Tether, जो $185 बिलियन USDT stablecoin का issuer है, ने अपने प्राइवेट फंडरेज़िंग प्लान्स को काफी घटा दिया है।
इससे उस संभावित IPO पर सवाल उठे हैं, जिसकी अटकलें क्रिप्टो इनसाइडर्स जैसे BitMEX के को-फाउंडर Arthur Hayes ने लगाई थीं।
Tether शुरू में $500 बिलियन वैल्यूएशन पर $15–20 बिलियन तक फंड जुटाने पर विचार कर रहा था। इतनी बड़ी रकम stablecoin issuer को दुनिया की सबसे वैल्यूएबल प्राइवेट कंपनियों में शामिल कर देती।
लेकिन Financial Times की रिपोर्ट के मुताबिक, अब Tether सिर्फ $5 बिलियन या शायद कोई भी फंडरेज़िंग न करने का सोच रहा है।
ये लेटेस्ट बदलाव तब आया है जब पिछले एक साल में मार्केट को लेकर काफी चर्चा रही। सितंबर 2025 में, Hayes ने Tether IPO को लेकर फिर से चर्चा शुरू की थी, और ये सुझाव दिया था कि stablecoin issuer की पब्लिक लिस्टिंग Circle के सफल USDC डेब्यू को भी पीछे छोड़ सकती है।
उस समय, Tether की वैल्यूएशन $500 बिलियन से ऊपर मानी गई थी। इसे SpaceX, OpenAI, और ByteDance जैसी टेक और फाइनेंस दिग्गज कंपनियों के साथ रखा गया था।
Hayes ने पोटेंशियल लिस्टिंग को एक स्ट्रैटजिक मूव के तौर पर बताया था, क्योंकि Tether के पास $185 बिलियन की USDT सर्क्युलेशन और रेवेन्यू जनरेट करने वाला स्ट्रक्चर है, जो Circle के मुकाबले में उसे बढ़त देता है।
लेकिन इनवेस्टर की सेंटीमेंट्स ने इस hype को कम कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैकर्स ने $500 बिलियन जैसी ऊंची वैल्यूएशन पर सवाल उठाए, खासकर:
हाल ही में S&P Global Ratings की डाउनग्रेड रिपोर्ट में Tether की Bitcoin और Gold जैसे रिस्की एसेट्स में एक्सपोजर को हाइलाइट किया गया, जिससे सतर्कता और बढ़ गई है।
पिछले छह महीनों में पूरे क्रिप्टो मार्केट में गिरावट आने की वजह से भी सेक्टर में सबसे प्रॉफिटेबल प्लेयर को भी ऊंची वैल्यूएशन के लिए एंथूजियाज़्म कम हुआ है।
लेकिन Ardoino अब भी Tether की फंडामेंटल्स पर भरोसा रखते हैं। उन्होंने $15–20 बिलियन वाली रकम को एक गलतफहमी बताया है। Ardoino के मुताबिक, कंपनी अगर जीरो कैपिटल भी जुटाए तो वो भी “बहुत खुश” होंगे।
Tether ने $10 बिलियन का प्रॉफिट 2025 के लिए रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 23% कम है। इसका मुख्य कारण Bitcoin प्राइस में गिरावट है, हालांकि गोल्ड holdings पर मजबूत रिटर्न से यह नुकसान कम हो गया।
प्रॉफिटेबिलिटी मजबूत होने के कारण, Tether को अतिरिक्त फंड की ऑपरेशनल जरूरत बहुत कम है। इससे ये संकेत मिलता है कि फंडरेजिंग ड्राइव सिर्फ कैश के लिए नहीं, बल्कि कंपनी की क्रेडिबिलिटी और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स बढ़ाने के लिए भी है।
यह रिट्रीट Tether IPO के लिए उम्मीदों को भी रीशेप करता है। हालांकि पब्लिक लिस्टिंग अब तुरंत संभव नहीं दिख रही है, लेकिन रेग्युलेटरी बदलाव और स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स इस ऑप्शन को जीवित रखते हैं।
US stablecoin कानून, जो President Trump के तहत है, तथा Tether का नया US-compliant USAT टोकन, डोमेस्टिक मार्केट में लीजिटिमेसी के लिए रास्ता तैयार कर सकते हैं।
अगर मार्केट कंडीशंस बेहतर हुए तो 2026 में संभावित IPO के लिए बुनियाद डाली जा सकती है, हालांकि वैल्यूएशन में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है।
Tether की सावधानीपूर्ण रणनीति क्रिप्टो इकोसिस्टम के लिए भी बड़ा संकेत देती है। मार्केट की डिफॉल्ट रिज़र्व करंसी बन चुकी कंपनी का इतना बड़ा खजाना (Treasury और gold holdings) यह दिखाता है कि अब प्रॉफिटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी पर ज्यादा फोकस है, बजाए सिर्फ़ hype के।
दूसरी क्रिप्टो कंपनियां, जो पब्लिक मार्केट्स में आने का सोच रही हैं, उनके लिए Tether का अनुभव एक ब्लूप्रिंट की तरह हो सकता है: मार्केट में बड़े नामों के लिए भी अब सस्टेनेबल ग्रोथ और मजबूत फंडामेंटल्स इंवेस्टर कॉन्फिडेंस के लिए जरूरी हैं।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि Tether के CEO Paolo Arodino ने पहले कहा था कि फर्म को पब्लिक होने की जरूरत नहीं है। लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह से नकारा भी नहीं है।
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