क्वांटम कंप्यूटिंग का डर कि एक दिन Bitcoin की क्रिप्टोग्राफी टूट सकती है, फिर से चर्चा में आ गया है। हालांकि, CoinShares की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, क्वांटम से जुड़े जोखिम फिलहाल दूर हैं, और केवल Bitcoin की सप्लाई का छोटा हिस्सा ही संभावित रूप से असुरक्षित है।
यह रिपोर्ट क्वांटम कंप्यूटिंग को लॉन्ग-टर्म इंजीनियरिंग चैलेंज की तरह देखती है। इसमें कहा गया है कि Bitcoin के पास क्वांटम मशीनों के क्रिप्टोग्राफिक रूप से महत्वपूर्ण स्केल पर पहुंचने से पहले एडॉप्ट करने के लिए काफी समय है।
“Quantum Vulnerability in Bitcoin: A Manageable Risk” नाम की रिपोर्ट में CoinShares के Bitcoin रिसर्च लीड Christopher Bendiksen ने बताया कि Bitcoin elliptic-curve क्रिप्टोग्राफी का इस्तेमाल ट्रांजैक्शंस को सुरक्षित करने के लिए करता है।
सिद्धांत रूप में, अगर क्वांटम कंप्यूटर बेहद शक्तिशाली हो जाए, तो वो Shor’s algorithm का उपयोग करके पब्लिक कीज़ से प्राइवेट कीज़ निकाल सकता है। इससे अनऑथराइज्ड खर्च किये जा सकते हैं।
लेकिन Bendiksen ने बताया कि ऐसा हमला करने के लिए लाखों stable, error-corrected qubits वाले क्वांटम मशीन की जरूरत होगी। आज की टेक्नोलॉजी ऐसी क्षमता से बहुत दूर है।
रिपोर्ट में Bitcoin के रियल एक्सपोजर के स्कोप को भी समझाया गया है। Bendiksen के अनुसार, लगभग 1.6 मिलियन BTC यानी कुल सप्लाई का करीब 8% ही ऐसे पुराने Pay-to-Public-Key (P2PK) एड्रेस में हैं, जिनकी पब्लिक कीज़ पहले ही एक्सपोज हो चुकी हैं। हालांकि, असली जोखिम इससे भी काफी कम है।
इस रकम में से रिपोर्ट के मुताबिक, केवल करीब 10,200 BTC ही ऐसे हैं, जिनको प्रभावित करने लायक तरीके से टार्गेट किया जा सकता है। ये Bitcoin की कुल सप्लाई का 0.1% से भी कम है।
बाकी असुरक्षित कॉइन्स हजारों एड्रेस में बिखरे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा डिस्ट्रीब्यूशन एक्सप्लॉइटेशन को धीमा और ऑपरेशनल लेवल पर मुश्किल बना देता है, भले ही क्वांटम सिस्टम एडवांस क्यों न हो।
ये सीमित एक्सपोजर इसलिए है क्योंकि अब एड्रेस के नए टाइप इस्तेमाल हो रहे हैं। Pay-to-Public-Key-Hash (P2PKH) और Pay-to-Script-Hash (P2SH) में पब्लिक की को तभी रिवील किया जाता है जब कॉइन खर्च होते हैं, जिससे अटैक सरफेस बहुत कम हो जाता है।
हालांकि पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफिक प्रपोज़ल्स मौजूद हैं, Bendiksen ने समय से पहले या मजबूरी में किए गए बदलावों के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने सावधानी बरतने की सलाह दी कि ऐसे बदलाव नए रिस्क ला सकते हैं, डिसेंट्रलाइजेशन को कमजोर कर सकते हैं, या फिर उन क्रिप्टोग्राफिक तकनीकों पर निर्भर कर सकते हैं जिन्हें अभी तक विरोधी माहौल में अच्छी तरह से टेस्ट नहीं किया गया है।
वहीं, यह नजरिया कई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के विचारों से मेल खाता है, जिसमें Casa के को-फाउंडर Jameson Lopp और Cardano फाउंडर Charles Hoskinson शामिल हैं। दोनों का मानना है कि फिलहाल क्वांटम कंप्यूटिंग Bitcoin की क्रिप्टोग्राफी के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं बनाता।
हालांकि, सभी मार्केट पार्टिसिपेंट्स इससे सहमत नहीं हैं। कुछ इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स Bitcoin एक्सपोजर में क्वांटम कंप्यूटिंग रिस्क को धीरे-धीरे ध्यान में रखने लगे हैं, बजाय इसे दूर का खतरा मानने के।
BeInCrypto ने बताया कि स्ट्रैटेजिस्ट Christopher Wood ने Jefferies के मॉडल पोर्टफोलियो में से 10% Bitcoin एलोकेशन को घटा दिया है और कैपिटल को गोल्ड तथा माइनिंग इक्विटीज़ की तरफ शिफ्ट किया है। यह कदम उस चिंता के चलते उठाया गया है कि भविष्य में क्वांटम कंप्यूटिंग की प्रगति Bitcoin की सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकती है।
साथ ही, कई ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट्स पहले से ही proactive स्टेप्स ले रहे हैं। Coinbase, Ethereum और Optimism ने पब्लिकली यह साफ किया है कि वे पोस्ट-क्वांटम फ्यूचर के लिए तैयारी कर रहे हैं।
Capriole Investments के Charles Edwards ने भी सुझाव दिया है कि Bitcoin प्राइस को और गिरना पड़ सकता है, ताकि नेटवर्क क्वांटम सिक्योरिटी के मुद्दे पर सही ध्यान आकर्षित कर सके। उन्होंने मार्केट प्रेशर को ब्रॉडर टेक्निकल डिस्कशन की संभावित शुरुआत के तौर पर देखा है।
Edwards ने यह भी जोड़ा कि अभी आगे बहुत काम बाकी है और चेतावनी दी कि 2026 में Bitcoin की क्वांटम तैयारियों की स्पीड बढ़ानी होगी।
The post क्यों Quantum Computing फिलहाल Bitcoin के लिए बड़ा खतरा नहीं है appeared first on BeInCrypto Hindi.

