Cardano का इकोसिस्टम हेल्थ, जो DeFi वैल्यू, नेटवर्क इस्तेमाल और पॉजिशनिंग के आंकड़ों से ट्रैक किया जाता है, सीधे तौर पर ढहाव के स्तर पर पहुँच चुका है, BeInCrypto की रिपोर्ट के अनुसार। लेकिन 7 जून को, सबसे बड़े ADA वॉलेट्स ने चुपचाप खरीदारी शुरू कर दी।
यही विरोधाभास असली कहानी है। जब मार्केट गिर रहा होता है और वेल्स उसमें खरीदी करते हैं, तो ये कभी भी बॉटम की निशानी नहीं होती। डेरिवेटिव्स डेटा रिकवरी से ज़्यादा किसी ठंडी रणनीति की तरफ इशारा कर रहे हैं।
सबसे पहले हेडलाइन के संकेत से शुरू करते हैं। Cardano पर इकोसिस्टम डेटा जो DeFi वैल्यू को नेटवर्क एक्टिविटी के मुकाबले तौलता है, अब तक के सबसे खराब स्तर पर आ गया है।
ऐसे और भी टोकन insights चाहते हैं? Editor Harsh Notariya की डेली क्रिप्टो न्यूज़लेटर के लिए यहाँ साइन-अप करें।
मुख्य इंडिकेटर है टोटल वैल्यू लॉक्ड (TVL), यानी एक चेन के ऐप्स में जितनी भी $ की वैल्यू स्टेक है। Cardano का TVL फिलहाल करीब $94 मिलियन है, जो इस महीने में 31% गिरा है और अपने $721 मिलियन के ऑल-टाइम हाई से लगभग 87% कम है।
इस हिसाब से देखें तो, जब कोई चेन इतनी वैल्यू गँवा देती है और कहीं भी उसकी भरपाई नहीं हो रही, तो ये करेक्शन नहीं, बल्कि सीधा ढहाव है। ये एक सोच-समझकर लगाया गया टैग है, सिर्फ भावनात्मक फैसला नहीं।
Cardano का इकोसिस्टम पहले से ही परेशानियों में था। एनालिटिक्स प्लेटफार्म TapTools बंद हो चुका है, और उसके फाउंडर Charles Hoskinson ने भी आने वाली विफलताओं की चेतावनी दी थी।
इसी स्थिति में, वेल्स ने वही कदम उठाया जो डेटा के मुताबिक उन्हें नहीं उठाना चाहिए था। उन्होंने खरीदारी शुरू कर दी।
यहाँ असली ट्विस्ट आया। दो वेल कोहोर्ट्स, यानी इतनी बड़ी वॉलेट्स जो अपनी ट्रेडिंग से Cardano की प्राइस को हिला सकती हैं, उन्होंने 7 जून को ADA जमा करना शुरू कर दिया।
जो वॉलेट्स 1 मिलियन से 10 मिलियन ADA होल्ड कर रहे हैं, उन्होंने अपनी सप्लाई की हिस्सेदारी 15.24% से बढ़ाकर 15.28% कर दी है। सबसे बड़ी टियर, 100 मिलियन से 1 बिलियन ADA, ने अपनी होल्डिंग 5.83% से बढ़ाकर 6.16% तक कर ली है।
यह तारीख मायने रखती है। 7-8 जून को कोई पॉजिटिव न्यूज़ नहीं आई। इंवेस्टिगेटर Thomas Braziel ने उस दिन Cardano के फाउंडर पर जांच तेज कर दी थी, जिसमें 2016 के फाउंडेशन बोर्ड को नामित किया गया और शुरुआती फाउंडेशन से करीब 1,090 Bitcoin के गायब होने को लेकर दबाव बनाया गया।
Cardano प्राइस पहले से ही $0.16 के आस-पास था, जो पांच साल का सबसे निचला स्तर है। गिरते हुए इकोसिस्टम और बढ़ते स्कैंडल के बीच इतनी accumulation आम तौर पर मजबूत विश्वास नहीं दर्शाती। यानी, खरीदारी असली है, मगर इसकी वजह बेसिक नहीं है। डेरिवेटिव्स डेटा दिखाता है कि मामला क्या है।
फ्यूचर्स साइड पर मोटिव और साफ हो जाता है। सबसे बड़े अकाउंट्स और आम ट्रेडर्स ट्रेड में विपरीत पोजीशन पर हैं।
टॉप-ट्रेडर लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो, जो टॉप 20% मार्जिन वाले अकाउंट्स की पोजीशन दिखाता है, वह 1.53 है। सभी अकाउंट्स का रेशियो 2.09 है, यानी 0.57 का डिवर्जेंस है।
रिटेल की लॉन्ग पोजिशन बड़े ट्रेडर्स की तुलना में काफी ज्यादा है, जो कई हफ्तों में सबसे बड़ी गैप है। जब जानकार अकाउंट्स भीड़ के खिलाफ इतने सख्त रुख अपनाते हैं, तो अक्सर भीड़ की चाल गलत साबित होती है।
लीवरेज भी कम हो गया है। ओपन इंटरेस्ट, यानी लाइव फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स का कुल मूल्य, 30 दिनों में लगभग 39% गिरकर $70.6 मिलियन रह गया है, जबकि फंडिंग लगभग न्यूट्रल है। इसका मतलब है कि मार्केट में फ्यूल कम है, तो कोई भी शॉर्ट स्क्वीज उतना बड़ा नहीं होगा जितना असंतुलित पोजिशनिंग से लग सकता है।
यहाँ जो असली बात मायने रखती है, वह है स्क्यू। जब बड़े ट्रेडर्स भारी लॉन्ग भीड़ के खिलाफ शॉर्ट करते हैं, तो यही सेटअप शॉर्ट स्क्वीज़ के लिए माहौल बनाता है। यही स्क्यू व्हेल के रहस्य का मिसिंग पीस है।
अब सारे पीस एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। यह अक्यूम्युलेशन बॉटम कम और एग्जिट लिक्विडिटी का सेटअप ज्यादा लग रही है।
रिटेल स्पॉट सेलिंग अब ठंडी पड़ चुकी है। 7 जून तक जो नेट ऑउटफ्लोज़ आये थे, वो 8 जून तक कम हो गए, इससे संकेत मिलता है कि रिटेल अब फिर से खरीदने को तैयार है, न कि बेचने पर उतारू।
संभावित सीक्वेंस यह है – व्हेल्स स्पॉट में अक्यूम्युलेट करती हैं, रिटेल Cardano प्राइस को ऊपर लेकर जाती है, और इसी प्राइस पुश से भारी शॉर्ट्स को कवर करना पड़ता है, जिससे जबरदस्त शॉर्ट स्क्वीज़ ट्रिगर होता है और फोर्स्ड बाइंग तेजी से प्राइस को और ऊपर ले जाती है।
एक शार्प स्क्वीज़ उन Cardano व्हेल्स को लिक्विडिटी देता है जिसमें वे बेच सकते हैं। रिटेल एग्जिट देता है, शॉर्ट्स फ्यूल मुहैया कराते हैं और व्हेल्स लगभग टॉप के पास सेल कर निकल सकते हैं।
यह एक सिनिकल नजरिया है, जरूरी नहीं कि यही सच हो। लेकिन जब डिके ट्रैकर पहले से ही कोलैप्स दिखा रहा है और कोई बड़ा पॉजिटिव कैटलिस्ट नज़र नहीं आ रहा, तब एग्जिट लिक्विडिटी की थ्योरी बाइंग को रिकवरी से ज्यादा अच्छे से समझाती है।
क्योंकि यह थ्योरी डार्क है, इसलिए काउंटर-सिग्नल्स मायने रखते हैं। कुछ डेवलपमेंट्स इसको उलट सकती हैं।
अगर व्हेल्स दिन नहीं बल्कि हफ्तों तक अक्यूम्युलेट करती हैं, तो पता चलेगा कि उनमें सच में भरोसा है। TVL में सच्ची रिकवरी या गवर्नेंस जांच पर कोई पुख्ता जवाब, खरीदार के लिए बायिंग को आख़िरी सहारा देंगे।
फिलहाल इनमें से कोई चीज मौजूद नहीं है। सबसे ग्राउंडेड विश्लेषण यही है कि व्हेल्स Cardano का बॉटम नहीं बुला रही हैं। वे अपनी पोजीशन इसलिए बना रही हैं ताकि बाउंस पर खरीदने वालों को बेच सकें।
डिके ट्रैकर पहले ही कोलैप्स फ्लैश कर रहा था। व्हेल्स ने उसे अनदेखा नहीं किया। वे शायद उन्हीं लोगों से फायदा उठाने की प्लानिंग कर रही हैं, जो इसे इग्नोर कर देंगे।
The post Cardano whales चुपचाप गिरती chain खरीद रहे हैं, वजह हैरान करने वाली appeared first on BeInCrypto Hindi.