CoinGecko की State of Crypto Perpetuals Report 2026 के अनुसार, क्रिप्टो लीवरेज अब भी 2025 के ऑल-टाइम हाई से काफी नीचे है, जबकि अक्टूबर में मार्केट-वाइड लिक्विडेशन शॉक को कई महीने हो चुके हैं।
टोटल क्रिप्टो ओपन इंटरेस्ट 7 अक्टूबर 2025 को $210 बिलियन के पीक से गिरकर, 10 अक्टूबर के लिक्विडेशन इवेंट से ठीक पहले, अप्रैल 2026 तक $99.09 बिलियन रह गई। इसका मतलब है कि मार्केट-वाइड ओपन इंटरेस्ट अभी भी अपने हाई से 50% से ज्यादा नीचे है, जिससे साफ है कि ट्रेडर्स ने लीवरेज को पहले जैसी तेजी से वापस नहीं बनाया है।
यह गिरावट ऐसे वक्त में आई है जब सेंट्रलाइज्ड पर्पेचुअल exchanges अब भी क्रिप्टो derivatives ट्रेडिंग में डॉमिनेट कर रहे हैं। हालांकि, 2026 में इनकी एक्टिविटी कमजोर पड़ी है।
2025 में टॉप 11 पर्पेचुअल CEXs का एवरेज मंथली ट्रेडिंग वॉल्यूम $7.11 ट्रिलियन था। यह 2026 के पहले चार महीनों में घटकर $4.69 ट्रिलियन रह गया, यानी 34% की गिरावट।
Binance और OKX अब भी सबसे बड़े वेन्यूस हैं। 2026 की शुरुआत में Binance के पास perp CEX मार्केट शेयर का 33% और OKX के पास 15% था।
फिर भी, ऑन-चेन derivatives की तरफ मार्केट का झुकाव साफ दिख रहा है। Perp DEXs ने 2025 में $6.38 ट्रिलियन का ट्रेडिंग वॉल्यूम रिकॉर्ड किया, जो 2024 के $1.50 ट्रिलियन से काफी ज्यादा है।
इस साल इनकी मोमेंटम कुछ कम हुई है, लेकिन वॉल्यूम अब भी 2025 की शुरुआत के स्तर से काफ़ी ऊपर है। टॉप 12 perp DEXs ने 2026 में एवरेज $611.57 बिलियन मंथली वॉल्यूम देखा, जबकि 2025 में यह $531.65 बिलियन था।
Hyperliquid सबसे स्पष्ट उदाहरण है इस बदलाव का। प्लेटफार्म ने अप्रैल में $190.28 बिलियन वॉल्यूम प्रोसेस किया, जिससे यह BingX के करीब पहुंच गया और KuCoin से काफी आगे निकल गया।
Perp DEXs ने ओपन इंटरेस्ट में भी अपनी पकड़ मजबूत की है। अप्रैल 2026 के अंत तक इनकी हिस्सेदारी बढ़कर 13.5% हो गई है, जबकि 2025 की शुरुआत में CEX की हिस्सेदारी 96.4% थी जो घटकर अब 86.5% रह गई है।
इस बीच, CEXs आक्रामक लिस्टिंग के जरिए अब भी कड़ी टक्कर दे रहे हैं। जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच MEXC ने 879 नए perp कॉन्ट्रैक्ट्स जोड़े हैं, जबकि BingX ने 565 जोड़े हैं।
नई DEXs भी अब लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। Pacifica, Extended, और Variational जैसे प्लेटफार्म्स ने पुरानी साइट्स से मार्केट शेयर छीनना शुरू किया है। इसमें प्वाइंट्स प्रोग्राम्स मदद कर रहे हैं, जिससे एयरड्रॉप वाले ट्रेडर्स एक्टिव बने रह सकते हैं।
डाटा से पता चलता है कि अक्टूबर के बाद लीवरेज रीसेट हो गया है। CEXs अभी भी मार्केट का बड़ा हिस्सा कंट्रोल कर रहे हैं, लेकिन DEXs अब इतना बड़ा वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट होल्ड कर रहे हैं कि वे क्रिप्टो डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के अगले फेज को आकार दे सकते हैं।
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