SpaceX के IPO प्रॉस्पेक्टस में एक अनोखी बात है। यह पब्लिक इनवेस्टर्स से मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को हटाने का अधिकार छीन लेता है। यही फाइलिंग यह भी चेतावनी देती है कि उनकी विदाई कंपनी के लिए अस्तित्व का संकट बन सकती है।
यह विरोधाभास इत्तेफाक नहीं, बल्कि संरचनात्मक है। S-1 मार्केट्स से एक सिंगल फाउंडर पर भरोसा करके फंडिंग मांगता है। साथ ही, इन्वेस्टर्स से उस सैलरी पैकेज को स्वीकार करने के लिए भी कहता है, जिसकेtrigger केवल भविष्य की उम्मीदों पर हैं।
Musk के पास SpaceX की लगभग 42.5% इक्विटी है, लेकिन Class B सुपर-वोटिंग शेयर्स के ज़रिए उनके पास 83.8% वोटिंग पावर है। S-1 में लिखा है कि किसी भी भूमिका से हटाने के लिए Class B वोट ज़रूरी है, जिनका कंट्रोल पूरी तरह Musk के पास है।
Harvard Law के प्रोफेसर Lucian Bebchuk का कहना है कि यह अरेंजमेंट “सामान्य नहीं है।” आमतौर पर बोर्ड के पास हटाने का अधिकार होता है। यहां यह अधिकार Musk के वोटिंग ब्लॉक में सिमट जाता है, जिससे एक तरह का सेल्फ-वेटो रहता है।
फाइलिंग्स में Musk के नहीं रहने को कई पन्नों में रिस्क फैक्टर के तौर पर हाइलाइट किया गया है। वे उनके Tesla, xAI, X, Neuralink और The Boring Company के overlapping commitments का हवाला देते हैं।
कोई स्ट्रक्चर्ड सक्सेशन फ्रेमवर्क नहीं दिखता और ना ही कोई डिप्टी है जो भविष्य में लीड ले सके।
Texas में कंपनी का इनकॉर्पोरेशन, अनिवार्य आर्बिट्रेशन और controlled-company exemption हैं, और ऐसे में शेयरहोल्डर प्रपोजल्स पर 3% या $1 मिलियन की लिमिट तय की गई है। फाइलिंग में साफ लिखा है कि पब्लिक शेयरहोल्डर्स का प्रभाव सीमित या खत्म हो सकता है।
Pension fund अधिकारी पहले ही विरोध जता चुके हैं। CalPERS, New York State Comptroller और New York City Comptroller ने मिलकर एक जॉइंट लेटर लिखा है।
उन्होंने Musk के नेतृत्व में बनी इस स्ट्रक्चर को पब्लिक-कंपनी स्टैंडर्ड्स से हटकर बताया है।
SpaceX का कहना है कि उनकी स्ट्रक्चर लॉन्ग-टर्म गोल्स की रक्षा करती है और शॉर्ट-टर्म शेयरहोल्डर प्रेशर से बचाती है।
लेकिन यह बचाव हटाने की प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्टता नहीं देता। Founder lockups, जो Meta और Alphabet में हैं, वे SpaceX के मुकाबले काफी साधारण लगते हैं।
मुख्य पे ट्रांश Musk को 200 मिलियन Class B शेयर तक देने का प्रावधान देता है। ये केवल तब ही होंगे जब SpaceX $7.5 ट्रिलियन मार्केट कैप तक पहुंचता है। इसी के साथ शर्त ये भी है कि Mars पर कम से कम एक मिलियन लोगों की स्थायी Mars कॉलोनी स्थापित होनी चाहिए।
$7.5 ट्रिलियन का ये लेवल Apple, Microsoft और Saudi Aramco के कुल मार्केट वैल्यू से भी ऊपर है। Mars के लिए ये शर्त बिलकुल नई है, न तो कोई पुराना बेस है, न ही इसके लिए कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, और न ही कोई ऑफ-वर्ल्ड रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क।
ये दोनों ही बेंचमार्क स्टैंडर्ड वैल्यूएशन तरीकों में फिट नहीं बैठते।
एक दूसरा ट्रांश 60.4 मिलियन शेयर देता है अगर कक्षा में 100 टेरावॉट कम्प्यूटिंग पावर के डाटा सेंटर्स स्थापित होते हैं। ये अवॉर्ड xAI की टेरेस्ट्रियल AI रेस को रीफ्लेक्ट करता है। S-1 डॉक्यूमेंट में ये भी माना गया है कि ऐसी ऑपरेशन्स शायद कमर्शियल रूप से फायदेमंद न हों।
यही है सिंगल-पॉइंट गवर्नेंस और स्पेक्युलेटिव पे डिज़ाइन की कीमत। निवेशकों से कहा जा रहा है कि वे ऐसी कंपनी को फंड करें, जिस पर उनका कोई कंट्रोल नहीं है और जिन उपलब्धियों की कोई भी वैल्यू तय नहीं कर सकता।
मिशन को फेल करने का अधिकार भी सिर्फ उसी व्यक्ति के पास है, जिसे इसे परिभाषित करने का हक है।
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