Ripple ने Figment और Securosys के साथ दो नई पार्टनरशिप्स का ऐलान किया है, ताकि अपने इंस्टिट्यूशनल डिजिटल एसेट कस्टडी सॉल्यूशन Ripple Custody की क्षमताओं को और बढ़ाया जा सके।
यह साफ है कि Ripple फिलहाल अपनी पेमेंट, कस्टडी, और staking सर्विसेज को इंस्टिट्यूशंस के लिए परफेक्ट करने की रेस में है। हालांकि, रियल-वर्ल्ड एडॉप्शन और प्राइस में अभी तक कोई बड़ी ब्रेकथ्रू नजर नहीं आया है।
Ripple ने कहा है कि ये पार्टनरशिप्स बनी हैं ताकि रेग्युलेटेड इंस्टिट्यूशंस के लिए कस्टडी सर्विसेज को लेना आसान हो, और उनकी डिप्लॉयमेंट को फास्ट किया जा सके। ये कदम Palisade के अधिग्रहण और Chainalysis के कंप्लायंस टूल्स के इंटीग्रेशन के ठीक बाद आया है, जिससे Ripple ने अपनी कस्टडी स्टैक को भी टॉप लेवल पर पहुंचाया।
Figment के साथ हुई पार्टनरशिप का हिस्सा बनकर Ripple अब staking की सुविधा लाएगा। इसका मतलब है कि इंस्टिट्यूशनल क्लाइंट्स बिना अपना खुद का वैलिडेटर इंफ्रास्ट्रक्चर चलाए, अपने कस्टमर्स को staking सर्विस दे सकेंगे।
यह इंटीग्रेशन बैंकों, कस्टोडियंस, और उन रेग्युलेटेड संस्थाओं के लिए है जो Proof-of-Stake नेटवर्क्स में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन साथ ही इंस्टिट्यूशनल लेवल की सिक्योरिटी और गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स भी बनाए रखना चाहते हैं।
Figment के इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए, Ripple Custody क्लाइंट्स Ethereum (ETH) और Solana (SOL) जैसी प्रमुख नेटवर्क्स पर भी staking को सपोर्ट कर पाएंगे।
इसके अलावा, Ripple ने Securosys के साथ पार्टनरशिप की है, ताकि Ripple Custody की सिक्योरिटी लेयर को और मजबूत बनाया जा सके। इस कोलैबरेशन में CyberVault HSM और CloudHSM के लिए सपोर्ट शामिल किया गया है। अब इंस्टिट्यूशन्स HSM-बेस्ड कस्टडी अपनी लोकेशन पर या क्लाउड में, जहां चाहे वहां डिप्लॉय कर सकते हैं।
Ripple के मुताबिक, Securosys का इंटीग्रेशन खासतौर पर HSM एडॉप्शन से जुड़ी पुरानी चुनौतियों को हल करने के लिए है। इसमें कॉस्ट, कॉम्प्लेक्सिटी और स्लो प्रोसीजर जैसी दिक्कतें शामिल हैं।
Ripple ने ये भी बताया कि Securosys को जोड़ने से उनके कस्टडी प्लेटफॉर्म पर HSM प्रोवाइडर्स का दायरा और बड़ा हो गया है। इससे मुल्टिपल रेग्युलेटरी इनवायरनमेंट्स में ऑपरेट कर रही इंस्टिट्यूशंस को ज्यादा फ्लेक्जिबिलिटी मिलती है।
जैसे-जैसे Ripple अपनी इंस्टिट्यूशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहा है, XRP Ledger के ऑन-चेन मैट्रिक्स दर्शाते हैं कि एडॉप्शन अब भी मिडियम स्तर पर है। DeFiLlama के डेटा के अनुसार, XRPL में टोटल वैल्यू लॉक्ड (TVL) जनवरी की शुरुआत में करीब $80 मिलियन थी, जो अब घटकर लगभग $49.6 मिलियन रह गई है। यह नेटवर्क पर DeFi एक्टिविटी में कमी को दर्शाती है।
Stablecoin डेटा भी इसी तरह की धीमी रफ्तार को इंडिकेट करता है। DeFiLlama के आंकड़ों के अनुसार, XRPL पर टोटल stablecoin मार्केट कैप लगभग $415.85 मिलियन है। इससे साफ है कि ग्रोथ स्टेबल लेकिन लिमिटेड है।
हालांकि, Ripple की ज्यादा फोकस custody, settlement और permissioned फाइनेंशियल यूज़ केस पर है, जो हमेशा ट्रेडिशनल DeFi मैट्रिक्स जैसे TVL में नहीं दिखते हैं।
ध्यान देने वाली बात है कि अभी तक इंस्टिट्यूशनल यूज़ केस के बढ़ने का XRP की मार्केट परफॉर्मेंस पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।
XRP लगभग पिछले 1 महीने में 32% तक गिरा है और यह पूरी मार्केट के डाउनट्रेंड को फॉलो कर रहा है। लेख लिखने के समय XRP की ट्रेंडिंग प्राइस $1.44 थी, जो पिछले 24 घंटों में 0.66% डाउन है।
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