2026 की शुरुआत में जैसे ही क्रिप्टो मार्केट से पूंजी तेजी से बाहर निकल रही है और निवेशकों की सोच बेहद डर के स्तर पर है, ऐसे में वेंचर कैपिटल (VC) का फंड आवंटन एक कीमती संकेतक बना है। इन मूव्स से रिटेल निवेशकों को यह पहचानने में मदद मिलती है कि बियर मार्केट के दौरान कौन से सेक्टर में अभी भी पोटेंशियल मौजूद हो सकता है।
हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार क्रिप्टो मार्केट का माहौल बदल चुका है और VC फंडिंग की दिशा भी उसी के मुताबिक बदल गई है।
CryptoRank के डेटा के मुताबिक, वेंचर कैपिटल फर्म्स ने साल की शुरुआत से अब तक क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स में $2 बिलियन से ज्यादा का निवेश किया है। औसतन हर हफ्ते $400 मिलियन से ज्यादा की इनफ्लो दर्ज की गई है।
कुछ बड़े डील्स खास तौर पर सामने आए हैं। Rain ने $250 मिलियन जुटाए हैं जिससे वह एंटरप्राइज-ग्रेड stablecoin पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बना सके। BitGo ने अपने IPO के जरिए $212.8 मिलियन जुटाए, जिससे यह इंस्टिट्यूशनल क्लाइंट्स के लिए डिजिटल असेट कस्टोडियन और सिक्योरिटी प्रोवाइडर की भूमिका को मजबूत करता है।
BlackOpal ने भी अपने GemStone प्रोडक्ट के लिए $200 मिलियन जुटाए, जो टोकनाइज़्ड ब्राज़ीलियन क्रेडिट कार्ड रिसीवेबल्स से समर्थित इनवेस्टमेंट-ग्रेड व्हीकल है।
इन डील्स के अलावा, Ripple ने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म LMAX में $150 मिलियन का निवेश किया है। इससे इंस्टिट्यूशनल ट्रेडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में RLUSD को कोर कोलेट्रल असेट के रूप में इंटीग्रेट करने में मदद मिलेगी। इसी तरह, Tether ने Gold.com में $150 मिलियन की रणनीतिक इनवेस्टमेंट की है, जिससे ग्लोबल लेवल पर टोकनाइज़्ड और physical गोल्ड की पहुंच बढ़ेगी।
एनालिस्ट Milk Road बताते हैं कि अब Layer 1 ब्लॉकचेन, मीम कॉइन या AI इंटीग्रेशन में कैपिटल नहीं आ रहा है। इनकी जगह अब stablecoin इन्फ्रास्ट्रक्चर, custody सॉल्यूशंस और real-world asset (RWA) टोकनाइजेशन बड़े इन्वेस्टमेंट थीम बन गए हैं।
मार्केट डेटा भी इस बदलाव को सपोर्ट करता है। इस साल की शुरुआत से अब तक कुल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब $1 ट्रिलियन गिर चुकी है। वहीं, stablecoin मार्केट कैपिटलाइजेशन $300 बिलियन से ऊपर बनी हुई है। टोकनाइज्ड RWA की कुल वैल्यू अब तक के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचकर $24 बिलियन के पार हो गई है।
Ryan Kim, जो Hashed के फाउंडिंग पार्टनर हैं, कहते हैं कि VC की उम्मीदें अब पूरी तरह बदल चुकी हैं। यह बदलाव इंडस्ट्री में एक नया इन्वेस्टमेंट स्टैंडर्ड दिखाता है।
2021 में इन्वेस्टर्स का फोकस टोकनॉमिक्स, कम्युनिटी ग्रोथ और नैरेटिव-बेस्ड प्रोजेक्ट्स पर था। लेकिन 2026 तक VCs असली रेवेन्यू, रेग्युलेटरी फायदे और इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स को प्राथमिकता देंगे।
ऊपर बताई गई सबसे बड़ी डील्स उन इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डर्स से जुड़ी हैं, न कि ऐसे टोकन प्रोजेक्ट्स से जो सिर्फ प्राइस speculation के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इसी वजह से अब मार्केट में वो एलिमेंट्स नहीं बचे हैं जो पहले hype cycles और FOMO को जगाते थे।
लेकिन एनालिस्ट Lukas (Miya) की राय इससे थोड़ी अलग है। वो मानते हैं कि क्रिप्टो वेंचर कैपिटल आज बुरी हालत में है, और इसकी वजह लिमिटेड पार्टनर कमिटमेंट्स में लगातार भारी गिरावट है।
वो कुछ चेतावनी संकेत भी बताते हैं। बड़े नाम वाली फर्म्स जैसे Mechanism और Tangent ने क्रिप्टो से दूरी बना ली है। कई कंपनियां चुपचाप अपने पोज़िशन बंद कर रही हैं।
फिर भी, अभी ये कहना जल्दी होगा कि क्रिप्टो VC सेक्टर का पतन हो चुका है, क्योंकि इस साल की शुरुआत से $2 बिलियन से ज्यादा सेक्टर में आ चुका है। इन बदलावों से इतना जरूर इंडिकेट होता है कि क्रिप्टो ट्रेडिशनल फाइनेंशियल सिस्टम के साथ और गहराई से जुड़ रहा है, जो लॉन्ग-टर्म परिपक्वता का संकेत हो सकता है।
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