Meta के कई U.S. ऑफिसों में कर्मचारियों ने प्रोटेस्ट फ्लायर्स बांटे। यह एक ऐसे इंटरनल टूल का विरोध है जो माउस मूवमेंट और कीस्ट्रोक्स रिकॉर्ड करता है ताकि Meta की AI मॉडल्स को ट्रेन किया जा सके।
यह फ्लायर्स मीटिंग रूम्स, वेंडिंग मशीनों और टॉयलेट पेपर डिस्पेंसर पर देखे गए। ये फ्लायर्स स्टाफ को एक पेटीशन के लिए गाइड करते हैं जिसमें Meta से इस टूल, जिसका नाम Model Capability Initiative है, को हटाने की मांग की गई है।
Meta ने Model Capability Initiative को U.S. कर्मचारियों के वर्क कंप्यूटरों पर इंस्टॉल किया है। यह सॉफ्टवेयर क्लिक, कीस्ट्रोक्स और समय-समय पर स्क्रीनशॉट्स कैप्चर करता है। यह सैकड़ों एप्लिकेशंस में चलता है, इनमें Google, LinkedIn और Wikipedia शामिल हैं।
Meta का कहना है कि यह डाटा AI एजेंट्स को वेब पर असल इंसानों जैसा बिहेवियर कॉपी करने के लिए ट्रेन करता है। कंपनी के एक स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, इन मॉडल्स को यह समझने के लिए रियल उदाहरण चाहिए कि लोग सॉफ्टवेयर को कैसे इस्तेमाल करते हैं। कंपनी ने बटन क्लिक और ड्रॉपडाउन मेन्यूज को जरूरी इनपुट्स के तौर पर बताया है।
पिछले महीने कई Meta कर्मचारियों ने इस प्रोग्राम को “डिस्टोपियन” भी बताया था। वर्कर्स को डर है कि यह टूल पासवर्ड्स और अनरिलीज़्ड प्रोडक्ट डिटेल्स लीक कर सकता है। साथ ही, वे पर्सनल जानकारी को लेकर भी परेशान हैं, जैसे इमिग्रेशन स्टेटस, हेल्थ रिकॉर्ड्स और फैमिली डिटेल्स।
यह पेटीशन भीतर से बढ़ते विरोध पर आधारित है, जो अप्रैल में रोलआउट के बाद से जारी है। 12 मई को फ्लायर्स कैंपेन पहली बार U.S. स्टाफ द्वारा पब्लिक तौर पर इस प्रोग्राम के खिलाफ कोऑर्डिनेटेड एक्शन है।
Meta के कर्मचारियों पर प्रेशर लगातार बढ़ रहा है। चीफ पीपल ऑफिसर Janelle Gale ने अप्रैल के अंत में कहा था कि कंपनी 20 मई को 8,000 लोगों की छंटनी करेगी। यह कदम AI खर्चों से जुड़े एफिशिएंसी ड्राइव का हिस्सा है। साथ ही 6,000 ओपन पोजिशंस भी खाली रहेंगी।
इसी हफ्ते, यूनाइटेड किंगडम में Meta के कर्मचारियों ने एक अलग ऑर्गनाइजिंग इनीशिएटिव की घोषणा की। वे United Tech and Allied Workers यूनियन के साथ मिल कर काम कर रहे हैं।
Meta का कहना है कि उसके सेफगार्ड्स कुछ खास संवेदनशील कंटेंट को कैप्चर होने से रोकते हैं। लेकिन, कंपनी ने इन फिल्टर्स की टेक्निकल डिटेल्स साझा नहीं की हैं। प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि सहमति की शर्तें दबाव में ली जा रही हैं, खासकर जब छंटनी का खतरा मंडरा रहा है।
यह विवाद बड़े AI डेवलपर्स के लिए एक बड़े मुद्दे को उजागर करता है। क्वालिटी ह्यूमन बिहेवियरल डेटा अब कम मिल रहा है और कंपनियां अपनी खुद की वर्कफोर्स से यह गैप भरने का प्रयास कर रही हैं।
क्या 12 मई का विरोध Meta पर इस प्रोग्राम में बदलाव के लिए दबाव डालेगा, यह अभी साफ नहीं है। इसका नतीजा यह दिखा सकता है कि AI-ड्रिवन कॉस्ट-कटिंग साइकिल में कर्मचारियों के पास कितनी ताकत बची है।
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