Bitcoin प्राइस ने पिछले कुछ महीनों में सबसे तेज गिरावट देखी है, लेट-जनवरी के ऑल-टाइम हाई से अब तक इसमें 11% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। प्राइस ने भले ही एक बड़ा टेक्निकल टारगेट छू लिया हो, लेकिन ऑन-चेन और डेरिवेटिव्स डेटा यह इंडीकेट करता है कि मार्केट की करेक्शन अभी खत्म नहीं हुई है।
खरीदार अभी भी सावधान हैं और व्हेल्स ने अपनी एक्सपोजर कम कर दी है। अब सवाल ये है: क्या ये बॉटम है, या प्राइस अभी और नीचे जा सकती है?
Bitcoin की हालिया गिरावट ने एक क्लियर टेक्निकल रोडमैप फॉलो किया।
जनवरी के आखिरी हफ्ते में प्राइस ने “हेड-एंड-शोल्डर” पैटर्न के नीचे ब्रेक किया, जिससे बियरिश रिवर्सल कन्फर्म हो गया। 29 जनवरी को हुए इस ब्रेकडाउन ने $75,130 के आसपास डाउनसाइड टारगेट दिखाया। फरवरी के शुरुआत तक, Bitcoin इस जोन तक पहुंच गया था, जिससे पैटर्न लगभग पूरी तरह वैलिडेट हो गया।
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31 जनवरी के बाद से, Bitcoin करीब 11% तक करेक्ट हो चुका है, ऑल-टाइम हाई से गिरकर $75,000 रेंज में पहुंच गया है। इस मूव से मार्केट में वाइड-रेंज में लिक्विडेशन हुए और पूरे क्रिप्टो मार्केट पर दबाव पड़ा।
ब्रेकडाउन टारगेट हिट होने के बाद कुछ शॉर्ट-टर्म राहत मिल सकती है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि बॉटम पक्का बन गया है। ये लेवल कितना टिकेगा, ये इस बात पर डिपेंड है कि टेक्निकल डैमेज के बाद बायर्स कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।
अभी तक, बायर्स की प्रतिक्रिया काफी कमजोर रही है।
सबसे बड़ा वॉर्निंग साइन ये है कि $75,000 के पास स्ट्रॉन्ग अक्युमुलेशन नहीं दिख रही है।
एक्सचेंज ऑउटफ्लो, जो यह ट्रैक करता है कि कितना Bitcoin ट्रेंडिंग प्लेटफॉर्म्स से लॉन्ग-टर्म स्टोरेज में ट्रांसफर हो रहा है, उसमें तेज गिरावट आई है। 31 जनवरी के आसपास, ऑउटफ्लो करीब 42,400 BTC था। सेल-ऑफ़ के बाद, ये सिर्फ 14,100 BTC रह गया, यानी लगभग 67% की गिरावट।
यह इंडीकेट करता है कि निवेशक फिलहाल डिप में खरीदारी के लिए जल्दीबाजी नहीं कर रहे हैं। यह पहला चेतावनी इंडिकेटर है।
Whale का व्यवहार भी चिंता बढ़ा रहा है, जो दूसरा चेतावनी इंडिकेटर है। जिन वॉलेट्स में 10,000 से 100,000 BTC हैं, वे 1 फरवरी से अपनी पोजिशन कम कर रहे हैं। इनकी कुल BTC होल्डिंग करीब 2.21 मिलियन से घटकर 2.20 मिलियन BTC रह गई है। करीब 10,000 BTC सेल हुए हैं, जिनकी वैल्यू मौजूदा प्राइस के हिसाब से लगभग $750 मिलियन है।
शॉर्ट-टर्म होल्डर NUPL (Net Unrealized Profit/Loss), जो यह बताता है कि हाल में खरीदारों को फायदा है या नुकसान, तीसरा चेतावनी इंडिकेटर है। NUPL फिलहाल करीब -0.23 के पास है, जिससे ट्रेडर्स जाहिर तौर पर कैपिट्युलेशन जोन में हैं। हालांकि, नवंबर के बॉटम के दौरान NUPL लगभग -0.27 तक गया था, इसके बाद अच्छी रिकवरी हुई थी। इसका मतलब है कि पैनिक जरूर है, पर उतना ज्यादा नहीं, जिससे लगता है बॉटम बनने में अभी थोड़ा समय लग सकता है।
कुल मिलाकर, घटती ऑउटफ्लो, whale सेलिंग और अधूरी कैपिट्युलेशन ये दिखाते हैं कि मार्केट में अभी निवेशकों का भरोसा कमजोर है।
स्पॉट बायर्स के सतर्क रहने के कारण, डेरिवेटिव्स मार्केट्स फिलहाल पॉजिटिव मूवमेंट की मुख्य वजह बन गए हैं।
Binance से लिक्विडेशन डाटा दिखाता है कि शॉर्ट लीवरेज लगभग $1.91 बिलियन तक पहुंच गया है, जबकि लॉन्ग पोजिशन घटकर सिर्फ $168 मिलियन पर आ गई है। इससे बियरिश बेट्स का जबरदस्त इम्बैलेंस बन गया है।
जब शॉर्ट पोजीशन्स ज्यादा हो जाती हैं, तो छोटी रैली भी फोर्स्ड बाइंग ट्रिगर कर सकती है। अगर Bitcoin ऊपर जाता है, तो शॉर्ट सेलर्स को अपनी पोजीशन्स बंद करनी पड़ती है, जिससे तेज़ उछाल आ सकती है। इसी वजह से शॉर्ट स्क्वीज़ की संभावना बनती है।
हालांकि, यह हेल्दी डिमांड जैसा नहीं है। लिक्विडेशन के जरिए आने वाली रैली तब तक टिकती नहीं है जब तक असली accumulation ना हो। अगर स्पॉट बाइंग और व्हेल्स की participation मजबूत नहीं रहती, तो कोई भी ऊपर की तरफ़ की मूवमेंट सिर्फ़ temporary रह सकती है। क्योंकि, शॉर्ट स्क्वीज़ के बाद प्राइस ऊपर जाती है, तो ज्यादा लॉन्ग पोजीशन्स खुल सकती हैं, जिससे नीचे जाने का रिस्क बना ही रहता है।
अभी डेरिवेटिव्स सिर्फ वोलैटिलिटी देते हैं, स्टेबिलिटी नहीं। BTC प्राइस को असली में जिस चीज़ की जरूरत है, वह है स्पॉट डिमांड, जो फिलहाल गायब है।
अगर Bitcoin अपने मौजूदा सपोर्ट को होल्ड नहीं कर सका, तो ऑन-चेन और टेक्निकल मॉडल्स साफ डाउनसाइड टार्गेट्स दिखाते हैं।
UTXO Realized Price Distribution (URPD) दिखाता है कि मौजूदा Bitcoin सप्लाई कहां खरीदी गई थी। ऐसे क्लस्टर्स अकसर गिरावट के समय सपोर्ट का काम करते हैं।
सबसे मजबूत नजदीकी URPD क्लस्टर $66,890 के पास है, जहां लगभग 0.95% सप्लाई केंद्रित है।
इसके नीचे, एक और बड़ा क्लस्टर लगभग $63,111 के पास है, जहां करीब 1.14% सप्लाई होल्ड हो रही है। अगर प्राइस गिरती है तो ये ज़ोन बायर्स को आकर्षित कर सकते हैं। ये BTC के लिए सबसे मजबूत नजदीकी ऑन-चेन सपोर्ट हैं।
टेक्निकल नजरिए से देखा जाए तो अगर Bitcoin $75,630–$75,130 के नीचे ब्रेक करता है तो प्राइस $69,500 तक जा सकता है। अगर ये लेवल भी टूटता है तो Bitcoin $66,000–$63,000 की मुख्य क्लस्टर जोन रेंज में आ सकता है। अगर सेल-ऑफ़ ज्यादा गहरा होता है तो $61,840 के पास सपोर्ट मजबूत रहता है। इसलिए, अगर $BTC $75,130 से नीचे जाता है, तो $69,500 महत्वपूर्ण decision zone बन जाता है। और पढ़ें
अगर ऊपर की तरफ रिकवरी की बात करें, तो $79,890 और $84,140 के आसपास resistance है। स्ट्रॉन्ग बुलिश स्ट्रक्चर के लिए प्राइस को $84,140 के ऊपर बने रहना जरूरी है। जब तक ऐसा नहीं होता, डाउनसाइड रिस्क हावी रहेगा।
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