Bitcoin हाल के सेशंस में अपवर्ड मोमेंटम हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है। प्राइस अनिश्चित मैक्रो परिस्थितियों के कारण रेंज-बाउंड बना हुआ है। इक्विटी मार्केट्स और रेट एक्सपेक्टेशंस में वोलैटिलिटी ने रिकवरी की कोशिशों को रोक दिया है।
शॉर्ट-टर्म सिग्नल्स में मिलाजुला रुझान है, ऐसे में ध्यान अब लॉन्ग-टर्म होल्डर्स (LTHs) पर है। ये ग्रुप ऐतिहासिक तौर पर Bitcoin के बड़े रिवर्सल्स में अहम रोल निभाता आया है। उनका व्यवहार अभी यह संकेत देता है कि क्या BTC टर्निंग पॉइंट के करीब है।
LTH CBD Heatmap $65,000 से ऊपर भारी सप्लाई डेंसिटी को दिखाता है। यह क्लस्टर 2024 की पहली छमाही के एक्युमुलेशन रेंज में है। इसी जोन ने हाल की सेल-ऑफ़ प्रेशर को कई बार अब्जॉर्ब किया है। यहां मजबूत डिमांड से यह साफ है कि अनुभवी Bitcoin होल्डर्स की कड़ी पकड़ बनी हुई है।
यह सपोर्ट बैंड पुलबैक के दौरान बफर की तरह काम करता है। बीते कंसोलिडेशन फेज में इकट्ठा हुआ कैपिटल अब भी लगभग इनएक्टिव है। जब तक यह स्ट्रक्चर मजबूत है, बड़ा डिस्ट्रिब्यूशन संभव नहीं लगता।
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अगर प्राइस इस रेंज से decisively नीचे चला गया, तो नरेटिव बदल सकता है। इससे Bitcoin के Realized Price, जो इस वक्त करीब $54,000 है, तक जाने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, जब तक LTH सप्लाई स्थिर है, तब तक ऐसी गिरावट की संभावना कम है। डेटा ये दिखाता है कि होल्डर्स फिलहाल कैपिट्युलेशन की तैयारी नहीं कर रहे हैं।
Long-Term Holder Net Unrealized Profit and Loss (NUPL) में हाल ही में गिरावट आई है। यह मेट्रिक लॉन्ग-टर्म वॉलेट्स में कुल नॉन-रियलाइज्ड गेन को मापता है। NUPL गिरने से इस BTC ग्रुप की प्रॉफिटेबिलिटी घटती है जो दिखाती है।
इतिहास बताता है कि जब NUPL लंबे समय तक गिरता है, तो इसका संबंध गहरे प्राइस करेक्शंस से होता है। ऐसा पैटर्न फरवरी 2020 और जून 2022 में भी नजर आया था। उस दौरान प्रॉफिटेबिलिटी कमजोर होने से बड़ी कैपिट्युलेशन इवेंट्स हुई थीं।
इस बार का cycle अलग नजर आ रहा है। Institutional flows और spot Bitcoin ETF का सपोर्ट structural डिमांड को और मजबूत कर रहा है। रेगुलेटेड products से लगातार inflows मार्केट में stability लाते हैं। इसलिए, LTHs अब कम प्रोफिट होने के बावजूद अपनी पोजिशन छोड़ने के इतने इच्छुक नहीं हैं।
HODLer Net Position Change डेटा दिखाता है कि Bitcoin LTHs accumulating कर रहे हैं, बेच नहीं रहे। ये जो metric में हरे bar बढ़ रहे हैं, ये इंडीकेट करते हैं किकॉइन्स लॉन्ग-टर्म स्टोरेज में ट्रांसफर हो रहे हैं। ये पॉजिटिव संकेत है क्योंकि LTHs का accumulation लंबे समय तक बना रहता है, जबकि STHs छोटे प्रॉफिट में ही कॉइन्स बेच देते हैं।
LTH वॉलेट्स में लगातार inflow इस ट्रेंड को मजबूत करता है। अनिश्चितता में भी accumulation डाउनसाइड मोमेंटम को धीमा कर सकता है और अगर यह पैटर्न जारी रहा तो Bitcoin प्राइस रिकवरी के लिए मजबूत बेस तैयार हो सकता है।
Bitcoin फिलहाल $68,282 पर ट्रेड कर रहा है। अभी का मुख्य शॉर्ट-टर्म टारगेट $70,000 लेवल को फिर से पाना है। यह एक साइकोलॉजिकल बैरियर है, जो करीब दस दिनों से अपसाइड रोक रहा है।
$68,342 सपोर्ट लेवल शॉर्ट-टर्म में काफी जरूरी है। इस जोन का मजबूत डिफेंस BTC को $70,610 रेसिस्टेंस को चैलेंज करने में मदद कर सकता है। यदि ब्रेकआउट कन्फर्म होता है तो प्राइस $73,499 या इससे ऊपर भी जा सकती है, अगर मोमेंटम बढ़ता है।
विपरीत मैक्रो परिस्थितियों में डाउनसाइड रिस्क बना हुआ है। अगर $65,158 के नीचे ब्रेक होता है, तो मौजूदा स्ट्रक्चर कमज़ोर पड़ सकता है। इस सपोर्ट को खोने से Bitcoin को और गहरा रिट्रेसमेंट देखने को मिल सकता है। ऐसी स्थिति में, प्राइस Realized Price के पास $58,000 की ओर जा सकता है।
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