इस सीरीज़ में Consensus Hong Kong 2026 से सामने आई मुख्य बहसों और ट्रेंड्स को कवर किया गया है। इसमें मुख्य मंच की सेशंस, साइड इवेंट्स और फरवरी के दूसरे हफ्ते में किए गए ऑन-ग्राउंड इंटरव्यूज़ शामिल हैं।
क्रिप्टो कॉन्फ्रेंसों में अक्सर ये आंकड़े सामने आते हैं, लेकिन Consensus Hong Kong 2026 में मंच पर एक नया चेहरा यह गणना कर रहा था — न कोई प्रोटोकॉल फाउंडर और न ही किसी एक्सचेंज का CEO, बल्कि BlackRock के एक एक्जीक्यूटिव जो मंच पर गणित समझा रहे थे।
इस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ा मुद्दा सामने आया: इंस्टीट्यूशनल कैपिटल बहुत बड़ा है, इसमें दिलचस्पी भी है, लेकिन अभी तक यह ज्यादातर देख ही रहा है।
Nicholas Peach, जो APAC iShares में BlackRock के हेड हैं, उन्होंने मौके को सिंपल मैथ से समझाया। एशिया में करीब $108 ट्रिलियन हाउसहोल्ड वेल्थ है। अगर इसका सिर्फ 1% भी क्रिप्टो में जाता है तो लगभग $2 ट्रिलियन इनफ्लो हो जाएगा, जो अभी के मार्केट के करीब 60% के बराबर है।
BlackRock का IBIT, जो कि US में January 2024 में लॉन्च हुआ spot Bitcoin ETF है, अब लगभग $53 बिलियन की assets तक पहुंच चुका है। यह इतिहास का सबसे तेजी से बढ़ने वाला ETF है। इसमें Asian investors ने भी flows का बड़ा हिस्सा योगदान दिया है।
अगर संस्थानों को अपनी पसंदीदा structures चाहिए, तो किसी को उन्हें बनाना पड़ेगा। इस रेस की शुरुआत हो चुकी है — और इसमें एशिया सबसे आगे है।
SGX Group में Derivatives के Head of Product Strategy and Development Laurent Poirot ने BeInCrypto से बातचीत करते हुए बताया कि exchange का crypto perpetual futures — जो नवंबर के अंत में लॉन्च हुआ — दो महीनों में $2 बिलियन का cumulative trading वॉल्यूम छू गया। ये SGX के लिए सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले product launches में से एक रहा। 60% से ज्यादा ट्रेडिंग activity Asian hours में हुई, जबकि CME में US hours डोमिनेट करते हैं। इंस्टीट्यूशनल डिमांड Bitcoin और Ethereum में ही concentrated है। SGX अभी options और dated futures पर फोकस कर रहा है ताकि funding curve पूरा किया जा सके, न कि अन्य tokens में विस्तार किया जाए।
गौर करने वाली बात है कि SGX का altcoins में विस्तार का कोई प्लान नहीं है। इंस्टीट्यूशनल डिमांड सिर्फ Bitcoin और Ethereum तक सीमित है; इसका अगला कदम options और dated futures के जरिए funding curve को पूरा करना है, न कि लंबी tokens की लिस्ट जोड़ना।
Japan में, GoMining Institutional के Fakhul Miah के मुताबिक, बड़े bank stablecoin सॉल्यूशन्स डेवेलप कर रहे हैं ताकि ट्रेडिशनल कैपिटल के लिए रेगुलेटेड रास्ते बनाए जा सकें। उन्होंने Hong Kong द्वारा हाल में ही ETF और perpetuals की approval मिलने को भी एक अहम liquidity ड्राइवर बताया।
Matrixport की Wendy Sun ने कहा कि जहाँ stablecoin settlement और RWA tokenization इंडस्ट्री की बातचीत में छाए हुए हैं, वहीं stablecoins को institutions की interal treasury में एडॉप्ट करने के लिए अभी भी standardization का इंतजार है। उन्होंने ये भी जोड़ा कि इंस्टीट्यूशनल व्यवहार अब “rule-based और scheduled” होता जा रहा है, पहले की तुलना में कम opportunistic है।
HashKey Cloud के side event में ये साफ़ झलक गया कि institutions क्या चाहते हैं और क्रिप्टो फिलहाल क्या ऑफर कर रहा है, दोनों के बीच अभी भी gap है।
Zodia Custody के Louis Rosher — जिसे Standard Chartered ने बैक किया है — ने बुनियादी ट्रस्ट की समस्या बताई। ट्रेडिशनल फाइनेंसियल institutions सभी crypto-native कंपनियों को एक जैसा मानते हैं और शुरू से ही उन पर भरोसा नहीं करते। “40 साल के करियर वाला कोई भी बैंक CEO सिर्फ एक क्रिप्टो–नेटिव काउंटरपार्टी पर दांव नहीं लगाएगा,” Rosher ने कहा। Zodia की strategy है कि established बैंकिंग ब्रांड्स का leverage करें ताकि ये gap कम हो सके — उन्होंने कहा कि ये dynamic एक-दो दशक तक बना रहेगा। कंपनी DeFi yield एक्सेस के लिए Wallet Connect इंटीग्रेशन ला रही है, लेकिन वह भी एक permissioned framework में, जिसमें हर DApp को क्लाइंट्स को ऑफर करने से पहले individually चेक किया जाता है।
Quantum Solutions (Japan की सबसे बड़ी digital asset treasury कंपनी) के Steven Tung ने बताया कि असली, पर critical अड़चन रिपोर्टिंग फॉर्मेट है। Institutions को block explorer नहीं चाहिए — उन्हें तो daily statements, audit trails और custody proofs अपने compliance टीम द्वारा समझे जा सकने वाले फॉर्मेट्स में चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक ट्रेडिशनल reporting स्टाइल नहीं होता, तब तक ज्यादा तर institutional capital इस field में नहीं आएगा।
Lido के Samuel Chong ने institutional-grade participation के लिए तीन बुनियादी requirements बताईं: प्रोटोकॉल की security, इकोसिस्टम maturity जिसमें custodian integration और slashing insurance शामिल है, और ट्रेडिशनल फाइनेंस frameworks के साथ रेग्युलेटरी alignment। उन्होंने privacy को भी एक hidden obstacle बताया — institutions को डर है कि on-chain position exposure से front-running और टारगेटेड अटैक्स का खतरा बढ़ता है।
Anthony Scaramucci ने अपनी fireside chat में Clarity Act पर पूरी चर्चा की — जो कि US मार्केट स्ट्रक्चर बिल है और अभी Senate से गुजर रहा है — इसमें तीन मुख्य पॉइंट हैं: DeFi के लिए KYC/AML की जरूरतों का स्तर, क्या exchanges stablecoins पर ब्याज दे सकते हैं, और Trump प्रशासन व उससे जुड़े लोगों द्वारा क्रिप्टो निवेशों पर लगाई गई पाबंदियां।
Scaramucci ने अनुमान लगाया कि ये बिल पास हो जाएगा, conviction से ज्यादा पॉलिटिकल math की वजह से: युवा Democratic senators नहीं चाहेंगे कि अगले चुनाव में उन्हें क्रिप्टो इंडस्ट्री PAC money का सामना करना पड़े। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि Trump की पर्सनल क्रिप्टो ventures — जिसमें meme coins भी शामिल हैं — process को धीमा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि Trump, क्रिप्टो के लिए Biden या Harris से ज्यादा बेहतर हैं, लेकिन उन्होंने self-dealing को इंडस्ट्री के लिए नुकसानदायक बताया।
ये टेंशन स्टेज पर तब दिखी जब World Liberty Financial के co-founder Zak Folkman, जो Trump से जुड़े हुए हैं, ने USD1 stablecoin पर आधारित नया forex प्लेटफॉर्म World Swap टीज़ किया। प्रोजेक्ट का lending प्लेटफॉर्म पहले ही सैकड़ों मिलियंस डॉलर्स की deposits खींच चुका है, लेकिन एक बैठे-बिठाए President के इतने करीब रहने से legislative complication हो रही है जिस पर Scaramucci ने साफ तौर पर बात की।
वहीं एशिया इंतजार नहीं कर रहा। Hong Kong, Singapore और Japan के रेग्युलेटर्स ऐसे फ्रेमवर्क बना रहे हैं जिन्हें institutions सही में यूज कर सकते हैं। Fakhul Miah ने बताया कि अब institutional onboarding के लिए “risk committees और operational governance structures” पास करना जरूरी है — ऐसा infrastructure ऑन-चेन products के लिए अभी हाल ही में आया है।
Binance Co-CEO Richard Teng ने 10 अक्टूबर के क्रैश पर सीधे बोलते हुए $19 बिलियन की liquidations का कारण macroeconomic shocks — जैसे US tariffs और Chinese rare-earth controls — को बताया, न कि exchange की किसी अपनी नाकामी को। “सिर्फ US equity market में ही $150 बिलियन की liquidation देखी गई,” उन्होंने कहा। “क्रिप्टो मार्केट तो इससे काफी छोटा है।”
लेकिन उनका बड़ा एनालिसिस और भी खुलासा करने वाला था। “Retail डिमांड पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कम है, लेकिन institutional deployment, corporate deployment अभी भी मजबूत है,” Teng ने कहा। “Smart money अभी भी deploy हो रही है।”
Amber Premium की प्रेसिडेंट Vicky Wang ने इस shift को आंकड़ों के साथ समझाया। उन्होंने बताया कि Asia में institutional क्रिप्टो transactions साल-दर-साल 70% बढ़कर mid-2025 तक $2.3 ट्रिलियन तक पहुंच गई हैं। लेकिन capital allocation अभी भी conservative है — institutions ज़्यादातर market-neutral और yield strategies को directional bets से ज्यादा प्राथमिकता देती हैं। “Institutional participation एशिया में सच में है, लेकिन उतनी ही cautious भी है,” Wang ने कहा।
इवेंट में इंडस्ट्री के पार्टिसिपेंट्स का मूड थोड़ा ज्यादा serious था। institutional side events में trading टीम्स पिछली बार से काफी कम थी, और ज्यादातर वही strategies चला रही थीं। फंड मैनेजर्स के बीच konsensus था कि क्रिप्टो अब एक license-driven बिजनेस बनता जा रहा है जिसमें compliance और पारंपरिक financial credibility, क्रिप्टो-native experience से ज्यादा मायने रखने लगे हैं। कुछ ने कहा कि अब सीरियस प्रोजेक्ट Nasdaq या HKEX पर IPO को टोकन लिस्टिंग से ज्यादा पसंद करते हैं — जो दो साल पहले अकल्पनीय था।
Solana Foundation की प्रेसिडेंट Lily Liu ने शायद इस कॉन्फ्रेंस का सबसे स्पष्ट मैसेज दिया। उन्होंने कहा कि ब्लॉकचेन की असली वैल्यू डिजिटल ओनरशिप, सोशल नेटवर्क्स या गेमिंग में नहीं है — बल्कि finance और markets में है। उनका “internet capital markets” फ्रेमवर्क, ब्लॉकचेन को हर financial asset को ऑनलाइन सभी के लिए accessible बनाने के infrastructure की तरह समझाता है।
GSR के CJ Fong ने भविष्यवाणी की है कि ज्यादातर टोकनाइज्ड real world assets को अंततः सिक्योरिटीज की तरह क्लासिफाई किया जाएगा, जिससे क्रिप्टो फर्म्स को ट्रेडिशनल मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर से ब्रिज करना ज़रूरी होगा। इसका मतलब है ट्रेडिशनल खिलाड़ियों से ज्यादा कॉम्पिटिशन, लेकिन साथ ही वह वैधता भी मिलेगी जिसकी इंस्टीट्यूशनल कैपिटल को जरूरत होती है।
Peach द्वारा बताए गए $2 ट्रिलियन की इन्वेस्टमेंट अभी तुरंत नहीं आ रही है। लेकिन इसकी तैयारी हो रही है — Hong Kong, Singapore, Tokyo, और SGX के ऑर्डर बुक्स में — उन इंस्टीट्यूशन्स के द्वारा जिन्होंने ये तय कर लिया है कि क्रिप्टो के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना जरूरी है, भले ही वे अभी इसमें दांव लगाने के लिए तैयार न हों।
(Inside Consensus Hong Kong 2026) — यह सीरीज़ Consensus Hong Kong 2026 में उभरीं अहम बहसों और ट्रेंड्स को कवर करती है, जिसमें मेन स्टेज सेशंस, साइड इवेंट्स और फरवरी के दूसरे हफ्ते के दौरान हुए ऑन-ग्राउंड इंटरव्यूज़ शामिल हैं।
1. The RWA War: Stablecoins, Speed, and Control
2. Crypto’s AI Pivot: Hype, Infrastructure, and a Two-Year Countdown
3. Crypto’s TradFi Moment: Institutions Are In, but on Their Terms
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