अब सिलिकॉन वैली की बादशाहत की कोई गारंटी नहीं है, और उसका पतन अब सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत बन सकता है। यह चेतावनी है Coinbase के पूर्व Chief Technology Officer, Balaji Srinivasan की।
Coinbase के इस पूर्व एग्जीक्यूटिव का कहना है कि बढ़ते पॉलिटिकल रिस्क और नीतिगत बदलाव अगले 10 साल में वेली को “वन से ज़ीरो” कर सकते हैं, जबकि क्रिप्टो-नेटिव नेटवर्क इसके नैचुरल सक्सेसर बन सकते हैं।
Srinivasan ने एक ऐसा scenario बताया है जिसमें सिलिकॉन वैली की मुख्य आर्थिक ताकत, venture capital, इन वजहों से टूट सकती है:
Balaji के तर्क का केंद्र है कैलिफोर्निया का प्रस्तावित 2026 Billionaire Tax Act, जिसमें 1 बिलियन $ से ज्यादा नेट वर्थ वाले लोगों पर एक बार का 5% एक्साइज टैक्स लगेगा।
Srinivasan का कहना है कि ये टैक्स सीधे “पावर लॉ” इकोनॉमिक्स को टारगेट करता है, जो स्टार्टअप फंडिंग का बेस है। वेंचर कैपिटल बहुत बड़ी सक्सेस की उम्मीद पर डिपेंड करता है—कुछ बड़े एग्जिट बाकी फेल्योर को कवर कर देते हैं।
अगर इस तरह के बिलेनियर आउटकम्स की संभावना ही हटा दी गई, तो पुरा incentive स्ट्रक्चर ही टूट जाएगा।
लीगल फर्म्स, जैसे Baker Botts, ने इस प्रस्ताव में कई संवैधानिक कमियां हाईलाइट की हैं—जैसे Dormant Commerce Clause के उल्लंघन, रेट्रोएक्टिविटी और टैकिंग्स को लेकर चिंताएं।
फिर भी PwC का अनुमान है कि अगर 2026 के नवंबर में इस proposal को मंजूरी मिलती है तो इससे लगभग 100 बिलियन $ जुट सकते हैं। यह दिखाता है कि कानून की अनिश्चितता के बावजूद, टेक वेल्थ पर टैक्स लगाने की राजनीतिक इच्छा बढ़ रही है।
टैक्स के अलावा, Srinivasan इस खतरे को एक बड़ी राजनीतिक “प्लैटफॉर्म” के कमजोर होने के तौर पर देखते हैं, जिस पर टेक कंपनियों की नींव टिकी है, और जिसे वह एक फेल होते ऑपरेटिंग सिस्टम से तुलना करते हैं।
वह प्रॉपर्टी राइट्स, स्टॉक compensation, वीज़ा, IPO pathways और AI व क्रिप्टो जैसी उभरती टेक्नोलॉजीज के रेग्युलेटरी ट्रीटमेंट में बढ़ती अस्थिरता की ओर इशारा करते हैं।
पूर्व Coinbase एक्जीक्यूटिव का कहना है कि अब विरोध दोनों तरफ़ की पॉलिटिकल विचारधाराओं से आ रहा है। लेफ्ट का एक हिस्सा टेक को केंद्रित पूंजी और असमानता का प्रतीक मानता है, तो राइट का एक हिस्सा ग्लोबलाइजेशन और सांस्कृतिक बदलाव से जोड़ता है।
ये ड्यूल प्रेशर, Srinivasan के अनुसार, इस इंडस्ट्री को राजनीतिक तौर पर अलग-थलग कर देता है।
हालांकि कुछ फाउंडर्स ने Texas, Miami, Dubai या Singapore में शिफ्ट किया है, वह चेतावनी देते हैं कि ज़्यादातर कंपनियां अब भी California, Delaware और New York जैसे राज्यों में गहरी जड़ें रखती हैं—जो अब केंद्रित टेक पावर के लिए पहले से ज्यादा विरोधी होती जा रही हैं।
फिर भी Srinivasan टेक्नोलॉजिकल प्रोग्रेस के अंत की नहीं, बल्कि Silicon Valley के एकाधिकार के अंत की भविष्यवाणी करते हैं।
उनके नजरिए में, टेक पहले से ही डिसेंट्रलाइज़ हो रही है। हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग अब China की तरफ़ शिफ्ट हो चुकी है। यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स अब ग्लोबली 400 से ज्यादा शहरों में ऑपरेट करते हैं। ओपन-सोर्स AI मॉडल टैलेंट हब पर डिपेंडेंसी कम कर रहे हैं।
वह कहते हैं, क्रिप्टो इस माहौल में सबसे बेहतर जगह पर है। पारंपरिक टेक फर्म्स के मुकाबले, क्रिप्टो प्रोटोकॉल ग्लोबली फंक्शन करते हैं, किसी एक जूरिस्डिक्शन से बंधे नहीं होते और डिसेंट्रलाइजेशन से मजबूती पाते हैं।
Srinivasan इस समय को एक extinction event जैसा मानते हैं। उनके मुताबिक, Silicon Valley dinosaur जैसी है—डॉमिनेंट मगर कमजोर।
इसके उलट, क्रिप्टो और इंटरनेट-नेटिव नेटवर्क्स mammals की तरह हैं—छोटे, कम आंके गए, लेकिन स्ट्रक्चरल तौर पर राजनीतिक झटकों को झेलने के लिए तैयार।
जैसे ही California का वेल्थ टैक्स प्रपोजल 2026 में वोट की ओर बढ़ता है, सवाल सिर्फ इतना है कि इसकी अगली Story कहाँ और किस फॉर्म में लिखी जाएगी, न कि टेक चलेगी या नहीं।
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