Capriole Investments के फाउंडर Charles Edwards के अनुसार, ऑन-चेन मेट्रिक्स में से 99% तक केवल शोर (noise) ही जोड़ते हैं। ये डाटा सिर्फ उन्हीं निवेशकों के काम का है, जिन्हें पता है कि कौन-से सिग्नल्स महत्व रखते हैं और वे कैसे बनाए जाते हैं।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब संस्थान क्रिप्टो डाटा में तेजी से रुचि ले रहे हैं। CryptoQuant के Head of Research Julio Moreno का कहना है कि अब प्रोफेशनल डेस्क ऑन-चेन नंबरों को उस पारंपरिक डाटा से वेरिफाई करते हैं, जिस पर वे पहले से भरोसा करते हैं।
ऑन-चेन एनालिटिक्स की शुरुआत रिटेल ट्रेडर्स के एडवांटेज के तौर पर हुई थी। अब बैंक, फंड्स और एसेट मैनेजर्स भी यही डाटा चाहते हैं और उससे जुड़े और भी मुश्किल सवाल पूछते हैं।
BeInCrypto के YouTube पॉडकास्ट और Market Intelligence एक्सपर्ट्स काउंसिल में दोनों एनालिस्ट्स ने एक साफ बदलाव का जिक्र किया। बड़े खिलाड़ी अब सिर्फ इसलिए किसी नंबर को स्वीकार नहीं करते क्योंकि वह डैशबोर्ड पर दिख रहा है।
Moreno ने कहा कि संस्थानों ने इन आंकड़ों के प्रति अपना नजरिया बदल लिया है।
किसी भी मेट्रिक का नाम यह नहीं बताता कि वह प्लेटफॉर्म उसे कैसे कैलकुलेट करता है। दो अलग-अलग प्रोवाइडर्स एक ही टैग का यूज करें, फिर भी उनके रिजल्ट्स अलग हो सकते हैं।
Edwards ने बताया कि आमतौर पर यह अंतर उस लेबल के पीछे के मेथड से आता है:
यह अंतर डाटा सोर्स, नॉर्मलाइजेशन चॉइस, और हर प्रोवाइडर की गैप हैंडलिंग से आता है। ज्यादातर टॉप डाटा प्लेटफॉर्म्स हज़ारों मेट्रिक्स पब्लिश करते हैं, लेकिन इनकी मेथडोलॉजी बहुत कम ही समझाई जाती है।
इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण नवंबर 2022 में हुए FTX के कोलेप्स में मिला। एक ही मेट्रिक ने अलग-अलग प्रोवाइडर्स में अलग-अलग स्टोरी दिखाई।
CryptoQuant के एक्सचेंज रिजर्व्स डाटा से दिखा कि 6 नवंबर को FTX के पास 20,177 BTC थे। 8 नवंबर तक यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 0.64 BTC रह गया।
रिजर्व्स का ऑउटफ्लो प्राइस ब्रेकडाउन से पहले ही हुआ। ऑन-चेन डाटा ने मार्केट रिएक्शन से कई दिन पहले स्ट्रेस दिखा दिया था।
Moreno ने बताया कि प्रोवाइडर्स में यह फर्क इस वजह से आया कि हर कोई एड्रेसेस को अलग तरह से ग्रुप करता है:
कुछ डैशबोर्ड्स ने उसी समय FTX के पास रिजर्व्स दिखाए। उन्होंने एड्रेस को ज्यादा आक्रामक तरीके से लिंक किया, जबकि CryptoQuant ने कंजरवेटिव अप्रोच रखी।
CryptoQuant के डेटा के मुताबिक, 7 नवंबर 2022 के आसपास FTX की Bitcoin रिजर्व्स लगभग शून्य हो गई थी, जिसके कुछ ही दिन बाद प्राइस क्रैश हुआ।
ऊपर आप देख सकते हैं कि रिजर्व्स कितनी तेजी से खत्म हुई। CryptoQuant के अनुसार, 6 नवंबर 2022 को FTX के पास 20,177 BTC थी, जो 8 नवंबर तक घटकर सिर्फ 0.64 BTC रह गई।
Edwards ने तर्क किया कि मेट्रिक्स की संख्या यानी वॉल्यूम, उनकी वैल्यू के बराबर नहीं होती। इन्वेस्टर्स अगर हर उपलब्ध नंबर को एक मॉडल में डालते हैं, तो उन्हें ज्यादा कुछ हासिल नहीं होता।
उनकी कंपनी कुछ छोटे और टेस्टेड सिग्नल्स से मॉडल बनाती है। Capriole का मैक्रो इंडेक्स 60 से ज्यादा ऑन-चेन, मैक्रो और इक्विटीज मेट्रिक्स को एक मॉडल में कंबाइन करता है।
Capriole का मैक्रो इंडेक्स 60 से ज्यादा इंडीकेटर्स को मिलाकर एक सिंगल oscillator बनाता है। यह एक ऐसा उदाहरण है, जैसा Edwards बताते हैं कि कैसे असली सिग्नल को नॉयस से अलग किया जा सकता है।
जिन इंस्टीट्यूशंस को डेटा प्रोवाइडर्स चुनना है, उनके लिए यह सीधा संदेश है। किसी भी metric के पीछे की मेथडोलॉजी को समझें, सिर्फ नंबर देखने से काम नहीं चलेगा। इसी तरह की ट्रांसपेरेंसी पर अब डिजिटल एसेट फर्म्स को मिलने वाले इंडस्ट्री अवार्ड्स भी फोकस कर रहे हैं। जैसे-जैसे बड़े प्लेयर्स मार्केट में आ रहे हैं, यही स्क्रूटिनी असली बढ़त बन रही है।
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