पिछले कुछ सालों में क्रिप्टो ट्रेडिंग में काफी बड़े बदलाव आए हैं। पहले ज्यादातर यूज़र सिर्फ टोकन खरीदते, altcoin होल्ड करते या perpetual futures में ट्रेड करते थे। आज exchanges prediction markets, AI-पावर्ड bots, tokenized assets, pre-IPO एक्सपोज़र और ट्रेडिशनल फाइनेंस से जुड़े products भी ऑफर कर रहे हैं।
हाल ही में BeInCrypto की वीडियो पॉडकास्ट में Mo ने Federico Variola, जो Phemex के CEO हैं, से बात की। इस बातचीत में यूज़र बिहेवियर में बदलाव और एक्सचेंजेस द्वारा बेहतर ट्रेडिंग एनवायरनमेंट तैयार करने की वजहों पर चर्चा हुई। इसमें prediction markets, AI tools, strategy trading, रेग्युलेटरी प्रेशर और जब क्रिप्टो प्लेटफॉर्म ज्यादा asset classes जोड़ते हैं, तो जरूरी risk controls पर फोकस किया गया।
Variola के मुताबिक, क्रिप्टो ट्रेडिंग में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब क्रिप्टो innovation को लेकर पहले जैसा उत्साह नहीं है। उनकी नजर में, अब पहले जैसी ट्रेडिंग activity वैसी नई protocols और chains की वजह से नहीं बन रही, जैसी पहले होती थी।
इसी कारण ट्रेडर्स अब दूसरे products की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने tokenized assets, RWAs, ट्रेडिशनल मार्केट एक्सपोज़र, और pre-IPO types के perpetual contracts का ज़िक्र किया जिन्हें ज्यादा अटेंशन मिल रही है। ये products क्रिप्टो-नेटिव mechanisms इस्तेमाल करते हैं, लेकिन असल में इनका interest क्रिप्टो के बाहर से आता है।
“वो प्लेटफॉर्म्स जो अपना काम सही से कर रहे हैं, वही अच्छे ट्रेडिंग opportunities दे रहे हैं,” Variola ने बातचीत में कहा।
एक्सचेंज यूज़र चाहतें हैं कि वे मार्केट में अपने views ज्यादा आसान तरीकों से दिखा सकें, उन्हें बार-बार अलग-अलग tools, wallets, chains और interfaces पर स्विच न करना पड़े। Phemex ने इसका जवाब एक ही प्लेटफॉर्म पर ज्यादा trading categories लाकर दिया है।
Variola ने क्रिप्टो में दो बड़ी यूज़र ग्रुप्स के बारे में बताया:
उन्होंने कहा, DeFi यूज़र्स को upside और ownership के फायदे देता है, लेकिन साथ में self-custody, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट risks, और वॉलेट मैनेजमेंट की जटिलता भी लाता है। वहीं centralized exchanges कई क्रिप्टो innovations को एक सिंपल इंटरफेस में शामिल कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए, यूज़र्स कई चेन के टोकन का एक्सेस चाहते हैं, लेकिन अलग-अलग वॉलेट्स संभालने, एस्सेट्स ब्रिज करने या नेटवर्क बदलने की झंझट नहीं चाहते। एक सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज ऑन-चेन मार्केट्स को इंटीग्रेट कर सकता है और ऑपरेशनल फ्रिक्शन काफी हद तक हटा सकता है।
Variola का कहना है कि ये ट्रेंड सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेस को यूज़र के लिए टूल्स के रूप में काफी कम्पेटिटिव बनाता है। वहीं, उन्होंने माना कि सबसे शुरुआती एक्टिविटी अभी भी ऑन-चेन होती है, जहां स्पेशलाइज्ड प्रोडक्ट्स बड़े प्लेटफॉर्म्स की तुलना में तेजी से मूव कर सकते हैं।
Prediction markets इस पॉडकास्ट का एक मुख्य थीम थे। Phemex ने अपने प्लेटफॉर्म में prediction market एक्सेस जोड़ा है, जिसमें यूएस इलेक्शन साइकल के दौरान ये कैटेगरी काफी ज्यादा दिखाई दी।
Variola ने prediction markets को क्रिप्टो का सबसे स्ट्रॉन्ग मार्केटिंग टूल्स में से एक बताया।
यूज़र्स रियल-वर्ल्ड रिजल्ट्स जैसे पॉलिटिक्स, स्पोर्ट्स, फाइनेंस, IPOs और ग्लोबल इवेंट्स पर ट्रेड कर सकते हैं, और इनमें से कई लोगों को शायद ये भी न पता हो कि पूरी एक्टिविटी ब्लॉकचेन-बेस्ड है।
Prediction markets के पास प्रोडक्ट एडवांटेज भी होता है। ये लगभग हर इवेंट के आस-पास एग्जिस्ट कर सकते हैं, भले ही लिक्विडिटी लिमिटेड हो। परपेचुअल फ्यूचर्स मार्केट को अच्छी तरह से फंक्शन करने के लिए वॉल्यूम, मार्केट मेकर्स और लिक्विडिटी की जरूरत होती है। prediction market फिर भी अटेंशन खींच सकता है, क्योंकि रिजल्ट से लोग पहले से ही जुड़े होते हैं और उस पर चर्चा करते हैं।
Variola ने कहा, prediction markets प्लेटफॉर्म्स को ग्लोबल इवेंट्स से इस तरह जोड़ने का मौका देते हैं, जैसा ट्रेडिशनल ट्रेडिंग प्रोडक्ट्स हर बार नहीं कर पाते।
अपना prediction market पूरी तरह से शुरू करने की बजाय, Phemex ने Polymarket का इंटरफेस इंटीग्रेट किया। Variola का कहना है कि यह मॉडल सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेस के लिए काफी सेंस बनाता है। जब कोई एक्सटर्नल प्रोडक्ट पहले से अच्छा काम कर रहा हो, तो एक्सचेंज उस प्रोडक्ट को इम्बेड कर सकता है और उसके बेनिफिट्स को ओरिजिनल प्लेटफॉर्म के साथ शेयर कर सकता है।
बातचीत में prediction markets के रेग्युलेटरी अनिश्चितता पर भी चर्चा हुई। कुछ देशों में इसे सावधानी से ट्रीट किया जाता है, जबकि कुछ जगहों पर लोकल रूल्स के बेस पर ज्यादा एक्सेस दी जाती है।
Variola ने कहा कि सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेस के पास ऐसी स्थिति में कुछ एडवांटेज है क्योंकि वे पहले से KYC और जुरिस्डिक्शन-बेस्ड कंट्रोल्स फॉलो करते हैं। Phemex, जर्मनी जैसे कड़े कानूनों वाले देशों में एक्सेस लिमिट कर सकता है, जबकि जहां नियम अनुमति देते हैं, वहां प्रोडक्ट ऑफर कर सकता है।
उन्होंने ये भी जोड़ा कि क्रिप्टो की ग्रोथ रेग्युलेटर्स से कहीं तेज होती है। अक्सर जब तक लीगल फ्रेमवर्क बनता है, मार्केट का ध्यान दूसरी प्रोडक्ट कैटेगरी में चला जाता है।
Variola के लिए, एक्सचेंज की भूमिका है कि हर यूज़र को उसके देश के रूल्स के हिसाब से सर्व किया जाए।
AI भी चर्चा का एक बड़ा हिस्सा था। Variola ने कहा AI रिटेल यूज़र्स के लिए बेहद यूसफुल हो सकता है, खासकर जब वे जटिल फाइनेंशियल मार्केट में एंटर कर रहे हों।
नए ट्रेडर्स को अक्सर मार्केट कैप, लिक्विडिटी, वैल्यूएशन, अर्निंग्स, कोलेट्रल और वोलैटिलिटी जैसे अनजाने टर्म्स का सामना करना पड़ता है। पहले के साइकल्स में, यूज़र्स को यह जानकारी फोरम्स, डॉक्युमेंटेशन, वीडियो और सोशल मीडिया से इकट्ठा करनी पड़ती थी। AI टूल्स अब यूज़र्स को कांसेप्ट्स समझाने और इनफॉर्मेशन ऑर्गनाइज़ करने में तेज़ स्टार्टिंग पॉइंट देते हैं।
फिर भी, Variola का मानना है कि AI ट्रेडर की खुद की थीसिस की जगह नहीं ले सकता।
अगर हर यूज़र को एक ही मॉडल से एक जैसी स्ट्रेटजी मिलती है, तो एडवांटेज खत्म हो जाता है। मार्केट में बढ़त ओरिजिनल थिंकिंग, सही टाइमिंग, रिस्क कंट्रोल और execution पर निर्भर करती है। AI सिर्फ इस प्रोसेस को सपोर्ट कर सकता है, लेकिन “make me money” जैसी रिक्वेस्ट बहुत जनरल है और उसे वर्किंग ट्रेडिंग सिस्टम में बदलना मुश्किल है।
Phemex यूज़र्स को स्ट्रेटजी बनाने और ट्यून करने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहा है। उदाहरण के लिए, ट्रेडर किसी खास प्राइस रेंज, वोलैटिलिटी सेटअप या indicator condition के हिसाब से ग्रिड बोट की रिक्वेस्ट कर सकता है। AI स्ट्रक्चर बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन ह्यूमन ट्रेडर को अपना गोल खुद सेट करना होगा।
Variola ने कहा कि बहुत से रिटेल ट्रेडर्स इसलिए परेशान रहते हैं क्योंकि वे न्यूज़ और शॉर्ट-टर्म मार्केट मूवमेंट्स पर इमोशनल रिएक्शन देते हैं। Strategy trading यूज़र्स को मार्केट में एंट्री लेने से पहले रूल्स डिसाइड करने के लिए फोर्स करती है।
इस प्रोसेस में थीसिस बनाना, उसे टेस्ट करना, लाइव कंडीशन्स में रन करना, अडजस्ट करना और रिज़ल्ट से सीखना शामिल हो सकता है। AI और बोट्स यूज़र-डिफाइंड आइडियाज को रिपीटेबल execution में बदलकर इसे ज्यादा आसान बना सकते हैं।
Variola के अनुसार, यह strategy trading का सबसे बड़ा फायदा है। इससे यूज़र सोच-समझकर ट्रेड करता है, हर प्राइस मूवमेंट पर रिएक्ट नहीं करता।
जैसे-जैसे एक्सचेंजेस ज्यादा प्रोडक्ट्स जोड़ते हैं, रिस्क मैनेजमेंट और भी मुश्किल होता जाता है। Phemex अब क्रिप्टो मार्केट्स, फ्यूचर्स, प्रेडिक्शन मार्केट्स, ट्रेडिशनल मार्केट एक्सपोजर, AI टूल्स और ऑटोमैटेड ट्रेडिंग प्रोडक्ट्स पर काम कर रहा है।
Variola ने कहा कि रिस्क मैनेजमेंट का कोर फिर भी रिजर्व स्ट्रेंथ, लीवरेज कंट्रोल्स, कोलेट्रल क्वालिटी और वोलैटिलिटी मैनेजमेंट पर ही रहता है। एक्सचेंजेस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यूज़र्स को कभी भी ऐसा लीवरेज न मिले जिससे मार्केट में शार्प मूवमेंट आने पर इनसॉल्वेंसी का रिस्क बन जाए।
उन्होंने मार्केट मैनिपुलेशन को भी परपेचुअल फ्यूचर्स और प्रेडिक्शन मार्केट्स के लिए बड़ा कन्सर्न बताया। जिन एसेट्स का ट्रेडिंग वॉल्यूम कम है या छोटे कॉन्ट्रैक्ट्स हैं, अगर ओपन इंटरेस्ट, लीवरेज और लिस्टिंग स्टैंडर्ड्स प्रॉपर नहीं हैं, तो वहां रिस्क ज्यादा हो जाता है।
सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेस के पास इन रिस्क्स को मैनेज करने के टूल्स होते हैं, जैसे ओपन इंटरेस्ट, कॉन्ट्रैक्ट एक्सपोजर और लीवरेज लिमिट करना। Variola के मुताबिक, थोड़ा सा ज्यादा कनजरवेटिव होना बहुत सी बड़ी प्रॉब्लम्स रोक सकता है।
चैलेंज यह है कि यूज़र डिमांड और प्लेटफॉर्म सेफ्टी के बीच बैलेंस बनाना। ट्रेडर्स अक्सर ज्यादा लीवरेज, ज्यादा लिस्टिंग और नए मार्केट्स में जल्दी एक्सेस चाहते हैं। एक्सचेंजेज को तय करना होता है कि कब ग्रोथ से अननेसेसरी रिस्क बनता है।
पॉडकास्ट का मेन मैसेज यही था कि क्रिप्टो ट्रेडिंग अब मल्टी-मार्केट एक्सपीरियंस बनती जा रही है। अब यूज़र्स आउटकम्स, नैरेटिव्स, ट्रेडिशनल एसेट्स, ऑटोमेटेड स्ट्रेटजीज और AI-सपोर्टेड टूल्स की एक्सेस चाहते हैं।
Phemex के लिए इसका मतलब है एक ऐसा एक्सचेंज बनाना, जहां ये सभी केटेगरी एक ही एनवायरमेंट में मिलें और साथ ही कम्प्लायंस, प्रोडक्ट एक्सेस और रिस्क कंट्रोल्स भी मेंटेन रहें।
Variola ने बातचीत का अंत Bitcoin के लिए बुलिश व्यू के साथ किया। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर बड़े होल्डर्स की वजह से शॉर्ट-टर्म पैनिक मार्केट बॉटम बनाता है, तो Bitcoin साल के आखिर तक दोबारा ऑल-टाइम हाई तक जा सकता है।
ट्रेडर्स के लिए बड़ा सन्देश यह है कि exchange products किस दिशा में बढ़ रहे हैं। क्रिप्टो प्लेटफॉर्म अब फाइनेंशियल गेटवे बनते जा रहे हैं, जहां यूजर्स एक ही अकाउंट से assets, events, strategies और मार्केट expectations को ट्रेड कर सकते हैं।
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