अमेरिका की ओर से ईरान पर वीकेंड में किया गया मिलिट्री स्ट्राइक ग्लोबल तनाव और निवेशकों की चिंता को और बढ़ा गया। हालांकि, Bitwise के Chief Investment Officer Matt Hougan का कहना है कि इस घटना ने क्रिप्टो और ऑन-चेन मार्केट्स की बड़ी भूमिका को भी उजागर किया है।
जबकि मेजर स्टॉक एक्सचेंज बंद थे, तब ऑन-चेन मार्केट्स ग्लोबल प्राइस डिस्कवरी के लिए मुख्य स्थान बन गए।
अपने लेटेस्ट मेमो “The Weekend That Changed Finance” में Hougan ने बताया कि जब President Trump ने रविवार सुबह 2:30 बजे ET पर मिलिट्री स्ट्राइक की घोषणा की, तब ग्लोबल मार्केट्स बंद थे। स्टॉक्स, फ्यूचर्स, फॉरेक्स, और यूरोप-एशिया के सभी एक्सचेंज वीकेंड के लिए बंद हो चुके थे।
सिर्फ सऊदी अरब और कतर के छोटे मिडिल ईस्ट एक्सचेंज ही चल रहे थे। Hougan ने कहा कि ऑन-चेन मार्केट्स ही एकमात्र वो स्पेस था, जहां तुरंत रिएक्शन मिला। इस तरह, जब ट्रेडिशनल एक्सचेंज बंद थे, तब उन्होंने उस स्ट्रक्चरल गैप को भर दिया।
BeInCrypto ने भी रिपोर्ट किया कि इस अटैक का असर तुरंत क्रिप्टो मार्केट पर देखने मिला, जिसमें Bitcoin (BTC) खबर आते ही गिर गया। Hougan के मुताबिक, उस रविवार को ज्यादातर समय “ऑन-चेन फाइनेंस ही फाइनेंशियल वर्ल्ड का सेंटर था।”
उन्होंने बताया कि Hyperliquid, जो एक डिसेंट्रलाइज्ड perpetual exchange है, उस समय “फोकस” में आ गया। Hyperliquid के HIP-3 डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज ने ट्रेडर्स को ट्रेडिशनल एसेट्स से जुड़े synthetic perpetual futures contracts ट्रेड करने की सुविधा दी।
BeInCrypto की रिपोर्ट के मुताबिक HIP-3 का ओपन इंटरेस्ट $1 बिलियन से ज्यादा पहुंच गया। कुल मिलाकर, DeFiLlama डाटा के अनुसार शनिवार और रविवार को इस प्लेटफॉर्म पर $11.5 बिलियन से ज्यादा का ट्रेडिंग वॉल्यूम हुआ।
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इस बीच, टोकनाइज्ड गोल्ड ने भी निवेशकों का जबरदस्त ध्यान आकर्षित किया। Tether का XAUT ने 24-घंटे की ट्रेडिंग वॉल्यूम में $300 मिलियन से ज्यादा का आंकड़ा पार किया क्योंकि इसकी मांग तेज़ी से बढ़ी। इसी समय, Kalshi और Polymarket जैसे Prediction markets में भी गतिविधि जोरदार तरीके से बढ़ी।
Hougan ने यह भी साझा किया कि वीकेंड की गतिविधियों ने उन्हें फाइनेंस के ऑन-चेन जाने के समय का प्रोजेक्शन कम करने के लिए प्रेरित किया है।
Hougan ने अपनी एनालिसिस में यह भी लिखा कि अब चाहे वो hedge funds हों, banks या कोई भी अन्य इन्वेस्टर, सभी को ग्लोबल और रियल-टाइम मार्केट्स में कॉम्पिटीशन के लिए खुद को ढालना होगा।
इस तरह, US-Iran स्ट्राइक के वीकेंड ने दिखा दिया कि हमेशा खुले रहने वाले फाइनेंशियल मार्केट्स अब किनारों से निकलकर मेनस्ट्रीम की ओर बढ़ रहे हैं और इन्वेस्टर्स अब इनकी ओर ध्यान दे रहे हैं।
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