OpenAI ने कहा कि उसकी एक इंटरनल जनरल-पर्पस रीजनिंग मॉडल ने स्वतः ही प्लानर यूनिट डिस्टेंस प्रॉब्लम हल कर दी है, जो डिस्क्रीट ज्योमेट्री में एक प्रसिद्ध ओपन प्रॉब्लम है, जिसे पहली बार Paul Erdős ने 1946 में उठाया था। यह पहली बार है जब OpenAI की किसी सिस्टम ने बिना इंसानी स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस के इतने पुराने रिसर्च सवाल का हल ढूंढा है।
यह घोषणा इंडस्ट्री में उस बहस को और गहरा करती है कि अब फ्रंटियर मॉडल केवल असिस्टेंट टूल्स नहीं, बल्कि तकनीकी फील्ड्स में खुद ओरिजिनल कॉन्ट्रिब्यूटर बन रहे हैं। इसके प्रभाव गणित से कहीं आगे तक जाएंगे।
कंपनी ने इस उपलब्धि को यह साबित करने के रूप में बताया कि एडवांस्ड सिस्टम मुश्किल दलीलों को एक साथ जोड़कर, अलग-अलग नॉलेज एरियाज की आइडियाज को मिक्स कर सकते हैं और ऐसा काम कर पाते हैं जो एक्सपर्ट रिव्यू में सफल हो सके। बाहरी गणितज्ञों ने इस प्रूफ को वेरीफाई किया, जिसमें अल्जेब्रिक नंबर थ्योरी के टूल्स का इस्तेमाल किया गया था।
OpenAI, Source: XOpenAI ने इस माइलस्टोन को लॉन्ग-टर्म ऑटोमेटेड रिसर्च की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा बताया। लैब का कहना है कि ऐसी ही क्षमताएं एक दिन बायोलॉजी, फिज़िक्स, मटीरियल साइंस, और मेडिसिन में मदद कर सकती हैं—जहाँ कई प्रॉब्लम्स पारंपरिक टीम्स के लिए अकेले सॉल्व करना बहुत बड़ा या जटिल होता है।
यह ब्रेकथ्रू AI सेक्टर के लिए एक तेज़ और रोमांचक वक्त में आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक OpenAI जल्द ही एक IPO फाइलिंग करने वाला है। यह कदम तब आया है जब एक अमेरिकी ज्यूरी ने Elon Musk द्वारा दायर मुकदमे में कंपनी को क्लीन चिट दे दी है।
OpenAI की प्रतिद्वंदी Anthropic प्रोजेक्टेड $10.9 बिलियन रेवन्यू के साथ अपने पहले प्रॉफिटेबल क्वार्टर की ओर बढ़ रही है। वहीं, OpenAI के पूर्व को-फाउंडिंग मेंबर Andrej Karpathy ने हाल ही में Anthropic जॉइन किया है ताकि वह फ्रंटियर मॉडल रिसर्च पर फोकस कर सकें।
AI की ऑटोमेटेड प्रॉब्लम-सॉल्विंग पहले से ही हाई-स्किल्ड काम की परिभाषा बदल रही है। Citadel के CEO Ken Griffin ने हाल ही में चेतावनी दी कि एजेंटिक AI अब PhD-लेवल फाइनेंस टास्क्स को महीनों की बजाय घंटों में निपटा रहा है।
कुछ ऑब्ज़र्वर्स का मानना है कि AI में अगला कॉम्पिटेटिव एडवांटेज, सिर्फ मॉडल क्वॉलिटी से नहीं बल्कि रियल-वर्ल्ड execution data से आएगा, जिससे सिस्टम सिर्फ सवालों के जवाब ही नहीं, बल्कि एक्शन भी ले पाएंगे।
OpenAI ने कहा कि इंसानी जजमेंट अभी भी इस काम की नींव है—रिसर्चर्स यह चुनते हैं कि कौन सा प्रश्न जरूरी है और रिजल्ट्स को कैसे समझा जाए। पर इस नई उपलब्धि ने यह बदल दिया है कि मॉडल कितनी बड़ी और अलग-अलग प्रॉब्लम्स अकेले सॉल्व कर सकते हैं।
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