Scammers US-Iran युद्ध के बीच Hormuz संकट का फायदा उठा रहे हैं। ग्रीस की समुद्री रिस्क कंपनी MARISKS ने सोमवार को इस स्कैम को लेकर चेतावनी जारी की है।
कंपनी के अनुसार, ठग खुद को ईरानी अधिकारी बताकर उन शिपिंग कंपनियों को मैसेज भेज रहे हैं, जिनके जहाज फंसे हुए हैं। वे “सेफ-पैसेज” क्लियरेंस देने के नाम पर डिजिटल एसेट्स में पेमेंट मांगते हैं।
इस स्कैम की वजह एक असली पॉलिसी अनाउंसमेंट में है। हाल ही में Tehran ने घोषणा की थी कि दो हफ्तों की सीजफायर के दौरान, Hormuz Strait से गुजरने वाले ऑयल टैंकर्स को क्रिप्टोकरेंसी में टोल फीस यानी लगभग $2 मिलियन तक चुकानी होगी।
ईरान के ऑयल, गैस और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स एक्सपोर्टर्स यूनियन के स्पोक्सपर्सन Hamid Hosseini ने Financial Times को बताया कि जहाजों को अपनी कार्गो डिटेल्स सबसे पहले ईरान के अधिकारियों को ईमेल के जरिए भेजनी होंगी। इसके बाद उन्हें Bitcoin (BTC) में टोल फीस दी जाएगी।
फ्रॉडस्टर्स इसी legit जानकारी का गलत फायदा उठा रहे हैं। MARISKS के मुताबिक, अज्ञात लोग शिपिंग कंपनियों से संपर्क कर रहे हैं और Bitcoin या Tether (USDT) में ट्रांज़िट फीस की डिमांड कर रहे हैं, बदले में वे “clearance” देने का दावा करते हैं। हालांकि MARISKS ने जोर देकर कहा है कि, “ये खास मैसेज स्कैम हैं।”
इन फ्रॉड मैसेज में ब्यूरोक्रेटिक भाषा दिखाई देती है और ऐसा दिखाया जाता है जैसे ईरानी सिक्योरिटी सर्विसेस की चेकिंग व प्री-अग्रीड ट्रांजिट विंडो का पालन हो रहा हो, जिससे इन्हें असली जताया जाए।
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इस फ्रॉड से खतरे काफी गंभीर हो सकते हैं। MARISKS मानता है कि शनिवार को जिस vessel पर हमला हुआ, उसने scammers को पेमेंट किया था।
युद्ध से पहले Hormuz से ग्लोबल ऑयल का लगभग 20% ट्रांसफर होता था। अब Gulf में सैकड़ों जहाज और करीब 20,000 सीफेरर्स फंसे हुए हैं, जिससे बहुत बड़ी व कमजोर संभावित विक्टिम्स की संख्या बन गई है।
ये स्कैम क्रिप्टो एनैबल्ड क्राइम में आ रही बढ़ोतरी को भी दिखाता है। इंडस्ट्री डेटा बताता है कि अप्रैल 2026 में लगभग $606 मिलियन के नुकसान 12 हैकिंग घटनाओं में हो चुके हैं।
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The post क्रिप्टो फ्रॉडस्टर्स ने फंसे हुए Seafarers को फर्जी Hormuz टोल स्कीम से बनाया निशाना appeared first on BeInCrypto Hindi.

