ग्लोबल मार्केट्स में मिडिल ईस्ट में बढ़ती जियोपोलिटिकल तनाव के चलते तेज़ रिएक्शन दिख रहा है, क्योंकि रिपोर्ट्स का कहना है कि US अब सीधे तौर पर Iran के साथ सैन्य टकराव के करीब पहुंच सकता है।
गोल्ड और सिल्वर जैसे सेफ-हेवन एसेट्स ऊपर जा रहे हैं, ऑयल के दाम सप्लाई को लेकर डर के कारण बढ़ रहे हैं, और Bitcoin नीचे जा रहा है क्योंकि ट्रेडर्स रिस्क-सेंसिटिव एसेट्स से दूरी बना रहे हैं।
हाल ही की इंटेलिजेंस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोई भी संभावित संघर्ष सीमित स्ट्राइक नहीं होगा। अगर हमला शुरू हुआ तो यह वाइडर, कई हफ्तों तक चलने वाला कैंपेन बन सकता है, जिससे कॉमोडिटीज, इक्विटीज और क्रिप्टो में लॉन्ग-टर्म वोलैटिलिटी का डर बढ़ गया है।
Axios के analysis के अनुसार, ऐसे सबूत बढ़ रहे हैं कि कॉन्फ्लिक्ट कभी भी शुरू हो सकता है। रिपोर्ट में दावा है कि Israel “कुछ ही दिनों में जंग” के लिए तैयार है, जिसमें “कई हफ्तों तक चलने वाली ‘full-fledged’ war” और US–Israeli मिलकर पिछली ऑपरेशन्स से भी ज्यादा वाइड कैंपेन शुरू कर सकते हैं।
उसी रिपोर्ट में बताया गया है कि US की रिजन में अभी “2 एयरक्राफ्ट कैरियर्स, 12 वॉरशिप्स, सैकड़ों फाइटर जेट्स और कई एयर डिफेंस सिस्टम” हैं। इसके अलावा 150 से ज्यादा कार्गो फ्लाइट्स वेपन्स और एम्युनिशन ला चुकी हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस न्यूज़ के बाद ऑयल प्राइस $64 प्रति बैरल के पार चला गया।
अलग-अलग कमेंट्री में भी ऐसा बताया गया है कि US एक बड़े स्तर के संघर्ष के बिलकुल करीब है, जहां न्यूक्लियर नेगोशिएशन्स रुकी हुई हैं और मिलिट्री प्रजेंस के बढ़ने से कभी भी कार्रवाई शुरू हो सकती है।
एस्सेसमेंट के मुताबिक अगर डिप्लोमेसी फेल हुई तो कुछ हफ्तों के भीतर स्ट्राइक हो सकती है। Donald Trump के एडवाइज़र्स लगातार बातचीत में लगे हैं, लेकिन अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है।
ग्लोबल कमोडिटी मार्केट्स को जियोपोलिटिकल रिस्क प्रीमियम के बढ़ने का सबसे तेज़ फायदा मिल रहा है।
मार्केट मूव पर नजर रखने वाले एनालिस्ट्स ने बताया कि जैसे-जैसे टेंशन बढ़ा, गोल्ड, सिल्वर और ऑयल सभी में बढ़त आई है। सिल्वर ने मेजर एसेट्स में सबसे दमदार मुनाफा दिखाया।
Oil मार्केट्स भी Strait of Hormuz में डिसरप्शन की संभावना पर रिएक्ट कर रहे हैं, जहां से लगभग एक-पांचवें ग्लोबल Oil सप्लाई ट्रांसफर होती है।
इस रूट पर रिस्क का अंदेशा भी अक्सर प्राइस में तेज़ उछाल पैदा करता है, जिससे एनर्जी मार्केट्स में वोलटिलिटी और ज्यादा बढ़ जाती है।
जहां ट्रेडिशनल सेफ हेवन एसेट्स ऊपर गए, वहीं cryptocurrencies ने विपरीत दिशा ली। Bitcoin जरूरी सपोर्ट $67,014 के नीचे गिर गया और $66,384 पर ट्रेड कर रहा था।
यह फर्क, जिसमें Bitcoin गिरा और Gold, Silver, व Oil में तेजी दिखी, एडवांस इन्वेस्टर सेंटिमेंट में एक बड़े रिस्क-ऑफ शिफ्ट को दर्शाता है।
यह फर्क ज्यो-पॉलिटिकल स्ट्रेस के समय दिखने वाले पैटर्न को हाइलाइट करता है: सबसे पहले कैपिटल कमोडिटी और कैश जैसे इंस्ट्रूमेंट में फ्लो होता है, फिर इसके बाद हाई-बेटा एसेट्स जैसे कि crypto में वापसी आती है।
इस सबके बावजूद, कुछ एनालिस्ट्स को अब भी यकीन नहीं है कि पूरी तरह युद्ध छिड़ेगा। Nigerian टेक एंटरप्रेन्योर Mark Essien ने कहा कि लंबा संघर्ष पहले की तुलना में कहीं ज्यादा जटिल होगा।
Essien के मुताबिक, Iran की ड्रोन क्षमता और संभावित विद्रोह हालात को जल्द सुलझाना मुश्किल बना सकते हैं। वहीं US में घरेलू विरोध भी देखने को मिल रहा है।
साथ ही, जियोपॉलिटिकल रिस्क सिर्फ दोनों देशों के बीच सीमित नहीं रह गया है। डिफेंस एनालिस्ट्स द्वारा बताई गई रिपोर्ट्स के मुताबिक, China ईरान को इंटेलिजेंस और नेविगेशन सपोर्ट दे सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र का स्ट्रेटेजिक बैलेंस और पेचीदा हो सकता है।
शांति वार्ता जारी है लेकिन बड़ी सफलता के संकेत कम हैं, इसलिए मार्केट्स लॉन्ग-टर्म अनिश्चितता के लिए तैयार हो रही हैं। ट्रेडर्स अब यह मानकर चल रहे हैं कि कोई भी सैन्य कार्रवाई हालिया संघर्षों से कहीं ज्यादा बड़ी, लंबी और डिस्टर्ब करने वाली हो सकती है।
इसी वजह से, कमोडिटीज़ में डर दिख रहा है, क्रिप्टोकरेंसी में सतर्कता झलक रही है, और ग्लोबल इन्वेस्टर्स डिप्लोमैटिक डेवलपमेंट्स पर करीबी नजर रखे हुए हैं।
डिप्लोमेसी चलेगी या टेंशन और बढ़ेगा, इसी से ऑयल और गोल्ड के साथ-साथ ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स की अगली बड़ी ट्रेंड तय हो सकती है।
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