Quantum computing के रिस्क, Bitcoin (BTC) की गोल्ड के मुकाबले वैल्यूएशन पर असर डाल रहे हैं, ऐसा एनालिस्ट Willy Woo का कहना है।
Quantum computing के विकास ने टेक और फाइनेंशियल सेक्टर्स में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि भविष्य में इसके द्वारा मौजूदा एन्क्रिप्शन स्टैंडर्ड कमजोर हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल ऐसी capabilities जल्द नहीं आने वाली हैं, लॉन्ग-टर्म खतरे ने Bitcoin की सिक्योरिटी मॉडल और मार्केट्स में उस अनिश्चितता की प्राइसिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Woo का मानना है कि पिछले 12 सालों से जो Bitcoin की गोल्ड के मुकाबले जबरदस्त परफॉर्मेंस थी, वो अब टूट चुकी है और इसके पीछे खास कारण quantum computing की बढ़ती अवेयरनेस है।
Bitcoin की सिक्योरिटी elliptic curve cryptography (ECDSA over secp256k1) पर डिपेंड करती है। अगर future में कोई बेहद advanced quantum computer, Shor’s algorithm के साथ, उपलब्ध हो जाता है तो वो theoretically public keys से private keys निकाल सकता है और ऑन-चेन एड्रेस से जुड़े फंड्स को खतरे में डाल सकता है।
अभी तो ये टेक्नोलॉजी Bitcoin की एन्क्रिप्शन नहीं तोड़ सकती, लेकिन Woo के मुताबिक एक बड़ा खतरा ये है कि quantum breakthroughs की वजह से लगभग 4 मिलियन “lost” BTC फिर से एक्टिव हो सकते हैं। अगर ये कॉइन्स दोबारा सर्क्युलेशन में आ जाते हैं, तो Bitcoin की सप्लाई बढ़ जाएगी।
Woo ने समझाया कि MicroStrategy जैसी कंपनियां और स्पॉट Bitcoin ETFs ने अब तक लगभग 2.8 मिलियन BTC जमा किए हैं। अगर 4 मिलियन खोए हुए कॉइन्स वापस आ जाते हैं, तो ये आंकड़ा काफी ज्यादा है, करीब आठ साल की एंटरप्राइज-लेवल की accumulation के बराबर।
उन्होंने स्वीकार किया कि Bitcoin शायद किसी भी विश्वसनीय अटैक के संभव होने से पहले quantum-resistant सिग्नेचर्स एडॉप्ट कर लेगा। हालांकि, क्रिप्टोग्राफी को अपग्रेड करना अपने-आप इन कॉइन्स की स्थिति को हल नहीं करेगा।
Woo के एनालिसिस का यह मतलब नहीं है कि quantum अटैक्स तुरंत होने वाले हैं। इसके बजाय, यह quantum कंप्यूटिंग को एक लॉन्ग-टर्म फैक्टर के तौर पर देखता है जिसे Bitcoin के रिलेटिव वैल्यूएशन में, खासकर सोने के मुकाबले, शामिल किया गया है।
इसी बीच, Capriole Investments के फाउंडर Charles Edwards ने यह बताया कि quantum रिस्क मार्केट बिहेवियर पर किस तरह असर डाल रहा है। Edwards के मुताबिक, quantum थ्रेट से जुड़ी चिंताएं Bitcoin का प्राइस गिरने की एक मुख्य वजह हो सकती हैं।
Quantum थ्रेट अब असली पोर्टफोलियो मूव्स को भी प्रभावित कर रही है। Jefferies के स्ट्रैटेजिस्ट Christopher Wood ने quantum चिंता की वजह से Bitcoin की 10% अलोकेशन को गोल्ड और माइनिंग स्टॉक्स के फेवर में कम कर दिया। यह दर्शाता है कि इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स quantum कंप्यूटिंग को एक बड़ा रिस्क मानते हैं, न कि कोई दूर की संभावना।
The post Quantum Computing का असर Bitcoin वैल्यूएशन पर पड़ सकता है, जानें कैसे appeared first on BeInCrypto Hindi.

