Coinbase अब Hyperliquid इकोसिस्टम में और गहराई से जुड़ रहा है, क्योंकि Native Markets ने अपने USDH stablecoin इन्फ्रास्ट्रक्चर को USDC की ओर ट्रांसफर करने का प्लान किया है, जो एक नए ट्रेजरी-शेयरिंग मॉडल के तहत होगा।
इस कदम से USDH अब Hyperliquid का मुख्य कोट एसेट नहीं रहेगा और USDC को डीसेंट्रलाइज्ड परपेचुअल्स ट्रेडिंग नेटवर्क में डोमिनेंट स्टेबलकॉइन के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
Native Markets ने कन्फर्म किया कि Coinbase अब USDH ब्रांड एसेट्स का अधिग्रहण करेगा और Hyperliquid के अपग्रेडेड AQAv2 फ्रेमवर्क के तहत ऑफिशियल USDC ट्रेजरी डिप्लॉयर बनेगा।
यह अनाउंसमेंट 2026 के सबसे बड़े स्टेबलकॉइन इकोसिस्टम बदलावों में से एक है और इससे हो सकता है क्रिप्टो प्लेटफार्म्स अपने कम्युनिटी के साथ रिजर्व रेवेन्यू शेयर करने का तरीका बदल जाए।
Hyperliquid पहले ब्रिज्ड USDC लिक्विडिटी पर बहुत निर्भर था, जिसमें अरबों डॉलर प्लेटफार्म पर सर्कुलेट कर रहे थे।
क्रिटिक्स का कहना था कि इस बैलेंस से जनरेट होने वाला रिजर्व यील्ड का अधिकतर हिस्सा इकोसिस्टम से बाहर Circle और Coinbase जैसे incumbents तक पहुंचता था।
2025 में बदलाव आया जब Hyperliquid वैलिडेटर्स ने Native Markets को USDH लॉन्च करने के लिए चुना, जो कि पूरी तरह से सपोर्टेड स्टेबलकॉइन है और U.S. ट्रेजरीज व कैश इक्विवैलेंट्स सेपेग्ड है।
USDH ने “Aligned Quote Asset” मॉडल पेश किया था, जिसका मकसद रिजर्व यील्ड को फिर से Hyperliquid इकोसिस्टम में लाना था, जिससे ट्रेडिंग इंसेंटिव्स और असिस्टेंस फंड के जरिये HYPE बायबैक और इकोसिस्टम ग्रोथ को सपोर्ट मिलता।
अब Coinbase उसी फ्रेमवर्क को अपनाता नजर आ रहा है, बजाय इसके खिलाफ कॉम्पिटीशन करने के।
Native Markets ने स्पष्ट किया कि यह एग्रीमेंट कंपनी का पूरी तरह से अधिग्रहण नहीं है। इसकी बजाय, Coinbase केवल USDH ब्रांड एसेट्स खरीद रहा है, जबकि Native Markets स्वतंत्र बना रहेगा।
को-फाउंडर Mary-Catherine Lader ने कहा कि यह ट्रांजिशन इस टीम की सोच को सही साबित करता है कि स्टेबलकॉइन्स से वैल्यू डाइरेक्टली यूजर्स और इकोसिस्टम को मिलनी चाहिए, न कि उससे बाहर जानी चाहिए।
AQAv2 के तहत, Coinbase Hyperliquid के USDC बैलेंस से जनरेट हुई रिजर्व यील्ड रेवेन्यू का लगभग पूरा हिस्सा प्रोटोकॉल के साथ शेयर करेगा।
यह स्टेबलकॉइन इकॉनॉमिक्स में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है और अन्य एक्सचेंजेज़ और DeFi इकोसिस्टम्स पर भी इसी तरह के रिवेन्यू-शेयरिंग एग्रीमेंट करने का दबाव बना सकता है।
Native Markets ने कहा है कि ट्रांजिशन पीरियड के दौरान USDH पूरी तरह बैक्ड रहेगा। यूज़र्स ऑफिसियल डैशबोर्ड के ज़रिए अपनी होल्डिंग्स को बिना किसी फीस के USDC या fiat में कंवर्ट कर सकते हैं।
टीम ने यह भी बताया कि वह USDH/USDC ट्रेडिंग पेयर्स के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट करेगी, जब तक Hyperliquid स्पॉट और परपेचुअल मार्केट्स के लिए माइग्रेशन टाइमलाइन को कॉर्डिनेट करता रहेगा।
कुछ यूज़र्स इस बदलाव को “कैश-आउट” या “रग” मान रहे हैं, वहीं दूसरे इसे Hyperliquid और USDC के लिए एक स्ट्रैटेजिक जीत बता रहे हैं।
बड़े मार्केट का रिएक्शन दिखाता है कि नेटिव DeFi स्टेबलकॉइन्स और इंस्टिट्यूशनल प्लेयर्स के बीच कॉम्पिटिशन तेजी से बढ़ रहा है।
अगला फेज इस बात पर डिपेंड करेगा कि Hyperliquid कितनी स्मूथली USDH की लिक्विडिटी और इंसेंटिव्स को USDC-बेस्ड मार्केट्स में माइग्रेट कर पाता है।
इन्वेस्टर्स यह भी देख रहे हैं कि क्या AQAv2 दूसरे ब्लॉकचेन इकोसिस्टम्स के लिए भी एक ब्लूप्रिंट बन सकता है, जो स्टेबलकॉइन रिवेन्यू को इंटरनली रखना चाहते हैं, बजाय कि एक्सटर्नल इशूअर्स को भेजने के।
अगर यह सफल रहा, तो Coinbase-Hyperliquid पार्टनरशिप यह परिभाषित कर सकती है कि आने वाले समय में सेंट्रलाइज्ड स्टेबलकॉइन जायंट्स और डिसेंट्रलाइज्ड ट्रेडिंग इकोसिस्टम्स कैसे साथ काम करेंगे।
Hyperliquid का HYPE टोकन इस लेख के समय $40.11 पर ट्रेड हो रहा था, जो पिछले 24 घंटों में लगभग 3% ऊपर था।
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