Binance ने अपने Secure Asset Fund for Users (SAFU) से stablecoin-to-Bitcoin के दो $100 मिलियन बैच पूरे कर लिए हैं, जिससे कुल $200 मिलियन का ट्रांसफर हुआ है जो कि इसके $1 बिलियन के टारगेट का 20% है।
ये कन्सर्शन Binance की 30-डे प्लान का हिस्सा हैं, जिसे 30 जनवरी 2026 को अनाउंस किया गया था। इसका मकसद है कि SAFU फंड की reserves को stablecoins से Bitcoin में शिफ्ट करना, साथ ही यूज़र फंड्स के लिए एक प्रोटेक्टिव फ्लोर बनाए रखना।
पहला बैच, 2 फरवरी को अनाउंस और एक्ज़ीक्यूट किया गया था। इसमें 1,350 BTC शामिल थे, जिनकी वैल्यू उस समय करीब $100.7 मिलियन थी, जब Bitcoin लगभग $77,000 पर ट्रेड हो रहा था।
दूसरे बैच की अनाउंसमेंट आज, 4 फरवरी को हुई जिसमें stablecoins के और $100 मिलियन को लगभग 1,349.9 BTC में कन्सर्ट किया गया।
यह सभी कन्सर्शन SAFU फंड के पब्लिकली डिस्क्लोज्ड Bitcoin एड्रेस 1BAuq7Vho2CEkVkUxbfU26LhwQjbCmWQkD पर भेजी गईं।
$200 मिलियन के इनफ्लो के बावजूद, Bitcoin की प्राइस लगभग फ्लैट बनी रही और 4 फरवरी तक करीब $76,300–$76,700 के आसपास मुवमेंट दिखी।
तो, इतनी म्यूटेड रिएक्शन क्यों दिख रही है?
अगर प्लान के हिसाब से इसे कंटिन्यू किया जाए तो, औसतन रोज करीब $33 मिलियन का कन्सर्शन हो रहा है। यह सर्कुलेशन स्लोली इकट्ठा हो रहा है, कोई मार्केट शेकिंग पर्चेज नहीं है।
साथ ही, ऑन-चेन डेटा से पता चलता है कि ज्यादातर कन्सर्शन इंटरनल री-क्लासिफिकेशन है। Binance के मौजूदा BTC होल्डिंग्स को SAFU वॉलेट में ट्रांसफर किया जा रहा है।
यह उसी तरह आक्रामक ओपन-मार्केट खरीदारी नहीं है, जिसमें Binance नए BTC स्पॉट मार्केट से खरीदता और तुरंत प्राइस को ऊपर ले जाता।
यह लॉन्ग-टर्म होल्डिंग के लिए मजबूत कॉन्फिडेंस तो देता है, लेकिन स्पॉट मार्केट्स में तुरंत खरीद दबाव कम ही बनता है।
बाजार की बड़ी ताकतें भी इसमें भूमिका निभाती हैं। 2025 के बाद की करेक्शंस, लिक्विडेशन कैस्केड्स और लगातार चल रही मैक्रो वोलैटिलिटी ने डाउनवर्ड प्रैशर को डोमिनेंट बनाए रखा है। SAFU कंवर्ज़न से आने वाला “buy-the-dip” इफेक्ट भी शायद इसी दबाव से बैलेंस हो गया है।
Binance की SAFU मूव्स स्ट्रक्चर के लिहाज से पोजिटिव हैं, लेकिन ये सीधा quantitative easing (QE) स्टाइल इंटरवेंशन नहीं है।
इस फंड में एक फ्लोर मैकेनिज्म हैः अगर वोलैटिलिटी की वजह से SAFU की वैल्यू $800 मिलियन से नीचे चली जाती है, तो Binance उसे फिर से $1 बिलियन तक बढ़ा देगा, जैसे प्राइस-सपोर्ट स्ट्रैटेजी होती है।
लॉन्ग-टर्म में, यह स्ट्रक्चर्ड एक्यूम्युलेशन Bitcoin में इंस्टीट्यूशनल कॉन्फिडेंस दिखाता है। Binance ने एक ट्रेडिशनली स्टेबल और लो-रिस्क रिजर्व को BTC में बदलकर खुद को एक तरह के “क्रिप्टो सेंट्रल बैंक” के रूप में स्थापित किया है, जो लगातार अपनी रिजर्व्स बढ़ा रहा है और साथ में Bitcoin को रिजर्व असेट के रूप में कमिटमेंट दिखा रहा है।
Twitter (X) पर कम्युनिटी सेंटिमेंट इन मूव्स को “सेंट्रल बैंक-जैसा सपोर्ट” या “स्ट्रक्चरल डिमांड” मान रही है, जिससे संभावित अपसाइड बन सकती है अगर और बैचेज कंवर्ट किए जाते हैं और वोलैटिलिटी कम होती है।
क्योंकि अभी भी SAFU फंड का 80% ($800 मिलियन) कंवर्ट होना बाकी है, ये ग्रैजुअल और प्रेडिक्टेबल इनफ्लो Bitcoin के लिए मजबूत सपोर्ट फ्लोर बना सकते हैं, जिससे डाउनसाइड प्रोटेक्शन मिलेगी और आने वाले हफ्तों में स्टेबल डिमांड बनी रहेगी।
फिलहाल मार्केट रिएक्शन शांत है, लेकिन इस स्ट्रैटजी की स्ट्रक्चरल बुलिशनेस साफ दिखती है, खासकर Binance की हालिया कम्युनिटी प्रॉब्लम्स के बाद।
हालांकि शॉर्ट-टर्म प्राइस पर असर बहुत कम रहा है, चल रही यह स्ट्रैटेजी Bitcoin एक्सपोजर के लिए एक कैलकुलेटेड लॉन्ग-टर्म अप्रोच को दर्शाती है।
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