Bitcoin को फिर से मैक्रो प्रेशर का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि हाल ही में आए US जॉब्स रिपोर्ट ने उम्मीद से ज्यादा मजबूत लेबर मार्केट का संकेत दिया है। इससे Treasury यील्ड्स ऊपर गई हैं और निकट भविष्य में Federal Reserve द्वारा रेट कट की संभावना कम हो गई है।
US इकोनॉमी ने जनवरी में 130,000 जॉब्स जोड़े, जोकि एक्सपेक्टेशंस से लगभग दोगुना है। साथ ही, बेरोजगारी दर घटकर 4.3% हो गई है, जो यह दिखाता है कि लेबर मार्केट लगातार मजबूत बना हुआ है।
हालांकि स्ट्रॉन्ग एम्प्लॉयमेंट ब्रॉडर इकोनॉमी के लिए पॉजिटिव है, लेकिन यह Bitcoin जैसे रिस्क एसेट्स के आउटलुक को और जटिल बना देता है।
मार्केट्स संभावित रेट कट की उम्मीद कर रहे थे, क्योंकि ग्रोथ को लेकर चिंता थी। लेकिन, मजबूत लेबर मार्केट की वजह से Monetary Easing की तुरंत जरूरत नहीं रह गई है।
इसी वजह से, इन्वेस्टर्स ने Federal Reserve policy की उम्मीदों को दोबारा सेट किया है।
Bond मार्केट्स ने तुरंत रिएक्ट किया है। US 10-year Treasury yield 4.2% लेवल की ओर पहुंच गया, रिपोर्ट के बाद कुछ बेसिस पॉइंट्स ऊपर चला गया। दो साल की यील्ड भी बढ़ी है, जिससे शॉर्ट-टर्म कट्स की संभावना कम होती दिख रही है।
हायर यील्ड्स फाइनेंशियल कंडीशन्स को टाइट कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में उधारी महंगी हो जाती है और रिस्क एसेट्स का वैल्यूएशन डिस्काउंट रेट ऊपर हो जाता है।
Bitcoin लिक्विडिटी कंडीशन्स के लिए काफी सेंसिटिव है। जब Treasury यील्ड्स ऊपर जाती हैं, तब कैपिटल अधिक सुरक्षित, यील्ड जनरेटिंग एसेट्स जैसे कि गवर्नमेंट बॉंड्स की ओर शिफ्ट होता है।
साथ ही, मजबूत डॉलर भी अक्सर बढ़ती यील्ड्स के साथ आता है। मजबूत डॉलर से ग्लोबल लिक्विडिटी कम होती है और स्पेकुलेटिव एसेट्स का अट्रैक्शन घटता है।
यह कंबिनेशन क्रिप्टो मार्केट्स के लिए सिरदर्द बनाता है।
हालांकि Bitcoin ने इस सप्ताह की शुरुआत में $70,000 लेवल के पास थोड़ी स्थिरता दिखाई थी, लेकिन जॉब्स डेटा से नई वोलैटिलिटी आने का रिस्क बढ़ गया है। जब तक Fed की तरफ से पॉलिसी में राहत का कोई क्लियर सिग्नल नहीं मिल जाता, लिक्विडिटी टाइट बनी रहेगी।
हाल की गिरावट ने दिखाया है कि Bitcoin अब मैक्रो बदलावों के लिए कितना सेंसिटिव हो गया है। बड़े ETF इनफ्लो, इंस्टीट्यूशनल हेजिंग और लीवरेज्ड पोजिशनिंग, जब फाइनेंशियल कंडीशन्स टाइटन होती हैं, तो मूवमेंट्स को तेजी से बढ़ा सकते हैं।
मजबूत लेबर मार्केट का मतलब यह नहीं है कि Bitcoin जरूर गिरेगा। लेकिन यह एक अहम बुलिश ट्रिगर को डायल्यूट करता है: आसान Monetary Policy की उम्मीद।
अमेरिका से आयी ताज़ा जॉब्स रिपोर्ट “हायर-फॉर-लॉन्गर” रेट एनवायरनमेंट को फोर्स करती है।
Bitcoin के लिए ये तुरंत कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है। लेकिन इससे लॉन्ग-टर्म में अपवर्ड मूवमेंट थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
जब तक लिक्विडिटी में सुधार नहीं होता या यील्ड्स नीचे नहीं आतीं, तब तक मैक्रो बैकड्रॉप क्रिप्टो मार्केट्स के लिए सपोर्टिव कम और कॉशस ज्यादा बन गया है।
The post US Jobs Data ने Bitcoin के लिए चिंता क्यों बढ़ाई appeared first on BeInCrypto Hindi.
