South Korea की क्रिप्टोकरेंसी exchange Bithumb में 6 फरवरी, 2026 को एक बड़ा ऑपरेशनल मिस्टेक हुआ, जिससे BTC/KRW ट्रेडिंग पेयर की वैल्यू डबल डिजिट में गिर गई।
यह घटना पुराने विवादों की याद दिलाती है, जिसमें इस exchange पर डेटा लीक में आंशिक जिम्मेदारी जैसे मामले भी सामने आए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक स्टाफ मेंबर ने गलती से 2,000 Bitcoin (BTC) सैकड़ों यूजर्स को भेज दिए, जबकि असल में 2,000 Korean Won (KRW) रिवॉर्ड भेजना था।
इस गलती के बाद तुरंत सेल-ऑफ़ शुरू हो गया, जिससे Bitcoin की प्राइस exchange पर ग्लोबल मार्केट रेट से 10% से ज्यादा गिर गई।
Dumpster DAO के कोर मेंबर Definalist ने सबसे पहले इस घटना की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि यह एक रूटीन एयरड्रॉप था, जो यूजर्स के लिए छोटे इंसेंटिव के रूप में भेजा गया था।
इस अफरातफरी के बीच, कुछ यूजर्स को इस गलती से बड़ा फायदा हुआ। उन्होंने अचानक मिले Bitcoin मार्केट प्राइस पर बेचकर अच्छा लाभ कमा लिया।
यह अनजाने में हुई BTC डिस्ट्रीब्यूशन ने क्रिप्टो exchanges में इंटरनल कंट्रोल और रिस्क मैनेजमेंट को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासतौर पर उन exchanges के लिए जो हाई-वैल्यू डिजिटल एसेट्स को हैंडल करती हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि Bitcoin की प्राइस में गिरावट मुख्य रूप से सिर्फ Bithumb तक सीमित रही, क्योंकि इस exchange का isolated order book है। यूजर्स ने Bithumb पर बड़ी मात्रा में BTC बेचे, जिससे liquidity पर दबाव आया और लोकल मार्केट में प्राइस 10% तक गिर गई।
बाकी exchanges पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि Bithumb का selling pressure वहां तक नहीं पहुंचा। साथ ही, ग्लोबल arbitrage mechanisms ने अब तक यह डिफरेंस एडजस्ट नहीं किया था, जिससे इम्पैक्ट सिर्फ लोकल लेवल पर ही रहा।
फिर भी, यह घटना दिखाती है कि इंडस्ट्री में सालों की maturity के बावजूद, बड़े exchanges में भी ऑपरेशनल रिस्क बनी रहती है। यह भी नजर आता है कि एक simple input error से मार्केट में बड़ा disruption आ सकता है।
Bithumb ने BeInCrypto के सवाल का तुरंत जवाब नहीं दिया है और न ही corrective measures पर अब तक कोई official पब्लिक स्टेटमेंट जारी किया है।
फिर भी, यह घटना शॉर्ट-टर्म में मार्केट confidence को प्रभावित कर सकती है, खासकर उन exchanges पर जहाँ ऑपरेशनल errors का सीधा असर प्राइस पर पड़ता है।
Bithumb का खुद का सिक्योरिटी और ऑपरेशनल इश्यूज़ को लेकर इतिहास मिला-जुला रहा है। 2017 में एक डेटा breach में कस्टमर की जानकारी लीक हुई थी। 2020 के एक केस में, लोकल मीडिया ने रिपोर्ट किया कि exchange को एक मामले में आंशिक रूप से जिम्मेदार पाया गया जहाँ एक यूजर को $27,200 का नुकसान हुआ था।
कोर्ट ने फैसला दिया कि हालांकि Bithumb के database तक एक्सेस मिली थी, लेकिन दावेदारों को scam कोशिशों को पहचानना चाहिए था, और सिर्फ $5,000 का ही हर्जाना दिया गया।
अन्य दावों को खारिज कर दिया गया क्योंकि कोर्ट को लगा कि प्राइवेट जानकारी कहीं और से भी ली जा सकती थी।
Bithumb ने पिछले कुछ सालों में कंपनी स्तर पर बड़े बदलाव भी देखे हैं। 2018 में, exchange ने अपनी 50% हिस्सेदारी BK Global Consortium को बेच दी थी, जो startup investor Kim Byung-gun के नेतृत्व में था, जो पहले ही कंपनी के पांचवें सबसे बड़े शेयरहोल्डर थे।
यह acquisition ऐसे समय हुआ जब क्रिप्टो सेक्टर में इन्वेस्टमेंट में contraction चल रहा था। FinTech Global रिसर्च के अनुसार, ग्लोबल क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट्स 2018 में $7.62 बिलियन के ऑल-टाइम हाई पर थी, जो 2019 में गिरकर $3.11 बिलियन रह गई। सिर्फ 2020 के पहले छः महीनों में सेक्टर ने मात्र $578.2 मिलियन ही जुटाए।
यह ताजा घटना Bithumb के लंबे ऑपरेशनल challenges में एक और कड़ी जोड़ती है, जिससे यह साफ है कि भले ही क्रिप्टोकरेंसी एडॉप्शन बढ़ रहा है, ये सेक्टर अब भी इंसानी और तकनीकी गलतियों से जूझ रहा है, चाहे वो लीडिंग एक्सचेंज ही क्यों न हों।
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