जहां COMEX पर सिल्वर इन्वेंटरी लगातार घट रही है, वहीं Binance का नया लॉन्च हुआ गोल्ड और सिल्वर पर्पेचुअल फ्यूचर्स कुछ ही हफ्तों में $70 बिलियन का ट्रेडिंग वॉल्यूम पार कर चुका है।
मेटल्स और क्रिप्टो डेरिवेटिव्स मार्केट में तेज़ मेल-जोल से यह संकेत मिलता है कि अब प्रीशियस मेटल्स में 24/7 सिन्थेटिक एक्सपोजर की डिमांड बहुत तेज़ी से बढ़ रही है।
फिजिकल Silver की सप्लाई टाइट, 24/7 derivatives की मांग crypto और metals मार्केट्स में तेजBinance ने अपने XAU/USDT और XAG/USDT पर्पेचुअल कॉन्ट्रैक्ट्स पर $70 बिलियन से ज़्यादा का ट्रेडिंग वॉल्यूम रिकॉर्ड किया है।
यह दिखाता है कि कभी भी, ऑन-चेन गोल्ड और सिल्वर के प्राइस मूवमेंट्स तक पहुंचने की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि ट्रेडर्स ट्रेडिशनल मार्केट-ऑवर की लिमिटेशन से बचते हुए मेटल्स में एक्सपोजर लेने के लिए अब तेजी से क्रिप्टो नेटिव प्लेटफॉर्म्स को चुन रहे हैं।
इसी समय, फिजिकल सिल्वर की डाइनैमिक्स भी टाइट हो चुकी है। सिल्वर बैकिंग फ्यूचर्स लगातार गिर रहे हैं, और मार्च से मई तक का कॉन्ट्रैक्ट रोल 30 मिलियन आउंसेस प्रति दिन तक पहुंच गया है। इस रफ्तार से, मौजूदा ओपन इंटरेस्ट भी क्लियर हो सकता है।
फ्यूचर्स कर्व की स्ट्रक्चर इस सिचुएशन को और अर्जेंट बना रही है। जब SOFR (Secured Overnight Financing Rate) और स्टोरेज जैसे फाइनेंसिंग कॉस्ट को एडजस्ट किया जाता है, तो मार्च–मई स्प्रेड बैकवर्डेशन की तरफ बढ़ रहा है। यह कंडीशन ये बताती है कि फिजिकल मेटल की डिमांड फ्यूचर डिलीवरी के मुकाबले अभी ज्यादा है।
कैरी-एडजस्टेड टर्म में देखें तो, बैकवर्डेशन का मतलब है कि फिजिकल सिल्वर की अभी की वैल्यू भविष्य के मुकाबले ज्यादा है।
फ्यूचर्स प्राइस के बढ़ने से यह डायनामिक और तेज हो सकता है क्योंकि फॉरवर्ड प्राइस बढ़ने से स्पेकुलेटिव बाइंग को बढ़ावा मिलता है। इससे प्रोड्यूसर्स और होल्डर्स अपना फिजिकल सप्लाई होल्ड करने लगते हैं कि आने वाले वक्त में प्राइस और बढ़ेगा, जिससे मार्केट से और मेटल बाहर हो जाता है।
इस बीच, गोल्ड वोलैटिलिटी में तेजी आई है और इसका 30-डे वोलैटिलिटी 2008 के बाद अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है। इस तेजी का कारण ग्लोबल मैक्रो अनिश्चितता और डेरिवेटिव्स मार्केट में पोजीशनिंग का तेजी से बदलना है।
राउंड-द-क्लॉक ट्रेडिंग की संरचनात्मक शिफ्ट सिर्फ क्रिप्टो exchanges तक सीमित नहीं है। CME Group ने घोषणा की है कि 29 मई से, क्रिप्टो फ्यूचर्स और ऑप्शंस CME Globex पर 24 घंटे, 7 दिन ट्रेड होंगे, जो रेग्युलेटरी रिव्यू के अधीन रहेगा।
CME ने रिपोर्ट किया है कि 2025 में क्रिप्टो फ्यूचर्स और ऑप्शंस में कुल $3 ट्रिलियन का रिकॉर्ड notional वॉल्यूम हुआ है, जो डिजिटल एसेट रिस्क मैनेजमेंट की हाई डिमांड दिखाता है।
2026 में अब तक के आंकड़ों के अनुसार, औसत दैनिक वॉल्यूम साल-दर-साल 46% बढ़ा है और फ्यूचर्स ADV में 47% की वृद्धि हुई है, जिससे संस्थागत भागीदारी में मजबूती दिख रही है।
यह डेवेलपमेंट वीकेंड पर आने वाले प्राइस गैप्स का जोखिम भी कम कर सकता है। इससे मार्केट्स तुरंत ही जियोपॉलिटिकल या मैक्रो शॉक पर रिएक्ट कर पाएंगे। गौरतलब है कि यह सुविधा Binance जैसे क्रिप्टो exchanges पर पहले से ही मौजूद है।
डेरिवेटिव्स एक्टिविटी में तेजी, सिल्वर इन्वेंट्री की तेज़ ड्रॉडाउन, Gold की बढ़ती वोलटिलिटी और 24/7 ट्रेडिंग का सामान्य होना, ये सब मिलकर दिखाता है कि मार्केट्स अब एक नई संरचनात्मक फेज़ में प्रवेश कर रहे हैं।
जैसे-जैसे फिजिकल सप्लाई टाइट हो रही है और फाइनेंशियल एक्सेस बढ़ रही है, ट्रेडर्स दोनों, मेटल्स वॉल्ट्स और डिजिटल ऑर्डर बुक्स में संभावित कमी के लिए पोजिशनिंग कर रहे हैं।
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