Strategy (पहले MicroStrategy) के को-फाउंडर और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन Michael Saylor का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि quantum computing इस वक्त Bitcoin (BTC) के लिए सबसे बड़ा सिक्योरिटी थ्रेट है।
यह बयान तब आया है जब quantum computing का नैरेटिव क्रिप्टो सर्कल्स में बहस का एक अहम विषय बना हुआ है। कुछ लोगों का मानना है कि इसका असर पहले ही Bitcoin की वैल्यूएशन और इंस्टिट्यूशनल एक्सपोज़र पर दिखने लगा है।
Natalie Brunell के Coin Stories पॉडकास्ट में नजर आए Saylor ने बढ़ती चिंताओं के बीच quantum computing को लेकर अपनी राय रखी। उनके मुताबिक, बड़ी साइबरसिक्योरिटी कम्युनिटी का मानना है कि कोई भी मीनिंगफुल quantum रिलेटेड रिस्क कम से कम एक दशक दूर है। Saylor ने कहा कि ये इस दशक की बात नहीं है।
उन्होंने बताया कि अगर quantum capabilities में बड़ा ब्रेकथ्रू आता है, तो इंडस्ट्री के लिए यह अनएक्सपेक्टेड नहीं होगा। अगर quantum थ्रेट का खतरा सच में सामने आया, तो ग्लोबलबैंकिंग सिस्टम्स, इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर, कंज़्यूमर डिवाइसेज,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नेटवर्क्स और क्रिप्टो प्रोटोकॉल्स जिसमें Bitcoin भी शामिल है, सभी quantum-resistant क्रिप्टोग्राफी के लिए सॉफ्टवेयर अपग्रेड्स को कंसीडरेट करेंगे और कोऑर्डिनेट करेंगे।
पहले भी Saylor ने यह सुझाया था कि Bitcoin का सबसे बड़ा खतरा उनके प्रोटोकॉल में चेंज लाने की कोशिश करने वाले ऑपर्च्युनिस्ट्स से आता है।
Saylor ने साथ ही Bitcoin को लेकर सिंगल वल्नरेबिलिटी का डर भी कम बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी कॉरपोरेशंस, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स और गवर्नमेंट्स पूरे वर्ल्ड में डिजिटल सिस्टम्स पर निर्भर हैं, लिहाजा किसी भी क्रेडिबल quantum ब्रेकथ्रू की स्थिति में सभी को एक जैसा खतरा होगा।
Google, Microsoft, Apple, Coinbase और BlackRock जैसी कंपनियां ही नहीं, बल्कि ग्लोबल गवर्नमेंट्स और मेजर बैंक्स भी इस एक जैसी चुनौती का सामना करेंगे।
जहां तक टेक्निकल खतरे की बात है, वो अभी दूर है, लेकिन संस्थागत पूंजी में अनिश्चितता का असर दिख रहा है। Shark Tank इन्वेस्टर Kevin O’Leary ने हाल ही में कहा कि कई संस्थान quantum computing से जुड़ी चिंताओं की वजह से अपनी Bitcoin एक्सपोज़र की एक लिमिट तय कर रहे हैं।
Christopher Wood, Jefferies में Global Head of Equity Strategy, ने भी इसी डर के चलते अपनी मॉडल पोर्टफोलियो से Bitcoin को हटा दिया है। वहीं, Willy Woo और Charles Edwards जैसे एनालिस्ट्स का मानना है कि quantum से जुड़ी अनिश्चितता Bitcoin के Gold के मुकाबले कम प्रदर्शन और उसके प्राइस पर दबाव की वजह बन रही है।
जैसे ही ये बहस तेज हो रही है, इंडस्ट्री में डिफेंसिव कदम भी तेजी से उठाए जा रहे हैं। Ethereum ने अपने 2026 प्रोटोकॉल प्रायोरिटी अपडेट में post-quantum readiness को शामिल कर लिया है। Coinbase और Optimism भी actively post-quantum सिक्योरिटी enhancements की प्लानिंग कर रहे हैं।
Bitcoin की बात करें तो, डेवलपर्स ने Bitcoin Improvement Proposal 360 (BIP 360) को ऑफिशियल BIP GitHub रिपॉजिटरी में मर्ज कर दिया है।
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