OpenAI के CEO Sam Altman ने बताया कि कंपनी ने Microsoft (MSFT) के साथ अपनी साझेदारी अपडेट कर ली है। अब Azure क्लाउड एक्सक्लूसिविटी खत्म हो गई है, जिससे OpenAI अपने प्रोडक्ट्स दूसरे कम्पेटिंग प्रोवाइडर्स के साथ भी बेच सकता है।
इस न्यूज़ के बाद Microsoft के शेयर नीचे आ गए, क्योंकि ट्रेडर्स ने OpenAI के AI प्रॉडक्ट्स के लिए Azure-ओनली एडवांटेज खत्म होने की वजह को सेल-ऑफ़ का कारण माना।
Altman के पोस्ट के मुताबिक, Microsoft अब भी OpenAI का प्राइमरी क्लाउड पार्टनर रहेगा, लेकिन अब लाइसेंस एक्सक्लूसिव नहीं है। OpenAI अब अपने मॉडल्स Amazon Web Services, Google Cloud, Oracle और दूसरे राइवल्स के जरिए भी ऑफर कर सकता है।
टर्म्स के मुताबिक, दोनों ओर से पैसे का फ्लो जारी रहेगा। OpenAI 2032 तक Microsoft को मॉडल्स देगा और अपने सबसे बड़े इन्वेस्टर Microsoft को 2030 तक रेवेन्यू शेयर करेगा।
Microsoft अब OpenAI को रेवेन्यू शेयर नहीं देगा, जिससे उसकी इनकम स्टेटमेंट से एक ऑउटफ्लो हट जाएगा।
MSFT शेयर इंट्राडे में 5% तक गिर गए, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी भी हुई, लेकिन चार्ट से अभी भी डाउनवर्ड ट्रेंड ही दिख रहा है।
इन्वेस्टर्स ने OpenAI के काम को हमेशा Azure का एक स्ट्रक्चरल एडवांटेज माना था। एक्सक्लूसिविटी हटने से अब AWS, Google Cloud, और Oracle जैसी कंपनियों के लिए भी ये बिजनेस ओपन हो गया है, जो सभी फ्रंटियर AI लैब्स को टारगेट कर रही हैं।
हर एनालिस्ट ने इस कदम को बियरिश नहीं माना। CFA Palwinder Singh ने कहा कि सेल-ऑफ़ में इन्वेस्टर्स ने Microsoft के OpenAI में सबसे बड़े इक्विटी होल्डर बने रहने के वैल्यू को ओवरलुक कर दिया।
Microsoft के पास 2032 तक ChatGPT की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स भी उसकी इक्विटी हिस्सेदारी के साथ रहेंगे।
इन्वेस्टर्स को फैसला करना है कि एक्सक्लूसिव पेमेंट्स खत्म होने और लंबे मॉडल रनवे से क्या क्लाउड एक्सक्लूसिविटी केImpact को कम्पनसेट किया जा सकता है, खासकर तब जब बात AI सेक्टर और Worldcoin जैसे Altman से जुड़े प्रोजेक्ट्स की हो।
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