Coinbase के स्वतंत्र Advisory Board ने Quantum Computing और Blockchain पर अपनी पहली position paper प्रकाशित की है। इसमें चेतावनी दी गई है कि क्रिप्टो इन्डस्ट्री को quantum threats के लिए अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
इस बोर्ड में Stanford, UT Austin, Ethereum Foundation, Eigen Labs, Bar-Ilan University और UC Santa Barbara के रिसर्चर शामिल हैं। उनकी assessment बिलकुल साफ है। डिजिटल एसेट्स आज सुरक्षित हैं, लेकिन भविष्य में ऐसा quantum computer जरूर बनेगा जो blockchain cryptography को ब्रेक कर सकता है।
पेपर के अनुसार, वॉलेट-लेवल क्रिप्टोग्राफी सबसे बड़ी कमजोरी है। डिजिटल signatures जो एसेट ownership को साबित करते हैं, वे एक बेहद शक्तिशाली quantum machine से कभी भी ब्रेक हो सकते हैं।
Bitcoin (BTC) के लगभग 6.9 मिलियन BTC ऐसे वॉलेट्स में हैं, जिनकी key जानकारी पब्लिकली ऑन-चेन दिखती है।
Bitcoin की मुख्य infrastructure, जिसमें माइनिंग और हैश functions शामिल हैं, किसी बड़े quantum threat का सामना नहीं करती। लेकिन Ethereum (ETH) जैसे proof-of-stake नेटवर्क्स में validator signature schemes के कारण ज्यादा खतरा है।
Ethereum ने पहले ही Layer 1 upgrades को लेकर एक डेडिकेटेड पोस्ट-क्वांटम रोडमैप जारी किया है।
US National Institute of Standards and Technology (NIST) पहले ही कई quantum-resistant cryptographic schemes को standardize कर चुका है।
Migration के लिए जरूरी building blocks मौजूद हैं। लेकिन नए quantum-safe signatures मौजूदा signatures के मुकाबले काफी बड़े हैं, जिससे ट्रांजेक्शन स्पीड, खर्च और स्टोरेज प्रभावित होती है।
Decentralized networks में लाखों वॉलेट्स को migrate करना हर यूजर से action माँगता है। ये coordination challenge ट्रेडिशनल फाइनेंस में कभी नहीं देखा गया।
Solana (SOL), Algorand (ALGO), और Aptos (APT) ने quantum-resistant options देना शुरू कर दिया है या फिर इनकी प्लानिंग की है।
पेपर एक मुश्किल सवाल भी उठाता है हर blockchain कम्युनिटी के लिए। जिन वॉलेट्स की कभी अपग्रेडिंग नहीं होगी, चाहें वह लॉस्ट keys, इनएक्टिव holders या पूरी तरह छोड़ दिये गए अकाउंट्स हो, वे हमेशा exposed रहेंगे।
हर नेटवर्क को यह तय करना होगा कि वे उन एसेट्स को फ्रीज़ करें, रद्द करें या उन्हें असुरक्षित छोड़ दें।
बोर्ड की सलाह है कि ये फैसले जल्द से जल्द लिए जाएं और पब्लिकली कम्युनिकेट किए जाएं।
Coinbase का कहना है कि वह नए क्रिप्टोग्राफिक स्टैंडर्ड्स को तेजी से अपनाने के लिए flexible सिस्टम्स बना रहा है और upgrade readiness पर इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है।
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