MicroStrategy पर एक बार फिर से मार्केट का दबाव आ गया है क्योंकि Bitcoin $60,000 तक गिर गया है। इससे कंपनी का बड़ा क्रिप्टो ट्रेजरी अपनी औसत खरीद कीमत से और नीचे चला गया है और बैलेंस-शीट जोखिम को लेकर चिंता फिर से बढ़ गई है।
जैसे ही Bitcoin का सेल-ऑफ़ और बढ़ा, MicroStrategy के शेयरों में तेज गिरावट आई, जो कि क्रिप्टोकरेंसी के लिए लीवरेज्ड प्रॉक्सी की तरह काम करता है। शेयर की इस गिरावट के साथ ही कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन, उसके पास मौजूद Bitcoin होल्डिंग्स की वैल्यू से भी नीचे चला गया। यह उनकी ट्रेजरी मॉडल के लिए एक अहम स्ट्रेस सिग्नल है।
MicroStrategy के पास लगभग 713,500 Bitcoin हैं, जिन्हें कंपनी ने औसतन $76,000 प्रति कॉइन की कीमत पर खरीदा था।
अब जब Bitcoin करीब $60,000 पर ट्रेड कर रहा है, कंपनी की होल्डिंग्स अपनी कॉस्ट बेसिस से लगभग 21% नीचे है, जिससे अरबों $ की अनरियलाइज्ड लॉसेस हो रही हैं।
भले ही ये लॉसेस अनरियलाइज्ड हैं और कंपनी को फौरन अपने एसेट्स बेचना जरूरी नहीं है, लेकिन इससे MicroStrategy की इक्विटी स्टोरी पर सीधा असर पड़ता है।
इस ड्रॉडाउन की वजह से इन्वेस्टर्स का फोकस लॉन्ग-टर्म असेट acumulation से हटकर शॉर्ट-टर्म फाइनेंशियल रिसाइलियंस पर आ गया है।
MicroStrategy की एक और तुरंत चिंता मार्केट नेट एसेट वैल्यू (mNAV) है, जो अब लगभग 0.87x पर आ गई है। इसका मतलब यह है कि अब स्टॉक, उसकी बैलेंस शीट पर मौजूद Bitcoin की वैल्यू से भी सस्ते में ट्रेड हो रहा है।
यह छूट इसलिए मायने रखती है क्योंकि MicroStrategy की रणनीति बहुत हद तक प्रीमियम पर इक्विटी जारी करके अधिक Bitcoin खरीदने के लिए फंड जुटाने पर निर्भर करती है।
अब जब प्रीमियम नहीं है, तो नए शेयर जारी करना फायदेमंद की बजाय डाइल्यूटिव होगा, जिससे कंपनी की प्राइमरी ग्रोथ रणनीति लगभग रुक जाएगी।
इस दबाव के बावजूद, स्थिती अभी सॉल्वेंसी संकट नहीं है। MicroStrategy ने पिछले दो सालों में इक्विटी जारी करके लगभग $18.6 बिलियन जुटाए, वो भी ज्यादातर अपनी नेट एसेट वैल्यू के प्रीमियम पर।
ये कैपिटल रेज़ फेवरेबल मार्केट कंडीशंस में हुए थे और कंपनी को ज्यादा डाइल्यूशन के बिना अपनी मौजूदा Bitcoin होल्डिंग बनाने में मदद मिली।
खास बात यह है कि कंपनी के कर्ज की मैच्योरिटी लंबी है और मौजूदा Bitcoin स्पॉट प्राइस पर कोई डायरेक्ट मार्जिन-कॉल मैकेनिज्म नहीं है।
MicroStrategy अब एक्सपैंशन फेज़ से डिफेंसिव मोड में आ गया है।
अगर Bitcoin अपनी लागत से काफी नीचे लंबे वक्त तक रहता है, mNAV दबा रहता है और कैपिटल मार्केट्स बंद रहते हैं — तो कैटस्ट्रॉफिक रिस्क बहुत बढ़ जाएगा।
ऐसी स्थिती में, रीफाइनेंसिंग मुश्किल हो जाएगी, डाइल्यूशन का रिस्क बढ़ेगा और इनवेस्टर्स का कॉन्फिडेंस भी और गिर सकता है।
अभी के लिए, MicroStrategy solvency की स्थिति में है। लेकिन अब गलती की गुंजाइश काफी कम हो गई है, जिससे कंपनी Bitcoin के मार्केट cycle के अगले फेज में ज्यादा जोखिम में आ गई है।
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