SBI Holdings ने Bitbank Inc. के साथ औपचारिक पूंजी और बिजनेस अलायंस की बातचीत शुरू कर दी है। यह जापानी फाइनेंशियल ग्रुप देश की तीसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज को एक कंसोलिडेटेड सब्सिडियरी बनाना चाहता है।
यह जानकारी 1 मई, 2026 को सामने आई, कुछ हफ्तों बाद जब SBI ने SBI VC Trade को Bitpoint Japan के साथ मर्ज कर दिया था। उस डील से SBI की क्रिप्टो मौजूदगी जापान में बढ़ी है।
अगर यह डील पूरी हो जाती है, तो SBI ग्रुप का कंबाइंड ट्रेडिंग वॉल्यूम bitFlyer और Coincheck से ऊपर पहुंच जाएगा। इससे SBI, जापान के रेग्युलेटेड मार्केट में सबसे बड़ा एक्सचेंज ऑपरेटर बन जाएगा।
Startale Group के CEO Sota Watanabe ने इस मूव को जापान के क्रिप्टोकरेन्सी सेक्टर के लिए टर्निंग पॉइंट कहा है।
जापान का क्रिप्टो सेक्टर कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है क्योंकि सख्त नियमों के कारण पूंजी और कम्प्लायंस डिमांड्स बढ़ गई हैं। SBI ने मार्च 2026 में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड ¥89.6 बिलियन ($560.89 मिलियन) क्रिप्टो प्रॉफिट दर्ज किया है।
हाल ही में SBI ने JPYSC yen-बैक्ड स्टेबलकॉइन, क्रिप्टो-कोलेटरल लेंडिंग और Visa के साथ पार्टनरशिप जैसे प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं।
यह प्रयास CEO Yoshitaka Kitao की ट्रेडिशनल फाइनेंस को ब्लॉकचेन से जोड़ने की प्लान का हिस्सा है। SBI के पास Ripple में करीब 9% इक्विटी स्टेक है। इसकी SBI Ripple Asia ज्वाइंट वेंचर, पूरे एशिया में XRP एडॉप्शन को आगे बढ़ा रही है।
कम्प्लायंस जांच अब भी एक जरूरी हिस्सा बनी हुई है। SBI Securities, जो ग्रुप की ब्रोकरेज शाखा है, को 2024 की शुरुआत में IPO शेयर-प्राइस प्रैक्टिसेज को लेकर सजा मिली थी। इस मामले में जापानी रेग्युलेटर्स ने SBI के क्लाइंट-सोलिसिटेशन पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी।
Bitbank की शुरुआत 2014 में हुई थी और 2017 में जापान की Financial Services Agency ने इसे लाइसेंस दिया था। लॉन्च के बाद से इसमें किसी तरह की हैकिंग का मामला नहीं आया है।
Mixi ने 2021 में करीब ¥7 बिलियन ($46.2 मिलियन) अलायंस के जरिए ऑपरेटर में लगभग 26.2% हिस्सेदारी खरीदी थी। बाद में फर्म ने Sumitomo Mitsui Trust के साथ डिजिटल एसेट कस्टडी के लिए साझेदारी की थी।
SBI ने bitbank में हिस्सेदारी के लिए अभी तक वैल्यूएशन, इक्विटी रेशियो या डील पूरा होने का समय डिस्क्लोज़ नहीं किया है।
किसी भी एग्रीमेंट के लिए पूरी जांच-पड़ताल (due diligence) और रेग्युलेटरी क्लियरेंस जरूरी होगी। इस कंपनी ने पहले TaoTao का अधिग्रहण किया था और इसके बाद ही XRP को फिर से लिस्ट किया था, जिससे यह इशारा मिलता है कि जापानी exchanges को अपनाने के लिए कंपनी के पास एक तय प्लान है।
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