Bitcoin ट्रेडर्स इस सप्ताह एक मैक्रो-हैवी वीक में प्रवेश कर रहे हैं, जिसमें चार महत्वपूर्ण US आर्थिक इवेंट्स क्रिप्टो मार्केट्स की सेंटिमेंट को प्रभावित करने वाले हैं।
Bitcoin इस समय वोलाटाइल रेंज में ट्रेड कर रहा है और मैक्रो नैरेटिव्स का मार्केट साइकोलॉजी पर दबदबा है। ऐसे में ट्रेडर्स अब इकोनॉमिक रिलीज़ेस को शॉर्ट-टर्म कैटलिस्ट के रूप में देख रहे हैं, जो दोनों डायरैक्शन्स में तेज मूवमेंट ट्रिगर कर सकते हैं।
इस हफ्ते Bitcoin और क्रिप्टो निवेशकों को US के कौन से आर्थिक इंडिकेटर्स देखने चाहिएएक Federal Reserve (Fed) गवर्नर की मीडिया अपीयरेंस, प्रमुख लेबर मार्केट डेटा, वीकली अनइम्प्लॉइमेंट क्लेम्स, और जनवरी की मंदी के आंकड़े— ये सभी इंटरेस्ट रेट्स और लिक्विडिटी से जुड़े एक्सपेक्टेशंस को प्रभावित कर सकते हैं। ये दोनों ही Bitcoin के प्राइस साइकिल्स के सबसे स्ट्रॉन्ग ड्राइवर्स हैं।
मार्केट सबसे पहले Federal Reserve Governor Stephen Miran के कमेंट्स पर नजर रखेगा, जो सोमवार, 9 फरवरी को एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में नजर आएंगे। शाम 5:00 बजे ET उनकी अपीयरेंस से पहले ही क्रिप्टो कम्युनिटी में मिक्स्ड सेंटिमेंट है, खासकर तब जब मार्केट में थोड़ा सतर्क माहौल है।
कुछ मार्केट पार्टिसिपेंट्स का मानना है कि Miran का stablecoins के प्रति पॉजिटिव व्यू है। उनका तर्क है कि रेग्युलेटरी क्लैरिटी और डॉलर-लिंक्ड डिजिटल एसेट्स से पूरे क्रिप्टो इकोसिस्टम और इंस्टिट्यूशनल पार्टिसिपेशन को मजबूती मिलेगी, जिससे Bitcoin को भी इनडायरेक्ट सपोर्ट मिल सकता है।
वहीं, कुछ लोग रिस्क भी देख रहे हैं। ये कहा जा रहा है कि अगर Miran को Fed लीडरशिप में भविष्य में बड़ी भूमिका मिलती है तो इससे प्रेशियस मेटल्स और क्रिप्टो दोनों में वोलैटिलिटी बढ़ सकती है। इससे ये डर झलकता है कि टाइट पॉलिसी के चलते मंदी से सुरक्षा की सोच पर असर पड़ सकता है।
साथ ही, कुछ मैक्रो एनालिस्ट्स ने Miran को अपने साथियों से ज्यादा “dovish” बताया है। पूर्व में वो लेबर मार्केट को सपोर्ट करने के लिए बड़े रेट कट्स के फेवर में तर्क दे चुके हैं।
अगर इस दिशा में कोई भी संकेत मिला, तो रिस्क असेट्स में सेंटिमेंट सुधर सकता है, खासकर Bitcoin में, जो लिक्विडिटी एक्सपेक्टेशंस के लिए बहुत सेंसिटिव रहता है।
बुधवार, 11 फरवरी को ध्यान US employment रिपोर्ट पर रहेगा, जो आर्थिक स्थिरता और Monetary Policy की दिशा का एक सबसे ज्यादा देखा जाने वाला इंडिकेटर है।
अनुमान है कि नौकरियों में हल्की वृद्धि हो सकती है, जो पिछले 50,000 की तुलना में 55,000 तक पहुँच सकती है। अगर आंकड़े उम्मीद से कमजोर आते हैं तो यह Bitcoin के लिए सपोर्टिव साबित हो सकते हैं। ठंडी पड़ी लेबर कंडीशन Fed पर अपनी policy आसान करने का दबाव बढ़ा सकती हैं, जिससे रिस्क एसेट्स की liquidity कंडीशन बेहतर हो सकती है।
हाल की लेबर-मार्केट इंडिकेटर्स पहले ही सुस्ती के संकेत दे रही हैं। छंटनी बढ़ने और hiring में स्लो डाउन की रिपोर्ट्स से ये उम्मीद मजबूत हुई है कि रेट कट पहले से जल्दी आ सकते हैं।
हालांकि, employment रिपोर्ट के साथ डाउनसाइड रिस्क भी जुड़ा है। अगर जॉब डाटा में तेज गिरावट आती है तो इससे ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ सकती है और इन्वेस्टर्स डिफेंसिव पोजीशन में जा सकते हैं। ऐसा होने पर क्रिप्टो में शॉर्ट-टर्म सेल-ऑफ़ ट्रिगर हो सकते हैं, जैसा कि पहले भी मैक्रो शॉक्स के दौरान देखा गया है।
गुरुवार को आने वाली इनिशियल जॉबलेस क्लेम्स से लेबर मार्केट की मौजूदा हालत पर ताजा झलक मिलेगी। यह बुधवार को जारी हुई employment और unemployment रिपोर्ट्स के ट्रेंड को सपोर्ट कर सकता है।
हाल के दिनों में क्लेम्स में आई बढ़ोतरी के साथ क्रिप्टो मार्केट में risk-off मूवमेंट्स और प्राइस में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। कुछ ट्रेडर्स मानते हैं कि क्लेम्स का बढ़ना यह सिग्नल है कि इकोनॉमिक कंडीशन्स इतनी कमजोर हो रही हैं कि Monetary Policy में ढील दी जा सकती है, जो लॉन्ग-टर्म में Bitcoin के लिए पॉजिटिव हो सकता है।
दूसरी ओर, कुछ एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि शॉर्ट-टर्म में रोजगार से जुड़े डेटा में बड़ी गिरावट से मार्केट अस्थिर हो सकता है, खासकर जब liquidity कम हो और leverage ज्यादा हो।
इसी वजह से जॉबलेस क्लेम्स रिपोर्ट्स अब वॉलेटिलिटी की बड़ी वजह बनती जा रही हैं, भले ही इनके अकेले से मार्केट ज्यादा ना हिले।
इस हफ्ते सबसे अहम डेटा शुक्रवार, 13 फरवरी को आ सकता है, जब जनवरी के Consumer Price Index (CPI) और Core CPI के आंकड़े जारी होंगे।
मंदी का डेटा अब भी Fed की पॉलिसी एक्सपेक्टेशन का मुख्य ड्राइवर बना हुआ है और इसी वजह से यह क्रिप्टो मार्केट सेंटिमेंट को प्रभावित करने वाला एक की इंडीकेटर भी है।
पिछले कुछ महीनों में उम्मीद से कम मंदी के आंकड़ों ने “लंबे समय तक ऊँचे रेट्स” की थ्योरी को कमजोर करते हुए रिस्क असेट्स को सपोर्ट किया है।
अगर फिर से मंदी का सॉफ्ट डेटा आता है, तो 2026 में रेट कट की उम्मीदें तेज हो सकती हैं। इससे Bitcoin में बुलिश मोमेंटम को और मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में इसके प्राइस को छह-फिगर लेवल तक पहुंचाने का केस और स्ट्रॉन्ग हो सकता है।
लेकिन अगर मंदी के आंकड़े जिद्दी रहे या बढ़ने लगे, तो इसका उल्टा असर दिखेगा—US Treasury यील्ड्स ऊपर जा सकते हैं और इससे स्पेकुलेटिव असेट्स, जिनमें cryptocurrencies भी शामिल हैं, पर प्रेशर बढ़ेगा।
कुल मिलाकर, इस हफ्ते की घटनाएं Bitcoin को ड्राइव कर रही मैक्रो स्टोरीज—मंदी, रोजगार और मॉनेटरी ईजिंग की टाइमिंग—का एक तीखा टेस्ट लेकर आ रही हैं।
जहां लॉन्ग-टर्म एडॉप्शन ट्रेंड्स जैसे ETF फ्लो, इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन और stablecoin ग्रोथ Bitocin के लिए बुलिश प्रोजेक्शन का बेस बनाते हैं, वहीं शॉर्ट-टर्म प्राइस मूवमेंट अब भी इकोनॉमिक डेटा से गहराई से जुड़ा हुआ है।
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