ग्लोबल सेविंग्स आर्किटेक्चर बदल रहा है। सितंबर 2025 में stablecoin की सप्लाई $300 बिलियन के पार पहुँच गई, जो साल-दर-साल (YoY) 75% की बढ़ोतरी है। यह तब हुआ जब emerging और developed markets के यूज़र्स ने अपनी सेविंग्स टर्म डिपॉज़िट्स से हटाकर उन ऑन-चेन इंस्ट्रूमेंट्स में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया जहाँ बिना पैसे लॉक किए, यील्ड कमाई जा सकती है।
इस बड़े बदलाव के पीछे असली वजह interest rate नहीं, बल्कि liquidity है। ट्रेडिशनल सेविंग अकाउंट्स में सेवर्स को ब्याज कमाने और पैसे जरूरत पड़ने पर निकालने के बीच चुनना पड़ता है। ऑन-चेन ऑप्शंस ने ये टेड-ऑफ पूरी तरह खत्म कर दिया है।
BeInCrypto के साथ इंटरव्यू में Bitget Wallet के Chief Marketing Officer Jamie Elkaleh ने यह अंतर बताया।
किसी भी हाई स्ट्रीट बैंक में सेविंग के लिए पैसों को 1, 3, 6 या 12 महीने के लिए लॉक करना पड़ता है, और समय से पहले पैसे निकालने पर पेनल्टी देनी पड़ती है। यह कंडीशन ट्रेडिशनल डिपॉजिट्स की आर्किटेक्चर में हमेशा रही है, लेकिन ऑन-चेन अर्निंग में ऐसा कोई लिमिटेशन नहीं है।
Bitget Wallet के earn products से यूज़र्स USDT और USDC को स्टेक करके यील्ड-जनरेटिंग पूल्स में इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें 2025 की शुरुआत से अब तक क्वार्टरली सब्सक्रिप्शंस में $200 मिलियन का रिकॉर्ड बना है, जो 10 गुना तक बढ़ा है।
यूज़र्स अपना बैलेंस रियल-टाइम में बढ़ते देख सकते हैं और बिना किसी चार्ज के कभी भी पैसे निकाल सकते हैं।
Jamie ने फोर्स्ड इलिक्विडिटी से जुड़ी कॉस्ट का उदाहरण भी शेयर किया। उनके एक दोस्त की बड़ी रकम एक बैंक डिपॉज़िट अकाउंट में लॉक थी।
जब परिवार में कोई बीमार पड़ गया और तुरंत पैसों की जरूरत हुई, तो उस व्यक्ति के पास दो ही ऑप्शन थे: या तो ब्याज छोड़ दो या फिर पेनल्टी दो।
ऑन-चेन earn products की डिजाइन ही इस परेशानी को खत्म करने के लिए की गई है।
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यह बड़ा बदलाव macro data में साफ दिखता है। Standard Chartered का प्रोजेक्शन है कि stablecoin मार्केट 2028 तक $2 ट्रिलियन तक पहुँच सकता है।
साथ ही Morgan Stanley का कहना है कि stablecoin issuers फिलहाल करीब $182 बिलियन US Treasury बिल्स होल्ड करते हैं। इससे वे ग्लोबल लेवल पर सबसे बड़े sovereign debt holders में शामिल हो गए हैं।
ये सारी movements speculative नहीं हैं — यह सेविंग्स हैं जो एक साथ stability, yield और आसानी से एक्सेस चाहती हैं।
सेल्फ-कस्टोडियल वॉलेट अब वह इंटरफेस बनता जा रहा है जिससे ये व्यवहार सामने आ रहा है। Bitget Wallet हर महीने $900 मिलियन से ज़्यादा का स्वैप वॉल्यूम और लगभग $5 बिलियन का परपेचुअल्स वॉल्यूम प्रोसेस करता है।
हालांकि, सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट ‘earn’ है — जिसमें पैसिव, स्टेबलकॉइन डिनॉमिनेटेड और इजी विदड्रॉ विकल्प शामिल हैं।
यह असल में प्रोग्रामेबल $ अकाउंट का इस्तेमाल है। वॉलेट फंड्स होल्ड करता है, यील्ड जेनरेट करता है, पेमेंट्स को इनेबल करता है और डिमांड पर कैपिटल रिटर्न करता है। किसी भी टर्म डिपॉजिट में ये सभी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध नहीं होती।
यह व्यवहारिक बदलाव सबसे ज्यादा उन मार्केट्स में दिखता है जहां ट्रेडिशनल फाइनेंस ने सेवर्स को सबसे खराब अनुभव दिया है।
Morgan Stanley के डाटा के मुताबिक, सिर्फ 2024 में ही Turkey में $63 बिलियन से ज़्यादा के क्रॉस-बॉर्डर स्टेबलकॉइन पेमेंट्स प्रोसेस हुए हैं।
Argentina में, जहां 2019 से डॉलर के मुकाबले peso ने अपनी 90% वैल्यू खो दी है, वहां आम परिवारों के लिए स्टेबलकॉइन्स प्राइमरी सेविंग्स विकल्प बन गए हैं।
Nigeria में, 2025 की शुरुआत में अचानक करंसी डीवैल्यूएशन के चलते ऑन-चेन स्टेबलकॉइन वॉल्यूम सीधा स्पाइक हुआ।
Jamie ने Turkey के मामले को खासतौर पर पोइंट आउट किया। यहां लोकल करंसी में तेज मंदी है, इसलिए टर्किश यूजर्स USDT में ऑन-रैंप कर रहे हैं और अपनी होल्डिंग्स पर यील्ड कमा रहे हैं।
कई बार, लोग अपनी इस बैलेंस से सीधे खर्च करते हैं, बिना उसे फिर से लिरा में कन्वर्ट किए। स्टेबलकॉइन वॉलेट ने बचत खाता और बैंक कार्ड — दोनों की जरूरत को एक ही कदम में रिप्लेस कर दिया है।
Standard Chartered ने Egypt, Pakistan, Bangladesh, India, Brazil और Kenya को उन मार्केट्स के रूप में पहचाना है जहां डिपॉजिट ऑउटफ्लो के जरिए स्टेबलकॉइन्स की ओर तेज मूवमेंट हो सकती है। इसका मुख्य कारण रिटर्न ऑफ कैपिटल की प्रेफरेंस होगी, न कि सिर्फ सादा स्पेकुलेशन।
फिर भी, ऑन-चेन earn मॉडल पूरी तरह friction-रहित नहीं है। US GENIUS Act, जो 2025 में पास हुआ, US-compliant स्टेबलकॉइन इशूअर्स को सीधे यील्ड देने से रोकता है। यह प्रावधान US यूजर्स के लिए वॉलेट्स के डिजाइन को प्रभावित कर सकता है।
EU का MiCA फ्रेमवर्क यूरोप में स्टेबलकॉइन इशूअर्स के लिए पहली बार कंप्रीहेंसिव रूल्स सेट करता है।
Jamie ने बताया कि Bitget Wallet अपने सभी मार्केट्स में लोकल रेग्युलेटरी रिक्वायरमेंट्स को मॉनिटर करता है और उसी के हिसाब से खुद को एडॉप्ट करता है।
एक सेल्फ-कस्टोडियल वॉलेट के रूप में, जहां यूजर्स खुद अपनी कीज़ होल्ड करते हैं और सर्विस प्रोवाइडर फंड्स को कस्टडी नहीं करता, यह बैंक डिपॉजिट या कस्टोडियल स्टेबलकॉइन अकाउंट्स की तुलना में अलग रेग्युलेटरी कैटेगरी में आता है।
फिर भी, आगे की दिशा साफ है। सेवर्स रेग्युलेटरी सर्टेनिटी का इंतजार नहीं कर रहे हैं। वे पहले से ही फ्लेक्सिबिलिटी को लॉक-अप पर, ऑन-चेन यील्ड को ब्रांच बैंकिंग पर, और वॉलेट्स को टर्म डिपॉजिट्स पर चुन रहे हैं।
एक ही वॉलेट में $200 मिलियन की तिमाही सब्सक्रिप्शन राशि, एक ऐसा डेटा पॉइंट है जो तेज़ी से बढ़ रही स्ट्रक्चरल माइग्रेशन को दिखाता है।
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