Bitcoin प्राइस पिछले 24 घंटों में करीब 5% ऊपर है। इसने कुछ समय के लिए $70,000 का स्तर छुआ था, लेकिन फिर $68,000 की ओर वापस आ गया। इस रिकवरी ने Bitcoin को 24 फरवरी के लो से लगभग 12% तक वापसी करने में मदद की है।
लेकिन इतना मजबूत मूव होने के बावजूद, Bitcoin $70,000 से ऊपर टिक नहीं पाया। यह झिझक यूं ही नहीं है। Nexo में रिसर्च एनालिस्ट Dessislava Ianeva का कहना है कि यह एक गहरी समस्या को दिखाता है, जो अभी भी Bitcoin की रिकवरी को सीमित कर रही है। कई डेटा पॉइंट्स अब दिखा रहे हैं कि बाय संकेत मिल रहे हैं, लेकिन कंविक्शन अभी भी कमजोर है। और जब तक Bitcoin $70,000 से $70,800 के जोन को क्लियर नहीं करता, तब तक यह रिकवरी अधूरी रह सकती है।
Bitcoin की हालिया रिबाउंड बिना किसी संकेत के नहीं हुई है। एक खास इंडिकेटर, जिसका नाम Smart Money Index (SMI) है, 24 फरवरी को बढ़ना शुरू हुआ था। यह इंडिकेटर उन ट्रेडर्स के व्यवहार को ट्रैक करता है, जो स्ट्रैटेजिक पोजिशनिंग से जुड़े होते हैं। जब यह इंडिकेटर बढ़ता है, तो यह एक्सपीरियंस्ड इन्वेस्टर्स की जल्दी पोजिशनिंग को इंडीकेट करता है।
पिछली बार ऐसा 13 फरवरी को हुआ था, जब SMI सिग्नल लाइन की ओर बढ़ना शुरू हुआ था। उस समय, Bitcoin प्राइस दो दिनों में करीब 7% ऊपर गया था।
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इस बार मूव और भी स्ट्रॉन्ग था। Bitcoin ने लगभग 12% का जंप किया और कुछ समय के लिए $70,000 का स्तर छू लिया। इसी के साथ, अब Bitcoin में एक कप और हैंडल पैटर्न बनता दिखाई दे रहा है। यह एक बुलिश स्ट्रक्चर है, जो अक्सर ब्रेकआउट से पहले बनता है।
लेकिन ब्रेकआउट अभी कन्फर्म नहीं हुआ है। क्योंकि Bitcoin अभी भी $70,000 से $70,800 के महत्वपूर्ण अपवर्ड नेकलाइन जोन से नीचे फंसा है।
यह रेंज अब ट्रिगर लेवल की तरह काम कर रही है। जब तक Bitcoin इसे पार नहीं करता, तब तक पैटर्न अधूरा रहेगा।
भले ही टेक्निकल इंडिकेटर्स बुलिश सिग्नल दिखा रहे हैं, लेकिन अभी भी की डिमांड कमजोर दिखाई दे रही है। ट्रेडिंग वॉल्यूम इसे साफ तौर पर दिखा रही है।
फरवरी की शुरुआत में, Bitcoin ट्रेडिंग वॉल्यूम $125.5 बिलियन थी। यह उस समय की पिछली प्राइस मूव के दौरान था। आज ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब $52 बिलियन है, जो 58% से ज्यादा कम है।
और भी ज़्यादा अहम बात यह है कि, Dessislava Ianeva ने ये कन्फर्म किया है कि ब्रॉडर ट्रेडिंग में भी कमज़ोरी आई है।
इसका मतलब है कि अब कम लोग मार्केट मूवमेंट को सपोर्ट कर रहे हैं। यह बहुत जरूरी है क्योंकि प्राइस रैली के लिए स्ट्रॉन्ग पार्टिसिपेशन ज़रूरी होता है। इसी के साथ, ओपन इंटरेस्ट में भी तेज़ी से गिरावट आई है।
ओपन इंटरेस्ट उन फ्यूचर्स पोजीशन की संख्या को मापता है जो एक्टिव हैं। जनवरी की शुरुआत में, ओपन इंटरेस्ट करीब $37.5 बिलियन पर था। अब यह लगभग $21.5 बिलियन रह गया है। यानी 43% की गिरावट। इससे पता चलता है कि अब कम ट्रेडर्स बड़े पोजीशन लेने के लिए तैयार हैं।
Ianeva ने इस फाइंडिंग पर और जानकारी दी:
इसका मतलब है कि क्रिप्टो मार्केट अब स्टेबल हो रहा है। लेकिन यह भी दिखाता है कि एग्रेसिव बाइंग प्रेशर अभी गायब है। यही वजह है कि Bitcoin रिकवरी स्लो है।
आक्रामक खरीदी की कमी के अलावा, Bitcoin के लॉन्ग-टर्म होल्डर्स से भी मार्केट की कमज़ोर साख का संकेत मिलता है।
लॉन्ग-टर्म होल्डर नेट पोज़िशन चेंज मेट्रिक यह ट्रैक करती है कि लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स 30 दिनों की अवधि में Bitcoin जमा कर रहे हैं या बेच रहे हैं। इन होल्डर्स को सबसे मजबूत माना जाता है, क्योंकि ये आमतौर पर क्रैश के समय खरीदते हैं और मार्केट के टॉप पर बेचते हैं।
लेकिन अभी के हालात में, ये लोग लगातार बेच रहे हैं।
24 फरवरी को 30 दिन के रोलिंग बेसिस पर 78,583 BTC की नेट कमी देखी गई। हाल में यह सेलिंग थोड़ी धीमी हो कर 75,911 BTC पर पहुंची है। फिर भी यह 23 फरवरी को 61,431 BTC की गिरावट से काफी ज़्यादा है।
यह दिखाता है कि जब Bitcoin प्राइस लगभग 12% रिकवर हुआ, तब भी लॉन्ग-टर्म होल्डर्स ने अक्युमलेशन ( accumulation ) करना शुरू नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने अपनी सप्लाई डिस्ट्रिब्यूट करना जारी रखा।
यह रैली के लिए एक बड़ा मुद्दा पैदा करता है। क्योंकि टिकाऊ Bitcoin प्राइस रिकवरी आमतौर पर तब शुरू होती है जब लॉन्ग-टर्म होल्डर्स आक्रामक रूप से खरीदारी करते हैं, बेचते नहीं हैं।
Dessislava Ianeva ने भी इस व्यापक विश्वास की कमी को ग्लोबल इकोनॉमिक (macro-economic) चिंताओं का हिस्सा बताया है।
इससे यह कंफर्म होता है कि Bitcoin का स्ट्रक्चर तो सुधर रहा है क्योंकि एक्सेस जैसे लीवरेज को बाहर निकाला जा चुका है, मगर स्ट्रॉन्ग विश्वास पूरी तरह वापस नहीं आया है। जब तक लॉन्ग-टर्म होल्डर्स सेलिंग बंद कर दोबारा अक्युमलेशन शुरू नहीं करते, Bitcoin का अपसाइड लिमिटेड रह सकता है — खासकर $70,000 जैसे मेजर रेसिस्टेंस जोन के पास।
Bitcoin के $70,000 के पास अटकने की सबसे बड़ी वजह ऑन-चेन सप्लाई डेटा से आती है। इन डेटा को URPD या UTXO Realized Price Distribution कहा जाता है। इसमें पता चलता है निवेशकों ने आखिरी बार अपना Bitcoin कहां खरीदा था।
अभी दो मेजर सप्लाई क्लस्टर्स हैं। पहला $69,400 के करीब है और इसमें लगभग 0.93% सप्लाई है। दूसरा $70,600 के पास है जिसमें करीब 0.60% सप्लाई है। कुल मिलाकर, इस जोन में टोटल Bitcoin सप्लाई का लगभग 1.5% शामिल है।
इसलिए यह जोन सबसे स्ट्रॉन्ग रेसिस्टेंस जोन्स में से एक बन जाता है। यही वजह है कि Bitcoin $70,000 को छू तो पाया लेकिन वहां टिक नहीं पाया।
जो इन लेवल्स पर पहले खरीद चुके इन्वेस्टर्स हैं, वे अब अपना Bitcoin बेचकर ब्रेक ईवन कर रहे हैं। इससे सेलिंग प्रेशर बनता है। लेकिन यही वजह है कि अगर $70,800 ब्रेक हो गया तो सिचुएशन काफी बदल सकती है।
$70,800 के ऊपर सप्लाई काफी पतली हो जाती है, क्योंकि $70,600 के पास वाला आखिरी मेजर क्लस्टर टूट जाता है। इसका मतलब है, सेलर्स कम होंगे, और अगर Bitcoin $70,800 के ऊपर जाता है, तो अगला मेजर टारगेट $78,600 के पास बनता है। यह करीब 11% से ज्यादा का अपसाइड पॉसिबल बनाता है, जैसा कि कप-टू-नेकलाइन डिस्टेंस से पता चलता है।
साथ ही, यह लेवल रैंडम नहीं है, बल्कि टेक्निकल रेसिस्टेंस भी इसी URPD क्लस्टर से $78,200 के पास मैच करता है।
हालांकि, BTC प्राइस का बड़ा ट्रेंड फिलहाल नीचे की ओर है, जिससे डाउनसाइड रिस्क अभी भी बना हुआ है। Bitcoin को अपने बुलिश स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए $65,700 के ऊपर होल्ड करना जरूरी है। अगर Bitcoin $62,400 के नीचे गिरता है, तो बुलिश पैटर्न पूरी तरह फेल हो जाएगा।
इस समय Bitcoin एक डिसीजन पॉइंट पर अटका हुआ है। स्मार्ट मनी सिग्नल्स से शुरुआती पोज़िशनिंग दिख रही है। लेकिन ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट, ओपन इंटरेस्ट कम होना और $70,000 पर प्राइस की मजबूत सप्लाई, ब्रेकआउट को रोक रही है। Nexo एनालिस्ट Dessislava Ianeva ने बताया कि मार्केट स्ट्रक्चर में सुधार हो रहा है, लेकिन अभी पूरी तरह से विश्वास वापस नहीं आया है।
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