हैं।
White House पहले भी बैंकों पर stablecoin कानून ब्लॉक करने के लिए आलोचना कर चुका है।
Patrick Witt, White House Presidential Advisory Committee on Digital Assets के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, ने इस विरोध को खारिज कर दिया।
सासंद Tillis ने रिपोर्टर्स को बताया कि उनकी टीम अभी भी कंपरमाइज टेक्स्ट रिलीज़ करने को लेकर “फिर भी बात कर रही” है।
सासंद Alsobrooks ने कहा कि वह उम्मीद करती हैं कि यह “शायद अगले हफ्ते” आएगा। अगर बैंकिंग कमेटी अप्रैल में बिल को क्लियर नहीं करती है, तो 2026 में इसका पास होना मुश्किल है।
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