Bitcoin और Ethereum ऑप्शंस में $2.6 बिलियन से ज्यादा की वैल्यू एक्सपायर होने वाली है। यह विकास शॉर्ट-टर्म प्राइस डायनामिक्स को बदल सकता है क्योंकि ट्रेडर्स अपनी हेजिंग unwind करेंगे और अपनी पोजीशनें बदलेंगे।
यह इवेंट तब आ रहा है जब मार्केट में वॉलेटिलिटी हाई है, डिफेंसिव पोजिशनिंग दिख रही है और यह भी साफ है कि इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेंट्स एक्टिवली डाउनसाइड रिस्क को हेज कर रहे हैं।
डेरिवेटिव्स मार्केट से आए डेटा के अनुसार, Bitcoin ज्यादातर एक्सपायरी के लिए जिम्मेदार है, जिसमें करीब $2.2 बिलियन की नॉशनल वैल्यू कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ी हुई है। Ethereum में $419 मिलियन जुड़े हुए हैं, जिससे कुल वैल्यू $2.6 बिलियन से ज्यादा हो जाती है।
Bitcoin अभी करीब $64,686 पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके maximum pain point $80,000 से काफी नीचे है। इसी प्राइस पर सबसे ज्यादा ऑप्शंस बेकार होकर एक्सपायर हो जाएंगे।
टोटल ओपन इंटररेस्ट फिलहाल 33,984 कॉन्ट्रैक्ट्स है, जिसमें 21,396 कॉल्स और 12,588 पुट्स हैं। इससे पुट-टू-कॉल रेश्यो 0.59 बनता है।
वहीं दूसरी ओर, Ethereum करीब $1,905 पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके $2,400 maximum pain point से नीचे है। टोटल ओपन इंटररेस्ट 219,034 कॉन्ट्रैक्ट्स है, जिसमें कॉल ओपन इंटररेस्ट 113,427 और पुट ओपन इंटररेस्ट 105,607 है।
पुट-टू-कॉल रेश्यो 0.93 यह इंडिकेट करता है कि पोजिशनिंग थोड़ी ज्यादा बैलेंस्ड है, लेकिन फिर भी Ethereum की तुलना में कैशियस नजर आती है।
स्पॉट प्राइसेस और maximum pain point के बीच का गैप यह दिखाता है कि अगर प्राइसेस एक्सपायरी तक दबे रहें तो ऑप्शन सेलर्स को फायदा हो सकता है। वहीं, जिन्होंने डायरेक्शनल बेट ली है, उन्हें लॉस हो सकता है अगर मार्केट रेंज-बाउंड रहे।
काफी गौर करने वाली बात है कि आज एक्सपायर होने वाले ऑप्शंस पिछले शुक्रवार को सैटल हुए $8.8 बिलियन वाले कॉन्ट्रैक्ट्स से काफी कम हैं, क्योंकि 30 जनवरी का इवेंट मंथली था।
इसके बावजूद, Greeks.live के विश्लेषकों का कहना है कि डेरिवेटिव्स मार्केट में तनाव और पुजीशनिंग में बदलाव के साफ संकेत दिख रहे हैं, क्योंकि वोलैटिलिटी तेज़ी से बढ़ रही है और ट्रेडर्स अपने पोर्टफोलियो को प्रोटेक्ट करने के लिए कदम उठा रहे हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, ऑप्शंस डेटा बताता है कि संस्थान और बड़े निवेशक तेजी से हेजिंग कर रहे हैं और दांव लगा रहे हैं।
Bitcoin का करंट-मंथ इम्प्लाइड वोलैटिलिटी (IV) 100% तक पहुंच गया है, जो साल की शुरुआत से दोगुना है, वहीं मेन कॉन्ट्रैक्ट्स की IV भी 50% से ऊपर निकल गई है, दो हफ्तों में इसमें 15% की बढ़ोतरी हुई है।
स्क्यू दो साल के न्यूनतम स्तर पर है, और एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑप्शंस मार्केट स्ट्रक्चर पूरी तरह से बियरिश सेंटिमेंट से डोमिनेटेड है, हालांकि कुछ लॉटरी-स्टाइल की डीप आउट-ऑफ-द-मनी ऑप्शंस की खरीदारी देखी गई है।
असल में, मार्केट पैनिक मोड में है और इसकी बड़ी वजह है कि Bitcoin प्राइस लगातार $60,000 के साइकोलॉजिकल लेवल की ओर बढ़ रहा है।
इम्प्लाइड वोलैटिलिटी में 100% की तेजी दिखाती है कि फिलहाल Bitcoin मार्केट में कितनी अनिश्चितता है, जिससे असामान्य रूप से बड़े प्राइस मूवमेंट्स की उम्मीद झलकती है।
दूसरी ओर, Deribit के विश्लेषकों का कहना है कि ऑप्शंस की पोज़िशनिंग की-क स्ट्राइक लेवल्स के आसपास क्लस्टर्ड है, जिससे एक्सपायरी से पहले प्राइस बिहेवियर पर असर पड़ सकता है।
Deribit पर ऑप्शंस 08:00 UTC पर एक्सपायर होंगे। अगर ये डायनामिक्स सच हुए, तो एक्सपायरी के तुंरत बाद मार्केट्स में वोलैटिलिटी बढ़ सकती है क्योंकि हेजिंग फ्लो खत्म होंगे और लिक्विडिटी कंडीशंस बदलेंगी।
फिलहाल डेरिवेटिव्स में बियरिश सेंटिमेंट छाया हुआ है, लेकिन कई बार पैनिक-ड्रिवन मार्केट्स में तेजी से रिबाउंड भी आ जाते हैं, खासकर जब बड़ी लिक्विडेशन से ज्यादा लीवरेज निकल जाती है।
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