क्रिप्टो रिसर्च अब पहले से ज्यादा मुश्किल हो गई है क्योंकि मार्केट अब कई chains, protocols, wallets, exchanges और सोशल प्लेटफॉर्म्स में फैल चुका है। केवल एक इन्वेस्टमेंट डिसीज़न लेने के लिए भी अब टोकन डेटा, ऑन-चेन फ्लो, सेंटीमेंट, न्यूज़, लिक्विडिटी और पोर्टफोलियो एक्सपोजर जैसी चीज़ों को घंटों चेक करना पड़ता है।
CoinStats की शुरुआत एक पोर्टफोलियो ट्रैकर के तौर पर हुई थी, जिसमें यूजर्स को अपने assets को wallets और exchanges में एक ही जगह पर मॉनिटर करने की सुविधा मिली। अब कंपनी क्रिप्टो-स्पेसिफिक AI, डेवलपर APIs और एजेंट-रेडी डेटा एक्सेस के साथ एक और ज्यादा अम्बिशियस प्रोडक्ट बना रही है।
BeInCrypto के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में, CoinStats क्रिप्टो ट्रैकर के Founder और CEO Narek Gevorgyan ने बताया कि क्रिप्टो को डोमेन-स्पेसिफिक AI की जरूरत क्यों है, CoinStats AI रिसर्च कैसे करता है, और जैसे-जैसे AI एजेंट्स मार्केट में एंटर करेंगे, मशीन-रीडेबल क्रिप्टो डेटा क्यों अनिवार्य होता जाएगा।
पोर्टफोलियो ट्रैक करना आसान हिस्सा है। असली मुश्किल ये समझना है कि अब आगे क्या करना है।
हमारे यूजर्स को एक डिसीज़न लेने के लिए X, Discord, Etherscan, न्यूज़ साइट्स, एनालिटिक्स डैशबोर्ड्स और एक्सचेंज पेजेस के बीच घंटों स्विच करना पड़ता था। CoinStats के पास पहले से ही डेटा लेयर थी—120+ chains, मार्केट डेटा, ऑन-चेन फ्लो और सोशल कॉन्टेक्स्ट कवर था।
AI, अगला नैचुरल स्टेप था। हम यूजर्स को और नए डैशबोर्ड्स देने की बजाय, उन्हें बेहतर जवाब जल्दी दिलाने पर फोकस करना चाहते थे।
ये ज्यादातर आर्किटेक्चर और डेटा पर निर्भर करता है।
जब कोई यूजर CoinStats AI से सवाल पूछता है, तो स्पेशलाइज्ड सब-एजेंट्स समानांतर में काम करते हैं। एक एजेंट रियल-टाइम न्यूज़ निकाल सकता है। दूसरा सोशल सेंटीमेंट को स्कैन करता है। कोई और 120+ ब्लॉकचेन में ऑन-चेन डेटा पढ़ सकता है। एक और एक्सचेंज मैट्रिक्स चेक करता है। एक यूजर के असली पोर्टफोलियो को एनालाइज कर सकता है।
ये सारे एजेंट्स रिपोर्ट तैयार करके भेजते हैं, और सिस्टम सारा इनफॉर्मेशन इंटरेक्टिव टेबल्स और चार्ट्स के रूप में एक ही जवाब में सिंथेसाइज कर देता है—लंबे पैरा की जगह। मॉडल लाइव सोर्सेज से पढ़ता है, न कि सिर्फ ट्रैनिंग डेटा से किसी जानकारी को याद करता है। इससे ‘हॉलुसिनेशन’ का रिस्क काफी कम हो जाता है।
हम यूजर्स को ये भी चुनने की सुविधा देते हैं कि जवाब कितनी गहराई से चाहिए। CoinStats AI के पास तीन मोड्स हैं—Deep Research फुल मल्टी-सोर्स रिपोर्ट के लिए है, Backtesting यूजर्स को स्ट्रैटेजीज को हिस्टोरिकल डेटा पर टेस्ट करने देता है, वहीं Fast Mode जल्दी lookup के लिए है।
जनरल मॉडल आमतौर पर एक ही तरह का जवाब देते हैं। जबकि क्रिप्टो रिसर्च में बहुत तरीके के सवाल आते हैं।
हमने CoinStats AI को वाकई क्रिप्टो यूजर्स के रियल काम के आसपास ट्यून किया है—टोकन रिसर्च, वॉलेट एनालिसिस, रिस्क चेक्स, स्मार्ट मनी ट्रैकिंग, व्हेल एक्टिविटी, कॉन्ट्रैक्ट डिप्लॉयमेंट्स, KOL सेंटीमेंट, और मैक्रो करेलशन्स जैसे Fed पॉलिसी और ETF फ्लो के बीच। जैसे ही सवाल स्पेसिफिक बनते हैं, फर्क साफ दिखता है।
ये लाइव डेटा एक्सेस, रिट्रीवल, टास्क-स्पेसिफिक एजेंट्स और क्रिप्टो-नेटिव रीजनिंग का कॉम्बिनेशन है।
जनरल मॉडल्स में आमतौर पर लाइव ऑन-चेन डेटा की कमी होती है, इसलिए ये ठीक से नहीं बता सकते कि कौन सा टोकन कौन जमा कर रहा है या लिक्विडिटी कहां मूव हो रही है। इनके पास रियल-टाइम मार्केट और सोशल कॉन्टेक्स्ट भी नहीं होता, जिससे ये नई स्टोरीज़ बनते समय मिस कर सकते हैं। इनके ट्रेनिंग डेटा बहुत जल्दी आउटडेटेड हो जाते हैं क्योंकि इस मार्केट में कोई भी टोकन चंद दिनों में लॉन्च होकर तेज़ी से ऊपर जा सकता है।
ये मॉडल्स जनरलिस्ट की तरह सोचते हैं। जबकि क्रिप्टो रिसर्च में MEV, slippage, ब्रिज रिस्क, अलग-अलग चेन में लिक्विडिटी की फ्रैग्मेंटेशन, वॉलेट बिहेवियर, एक्सचेंज फ्लो और प्रोटोकॉल-स्पेसिफिक रिस्क जैसी चीज़ों को समझना जरूरी है।
प्राइवेसी भी एक बड़ा मुद्दा है। जब कोई यूज़र किसी जनरल AI मॉडल में वॉलेट एड्रेस पेस्ट करता है, तो वह अपनी होल्डिंग्स थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर के सामने एक्सपोज कर सकता है। क्रिप्टो यूज़र्स के लिए यह बहुत मायने रखता है।
इसीलिए हमने CoinStats AI में Private Mode बनाया। जब यूज़र्स इसे ऑन करते हैं, तो उनके सभी क्वेरी Venice AI के एन्क्रिप्टेड, डिसेंट्रलाइज्ड सिस्टम से गुजरती हैं। कोई थर्ड-पार्टी AI प्रोवाइडर यूज़र का डेटा नहीं देख पाती। कोई भी व्यक्ति चाहे वॉलेट्स की रिसर्च करे, टोकन फ्लो अनालाइज करे, या अपने पोजिशन को प्राइवेट रखना चाहे—सारी जानकारी यूज़र और ब्लॉकचेन के बीच ही सुरक्षित रहती है।
जनरल मॉडल्स सिर्फ कैजुअल सवालों के लिए फायदेमंद हैं। सीरियस क्रिप्टो रिसर्च के लिए लाइव डेटा, प्राइवेसी और क्रिप्टो-स्पेसिफिक कॉन्टेक्स्ट जरूरी है।
क्रिप्टो एक ऐसा मार्केट है जहां थोड़ी सी भी गड़बड़ी बहुत महंगी साबित हो सकती है।
हमारा तरीका तीन बातों पर फोकस करता है। सबसे पहले, हर क्लेम लाइव डेटा और उसके सोर्स के साथ होना चाहिए, जिससे यूज़र उसे खुद चेक कर सकें। दूसरा, Backtesting Mode के जरिए यूज़र कोई भी थेसिस, पैसे इन्वेस्ट करने से पहले, पुराने डेटा पर वैलिडेट कर सकते हैं। तीसरा, हम प्रोडक्ट की भूमिका को बहुत क्लियर रखते हैं।
CoinStats AI एक रिसर्च टूल है। इसका मकसद DYOR (डू योर ओन रिसर्च) प्रोसेस को सपोर्ट करना है, यूज़र के फैसले की जगह लेना नहीं। DYOR सिर्फ डिस्क्लेमर नहीं होना चाहिए, बल्कि ये पूरी प्रोडक्ट एक्सपीरियंस का हिस्सा होना चाहिए।
क्रिप्टो में स्ट्रक्चरल डेटा प्रॉब्लम है। पोर्टफोलियो, मार्केट या ऑन-चेन इवेंट को समझने के लिए जरूरी जानकारी सैकड़ों चेन, हज़ारों प्रोटोकॉल्स, दर्जनों सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज और लगातार बढ़ते DeFi इकोसिस्टम में बिखरी हुई है।
कोई भी डिवेलपर या AI एजेंट जो क्रिप्टो में नया कुछ बनाना चाहता है, उसके पास दो ऑप्शन हैं—या तो खुद सालों लगाकर सारा डेटा जोड़ें, या फिर किसी ऐसे प्रोवाइडर से कनेक्ट हों जिसने यह पहले से किया हो।
यही रोल हम CoinStats के लिए देखते हैं। हमने 300+ एक्सचेंज और वॉलेट्स, हर बड़ी चेन और हर तरह की DeFi पोजिशन का डेटा नॉर्मलाइज़ करने में सालों लगाए हैं।
इसे हम CoinStats Crypto API और MCP सर्वर के ज़रिए ओपन करते हैं, जिससे डिवेलपर्स—चाहे वे AI एजेंट, ट्रेडिंग टूल्स, रिसर्च प्रोडक्ट्स या Cursor या Claude Code जैसे प्लेटफॉर्म पर साइड प्रोजेक्ट्स बना रहे हों—पोर्टफोलियो स्टेट, मार्केट डेटा, न्यूज़ और ऑन-चेन कॉन्टेक्स्ट को आसानी से एक्सेस कर सकते हैं।
इन्हें प्रोडक्ट बनाने से पहले सारा पाइपलाइन खुद से खड़ा करने की जरूरत नहीं है।
क्रिप्टो डेटा हमेशा बिखरा हुआ रहा है। प्राइस एक प्लेटफॉर्म पर होती है। वॉलेट बैलेंस कहीं और दिखती है। DeFi पोजीशन अलग-अलग प्रोटोकॉल्स में रहती हैं। NFTs भी किसी और प्लेटफॉर्म पर हो सकती हैं।
डेवलपर्स के लिए, इन सबको जोड़ना सबसे मुश्किल हिस्सा होता है। टीमें अक्सर डेटा को एकजुट करने में ज्यादा समय लगा देती हैं, जिससे यूज़र एक्सपीरियंस पर कम ध्यान जाता है।
CoiStats API के साथ हम इसी समस्या का समाधान करने निकले हैं। हमारी कवरेज 100,000+ कॉइन्स और 200+ exchanges तक फैली है। यह 120+ ब्लॉकचेन को कवर करता है। DeFi पोजीशन्स 10,000+ प्रोटोकॉल्स पर वॉलेट लेवल पर रिजॉल्व होती हैं।
डेवलपर्स को पूरी तस्वीर के लिए सिर्फ एक एक्सेस पॉइंट मिलता है। इससे छोटी टीमें भी तेजी से बेहतरीन प्रोडक्ट बना सकती हैं।
हमारा MCP सर्वर इसी आइडिया को और आगे ले जाता है। AI एजेंट्स और LLMs सीधे वॉलेट, DeFi, और पोर्टफोलियो डेटा क्वेरी कर सकते हैं। IDE-इंटीग्रेटेड एजेंट यूजर की पोजीशन निकाल सकता है, उनका एनालिसिस कर सकता है, और बिना किसी कस्टम एडैप्टर के पूरे वर्कफ़्लो को सपोर्ट कर सकता है।
यह इसलिए जरूरी है क्योंकि क्रिप्टो टूल्स लगातार बदल रहे हैं। आने वाले वर्कफ़्लो में एजेंट्स रिस्क मॉनिटर करेंगे, पोर्टफोलियो रीबैलेंस करेंगे, मौके पहचानेंगे और रिसर्च में मदद करेंगे। ऐसा तभी संभव होगा जब डेटा लेयर मशीन-रीडेबल, भरोसेमंद और इतना कंप्लीट हो कि यूज़र की on-chain holdings और asset movements को सही ढंग से समझा जा सके।
सिर्फ प्राइस डेटा से काम नहीं चलता। एजेंट्स को वॉलेट डेटा, DeFi पोजीशन रेजोल्यूशन और लॉन्ग-टर्म हिस्टोरिकल कंटेक्स्ट की जरूरत होती है। यही CoinStats API की लेयर है।
क्रिप्टो ग्रोथ इस बात पर भी निर्भर करती है कि यूसफुल प्रोडक्ट्स बनाना कितना आसान है। जितना समय डेवेलपर्स डेटा एग्रीगेशन में बचाते हैं, उतना ही ज्यादा वो यूजर एक्सपीरियंस बेहतर करने में लगा सकते हैं।
तीन चीजें हैं, जिन्हें मैं देखना चाहूंगा।
सबसे पहले, मैं चाहूंगा कि CoinStats, जनरल-पर्पस AI के मुकाबले, क्रिप्टो-स्पेसिफिक रिसर्च में अपनी बढ़त और ज्यादा बढ़ाए। जो बेंचमार्क हमने इस साल रिलीज किया है, वो इसकी शुरुआत है। हम इसे और एक्सपैंड करना चाहते हैं, ज्यादा रेगुलर चलाना चाहते हैं और इसकी मेथडोलॉजी ओपन-सोर्स रखना चाहते हैं ताकि इंडस्ट्री का कोई भी इसे दोहरा सके।
मकसद सिर्फ एक बेंचमार्क जीतना नहीं है। हमारा गोल है प्रूव करना कि क्रिप्टो के लिए बनाए गए वर्टिकल AI लॉन्ग-टर्म में बेहतर परफॉर्म करते हैं क्योंकि उनके पास सही डेटा, टूल्स और रीजनिंग एनवायरनमेंट होता है।
दूसरी बात, मैं चाहता हूँ कि CoinStats API, एजेंट्स के इकोसिस्टम के लिए डिफॉल्ट क्रिप्टो डेटा और रिसर्च लेयर बन जाए। MCP, हमारे x402-पावर्ड API और पोर्टफोलियो इंटेलिजेंस सिस्टम के साथ, किसी भी एजेंट को क्रिप्टो कॉन्टेक्स्ट के लिए CoinStats कनेक्ट करना आसान हो।
तीसरी बात, मैं चाहूंगा कि CoinStats रिसर्च से एक कदम आगे, एक्शन ओर भी बढ़े। किसी चीज के मूव होने की वजह समझना केवल आधा काम है। यूजर्स को उन्हीं इनसाइट्स को ध्यान में रखते हुए सेफ तरीक़े से एक्शन लेने में मदद करना, अगले प्रोडक्ट की दिशा है।
अंतिम गोल वही है—हर क्रिप्टो होल्डर के पास 24/7 पर्सनल एनालिस्ट्स की टीम होनी चाहिए। एक साल बाद, मैं चाहूंगा कि CoinStats CoinStats AI के ज़रिए उस एक्सपीरियंस को लोगों तक पहुँचाने के और भी करीब रहे।
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