CLARITY Act ने आज Senate Banking Committee की एक बड़ी वोटिंग पास कर ली है, जिससे US क्रिप्टो मार्केट स्ट्रक्चर बिल एक कदम और आगे बढ़ते हुए पूरे Senate की वोटिंग के करीब आ गया है।
यह बिल अभी कानून नहीं बना है। इसे अब भी पूरे Senate से पास होना है, House वर्शन से मेल बैठाना है और राष्ट्रपति के साइन भी जरूरी हैं।
कमिटी ने 2025 के Digital Asset Market Clarity Act के संशोधित Senate वर्शन को आगे बढ़ा दिया है। इस बिल का मकसद US में डिजिटल एसेट्स की रेग्युलेशन को डिफाइन करना है, जिसमें ये भी तय होगा कि कौन से टोकन SEC के तहत आएंगे और कौन से मार्केट्स CFTC के अधिकार क्षेत्र में होंगे।
जनवरी ड्राफ्ट के मुकाबले लेटेस्ट वर्शन को और विस्तार दिया गया है। अब इसमें stablecoin rewards, insider trading, bankruptcy प्रोटेक्शन और इम्प्लीमेंटेशन टाइमिंग से जुड़े नए नियम जोड़े गए हैं।
सबसे बड़ा बदलाव Tillis-Alsobrooks कॉम्प्रोमाइज का है, जिसमें stablecoin rewards संबंधित प्रावधान हैं। यह पेमेंट stablecoins पर passive, डिपॉजिट जैसे यील्ड को लिमिट करता है, लेकिन कुछ ट्रांजेक्शन बेस्ड rewards के लिए टाइट ऑवरसाइट के तहत जगह छोड़ी गई है।
इस बिल में डिजिटल एसेट्स के लिए insider trading के नियम भी ऐड किए गए हैं। साथ ही, insolvency safe harbor शामिल किया गया है, जिससे काउंटरपार्टीज़ डिजिटल कमोडिटी पोज़िशन को क्लोज करके bankruptcy के दौरान कोलेट्रल एक्सेस कर सकते हैं, जैसा अभी डेरिवेटिव्स में प्रोटेक्शन मिलता है।
अपडेटेड टेक्स्ट में enactment के बाद जनरल 360 दिन की effective date फिक्स की गई है। कुछ सेक्शन्स के लिए तभी लागू होगा जब एजेंसियाँ नियम बनाने का काम पूरा कर लेंगी।
अब अगला स्टेप है पूरे Senate के सामने बिल रखा जाएगा। फिलहाल कोई ऑफिशियल डेट नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि यह जून में हो सकता है। बिल को 60 वोट्स की ज़रूरत पड़ सकती है, इसके लिए Republicans को कमिटी वाले सपोर्ट से ज्यादा Democratic सपोर्ट चाहिए होगा।
वोटिंग के बाद मार्केट्स ने पॉजिटिव रिएक्शन दिखाया। Bitcoin और Ethereum, दोनों की प्राइस ऊपर गई, जबकि कई रेग्युलेटरी-सेंसिटिव टोकन और तेज़ी से बढ़े।
Hyperliquid लगभग 11% तक ऊपर गया, क्योंकि ट्रेडर्स ने इसे crypto trading और derivatives इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए क्लियर नियमों पर हाई-बेट के तौर पर देखा।
XDC और Canton करीब 10% चढ़े, जिससे दिखता है कि मार्केट में इंस्टीट्यूशनल ब्लॉकचेन रेल्स, ट्रेड फाइनेंस, टोकनाइजेशन और रेग्युलेटेड ऑन-चेन फाइनेंस में फिर से रुचि बढ़ी है।
इस वोटिंग से बिल को मोमेंटम मिला है। अब असली चुनौती Senate फ्लोर पर होगी, जहां ethics रूल्स, DeFi की ट्रीटमेंट, AML कंट्रोल और stablecoin rewards जैसे मुद्दे फाइनल टेक्स्ट को प्रभावित कर सकते हैं।
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