Gold अपने इतिहास में पहली बार आठवीं लगातार महीने की अभूतपूर्व तेजी के कगार पर है, जो अब तक की सबसे लंबी स्ट्रीक हो सकती है। हालांकि, कई चुनौतियाँ हैं जो इस रैली को रोक सकती हैं।
मौजूदा मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सेफ-हेवन मानी जाने वाली इस धातु की ओर रुख किया है, लेकिन मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि गोल्ड की यह तेजी एक क्रिटिकल मोड़ पर आ सकती है।
Moody’s Analytics के चीफ इकोनॉमिस्ट Mark Zandi ने चेतावनी दी है कि फाइनेंशियल मार्केट्स में अब पहले से ज्यादा अनिश्चितता महसूस हो रही है और एक महत्वपूर्ण सेल-ऑफ़ की परिस्थिति बन रही है।
उनका कहना है कि ये खतरा सबसे ज्यादा stocks और corporate bonds के लिए है, लेकिन हालिया गिरावट के बावजूद क्रिप्टो, gold और silver भी रिस्क में बने हुए हैं।
Economist के अनुसार मिला-जुला आर्थिक आधार तनाव की वजह बन रहा है। US की रियल GDP महज 2% से कुछ ज्यादा बढ़ रही है, जबकि इकोनॉमी की क्षमता करीब 2.5% की है। वहीं रोजगार लगभग स्थिर है और बेरोज़गारी धीरे-धीरे बढ़ रही है।
मंदी, जिसे Fed के पसंदीदा कंज्यूमर एक्सपेंडीचर डिफ्लेटर से मापा जाता है, अब भी 3% पर बनी हुई है, जो चिंता का विषय है।
वहीं, टैरिफ को लेकर जारी नई हलचल और Iran के साथ टकराव का खतरा रिस्क असेट्स के लिए कोई पॉजिटिव संकेत नहीं देते।
Treasury मार्केट स्थिति को और जटिल बना देता है। Zandi का कहना है कि leveraged hedge funds ऐसे नाजुक मार्केट में कदम रख रहे हैं, जहां Federal Reserve और Global investors पीछे हट रहे हैं।
बेहद बड़े बजट घाटे और de-globalizing वर्ल्ड में Treasuries की safe-haven स्थिति पर उठ रहे सवाल, रिस्क को और बढ़ा रहे हैं।
इन चुनौतियों के बावजूद, सोना एक मजबूत वैल्यू स्टोर के रूप में निवेशकों को आकर्षित करता है। Kalshi के डेटा के अनुसार, यह मेटल लगातार आठवें महीना हरे निशान पर चल रहा है।
इस बीच, Bank of America के strategist Michael Hartnett सलाह देते हैं कि ऑयल को शॉर्ट-टर्म geopolitical फायदों के लिए ट्रेड करें, लेकिन “सोना खरीदकर रखें” लॉन्ग-टर्म सेफ्टी के लिए।
Central banks ने अब US Treasuries के मुकाबले ज्यादा सोना रिजर्व में रखा है। यह 1996 के बाद पहली बार हो रहा है, जो fiat करेंसी रिस्क से बचाव के लिए उनकी भूमिका दिखाता है।
China में चाइनीज न्यू ईयर के बाद सोने की कमी भी बुलिश मोमेंटम बढ़ा रही है, लेकिन इसके साथ अपने रिस्क भी हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कई गोल्ड शॉप्स ने बहुत ज्यादा सप्लाई की दिक्कतों के चलते बार बिकना बंद कर दिया और pre-holiday contracts का पैसा वापस कर दिया।
Analysts का मानना है कि ये स्थितियां सोने के दाम को $10,000 प्रति आउंस तक ले जा सकती हैं – हालांकि अगर मार्केट में तेजी से रिएक्शन हुआ तो शॉर्ट-टर्म करेक्शन्स भी आ सकते हैं।
Technical analysts भी अभी सतर्कता बरत रहे हैं। Rashad Hajiyev ने बताया कि $5,160 के पास resistance है। वहीं, FXGold Analyst ने हाइलाइट किया कि $5,100 का गैप बहुत जरूरी है। अगर दाम इस लेवल से नीचे खुलता है तो यह sellers के पक्ष में जाएगा और buying मोमेंटम को सीमित कर सकता है।
कुल मिलाकर, जहां Gold का ऐतिहासिक सिलसिला अभी भी जारी है, वहीं investors को बढ़ती मांग, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, नाज़ुक मार्केट्स और अहम टेक्निकल लेवल्स के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है।
इन सभी फैक्टर्स के कारण Gold के अगले प्राइस मूवमेंट्स बहुत वॉलेटाइल भी हो सकते हैं और उतने ही ऐतिहासिक भी।
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