Bitwise Asset Management के Chief Investment Officer (CIO) Matt Hougan का कहना है कि मार्केट फिलहाल एक क्रिप्टो विंटर से गुजर रहा है।
उनके एनालिसिस के अनुसार, क्रिप्टो विंटर जनवरी 2025 में शुरू हो गया था, लेकिन बड़े इंस्टीट्यूशनल इनफ्लो ने “इस सच्चाई को छुपा दिया,” जिससे डाउनटर्न की गहराई सामने नहीं आई। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि यह विंटर कब तक चलेगा?
हाल ही में एक मार्केट कमेंट्री में, Hougan ने यह कहने से इनकार किया कि हाल की प्राइस वीकनेस केवल एक अस्थायी पुलबैक है। उन्होंने मौजूदा माहौल को एक “असली क्रिप्टो विंटर” बताया, जिसमें प्रमुख एसेट्स में तीव्र गिरावट देखने को मिली है।
उन्होंने बताया कि Bitcoin (BTC) अब ट्रेड हो रहा है अपने अक्टूबर 2025 के ऑल-टाइम हाई से लगभग 39% नीचे। वहीं, Ethereum (ETH) लगभग 53% गिर चुका है। बहुत सारे altcoins इससे भी ज्यादा नीचे आ चुके हैं।
उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूशनल डिमांड ने इस डाउनटर्न को छुपाने में बड़ी भूमिका निभाई। Bitwise 10 Large Cap Crypto Index के आंकड़ों का इस्तेमाल करते हुए, Hougan ने एक स्पष्ट डिवाइड दिखाया।
ऐसे एसेट्स जिनको मजबूत इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट मिला, जैसे Bitcoin, Ethereum, और XRP (XRP) ने जनवरी 2025 से लेकर अब तक थोड़ी-बहुत ही गिरावट देखी है। वहीं, जिन टोकन्स को 2025 में ETF एक्सेस मिला, जैसे Solana (SOL), Chainlink (LINK) और Litecoin (LTC), उनकी गिरावट और ज्यादा रही।
फिर भी, जिन एसेट्स को कोई इंस्टीट्यूशनल एक्सपोजर नहीं मिला, वो करीब 60% से 75% तक गिर गए। उनके मुताबिक,
इसी पीरियड में, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) और Digital Asset Treasuries (DAT) ने 744,000 से ज्यादा Bitcoin जमा किए, जिनकी वैल्यू लगभग $75 बिलियन है। Hougan का कहना है कि अगर ये इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट नहीं होता, तो Bitcoin की गिरावट और भी ज्यादा हो सकती थी।
Hougan ने भी एक अहम सवाल का जवाब दिया है, जो कई मार्केट पार्टिसिपेंट्स पूछ रहे हैं: आखिर क्रिप्टो प्राइस पॉजिटिव घटनाओं के बावजूद लगातार क्यों गिर रहे हैं, जैसे इंस्टीट्यूशनल एडॉप्शन बढ़ना, रेग्युलेटरी प्रोग्रेस और वॉल स्ट्रीट की वाइडर एक्सेप्टेंस?
उनका जवाब काफी सीधा था। क्रिप्टो विंटर की गहराई में, अच्छी खबरों का आमतौर पर प्राइस पर तुरंत कोई खास असर नहीं पड़ता।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पॉजिटिव घटनाओं को अक्सर बियर मार्केट्स के दौरान इग्नोर कर दिया जाता है, लेकिन ये गायब नहीं होतीं। इसके बजाय, ये “पोटेंशियल एनर्जी” की तरह जमा हो जाती हैं, जो सेंटीमेंट सुधरने पर रिकवरी की वजह बनती हैं।
Hougan ने कई फैक्टर्स की ओर इशारा किया, जो मार्केट सेंटीमेंट को पॉजिटिव बना सकते हैं, जैसे मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ जिससे रिस्क-ऑन रैली ट्रिगर हो, Clarity Act से जुड़ा कोई पॉजिटिव सरप्राइज, या Bitcoin के सॉवरेन एडॉप्शन के संकेत, या बस समय का बीतना।
इतिहासिक साइकल्स को देखते हुए, Hougan का कहना है कि क्रिप्टो विंटर लगभग 13 महीने चलते हैं। अगर मौजूदा विंटर सच में जनवरी 2025 में शुरू हुआ, तो हो सकता है अब इसका अंत करीब हो।
उन्होंने ये भी कहा कि डिप्रेशन और सुस्ती का माहौल अक्सर क्रिप्टो विंटर के आखिरी फेज की पहचान होता है और मौजूदा करेक्शन के दौरान क्रिप्टो की फंडामेंटल चीजों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
Hougan ने जहां बियर मार्केट की शुरुआत जनवरी 2025 से मानी है, वहीं सभी एनालिस्ट इससे सहमत नहीं हैं। Julio Moreno, CryptoQuant के रिसर्च हेड ने एसेट परफॉर्मेंस में डिफरेंस को इंस्टीट्यूशनल एक्सपोजर के कारण बताया, लेकिन टाइमलाइन से असहमति जताई।
शुरुआत की तारीख काफी मायने रखती है। इतिहास में, क्रिप्टो विंटर करीब 13 महीने चलता है। अगर डाउनटर्न जनवरी 2025 में शुरू हुआ था, तो स्प्रिंग रिकवरी करीब है। अगर Moreno सही हैं और मार्केट ने नवंबर 2025 में पीक छुआ था, तो बियर फेज आगे भी जारी रहेगा।
रिकवरी 2026 की शुरुआत में आती है, जैसा कि Hougan का अनुमान है, या Moreno के मुताबिक Q3 तक टलती है, यह तो समय बताएगा। लेकिन इतना ज़रूर साफ है कि मार्केट गहरे डाउनटर्न में है।
इतिहास यह दर्शाता है कि ये फेज़ सिर्फ एक ही catalist से खत्म नहीं होते, बल्कि समय के साथ धीरे-धीरे खत्म होते हैं। अगर पुराने cycles को देखें, तो अगली रिकवरी की बुनियाद शायद अभी अंदर ही अंदर बन रही हो सकती है।
The post Bitwise CIO का दावा, क्रिप्टो विंटर 2025 में शुरू हुआ था, अब सवाल है कब खत्म होगा appeared first on BeInCrypto Hindi.

