Bitcoin प्राइस करीब 20% तक ऊपर आ चुका है, जब यह 6 फरवरी को लगभग $60,000 तक फिसल गया था। इस मूव ने “buy-the-dip” की उम्मीदों को फिर से जगा दिया है और लोकल बॉटम की बातों को हवा दी है। इसी दौरान, US डिमांड के इंडीकेटर्स भी हालिया लो से रिकवर करना शुरू कर चुके हैं।
लेकिन अगर सतह के नीचे देखें तो, वॉल्यूम सिग्नल्स, ऑन-चेन डाटा और प्राइस structure यह दिखाते हैं कि यह रैली ज्यादा मजबूत नहीं है। कई वॉर्निंग पैटर्न्स अब वैसी सेटअप्स की तरह हैं जो इस cycle में बड़े डीक्लाइन आने से पहले देखे गए थे।
सबसे क्लियर वॉर्निंग सिग्नल्स में से एक Klinger Oscillator से मिलता है, जो वॉल्यूम बेस्ड इंडिकेटर है और बिग मनी फ्लो को ट्रैक करता है।
CMF जैसी इंडिकेटर्स जो केवल शॉर्ट-टर्म बिग मनी प्रेशर पर फोकस करती हैं, उनसे अलग Klinger Oscillator, बड़े वॉलेट्स के वॉल्यूम इंटेंसिटी को ट्रेंड्स के दौरान मापता है। यह यह दिखाने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि बड़े प्लेयर्स समय के साथ कैसी पोजिशन लेते हैं, केवल डेली एक्टिविटी नहीं।
सीधे शब्दों में कहें, यह दिखाता है कि बड़ी रकम चुपचाप accumulation कर रही है या रैलियों में बेचने की प्लानिंग कर रही है।
6 अक्टूबर से 14 जनवरी के बीच, Bitcoin गिरा था लगभग $126,000 से $97,800 तक, यानी करीब 22% की गिरावट। इस दौरान, Klinger Oscillator ऊपर चढ़ता रहा जबकि प्राइस कमजोर पड़ा। इससे bearish divergence बना।
इस divergence ने चेतावनी दी कि बड़े वॉलेट्स (संभावित whale और institution) की वॉल्यूम strength, प्राइस recovery को सपोर्ट नहीं कर रही है। केवल कुछ ही हफ्तों में, Bitcoin की गिरावट $60,000 की तरफ बढ़ गई और Klinger पढ़ाव तेज़ी से गिरा (संभावित big money ऑउटफ्लोज़)।
ऐसा ही पैटर्न फिर से बन रहा है।
2 फरवरी से 9 फरवरी के बीच, प्राइस नीचे की ओर खिसकती रही जबकी Klinger Oscillator अपवर्ड ट्रेंड में रहा। इसका मतलब है, बड़े प्लेयर्स (हालिया खरीद) बाउंस में बेचने की तैयारी में हो सकते हैं, लॉन्ग-टर्म exposure बढ़ाने के बजाय।
साथ में, जनवरी मिड से फरवरी की शुरुआत तक Bitcoin की गिरावट ने “pole” जैसा तेज़ डाउनसाइड पैटर्न बना दिया। मौजूदा प्राइस बाउंस मूवमेंट “bear flag” जैसा लग रहा है, जो अक्सर लोअर ट्रेंड जारी रहने का सिग्नल होता है। अगर नीचे की ट्रेंडलाइन सपोर्ट टूटती है तो लगभग 40% तक का क्रैश हो सकता है। ऐसे में जो Bulls बाउंस में खरीद रहे हैं वो फँस सकते हैं।
जब बढ़ते हुए Klinger readings बियर फ्लैग के साथ दिखते हैं, तो इसका मतलब है कि रैली में गहरी इंस्टिट्यूशनल सपोर्ट की कमी है। बड़े प्लेयर्स एक्टिव तो हैं, लेकिन वो accumulation mode में नहीं हैं और कभी भी distribution कर सकते हैं। आने वाले समय में अगर BTC ETF ऑउटफ्लो देखने को मिलता है, तो Klinger के आधार पर बनी ये हाइपोथिसिस सही साबित होगी।
यह टेक्निकल कमजोरी अकेले नहीं है। ये ऐसे समय पर दिखी है जब US की डिमांड में सुधार की शुरुआत हो गई है।
Coinbase Premium Index ये ट्रैक करता है कि क्या Bitcoin ट्रेड्स US बेस्ड Coinbase पर ग्लोबल एक्सचेंजेस के मुकाबले प्रीमियम या डिस्काउंट पर हो रहे हैं। इससे अमेरिकी इंस्टिट्यूशनल डिमांड का रिफ्लेक्शन मिलता है।
4 फरवरी को इंडेक्स करीब -0.22 तक गिर गया, जिससे कमजोर US पार्टिसिपेशन दिखा। ये लेवल 31 दिसंबर 2024 के करीब था, जब इंडेक्स -0.23 पर था। उस वक्त Bitcoin करीब $93,300 पर ट्रेड कर रहा था।
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कई ट्रेडर्स को लगा कि बॉटम बन चुका है। लेकिन इसके बाद प्राइस करीब $76,200 तक गिर गया, यानी लगभग 18% की गिरावट आई।
फरवरी की शुरुआत से इंडेक्स -0.07 के आसपास रिकवर हुआ है, जो US इंटरेस्ट में सुधार और Klinger oscillator के बढ़ते reading के अनुरूप है। हालांकि, इतिहास बताता है कि डिमांड में सुधार अक्सर प्राइस बॉटम से पहले आता है, बाद में नहीं। 2024 में भी US डिमांड पहले सुधरी थी। गहरी करेक्शन उसके बाद आई थी।
ऑन-चेन डेटा एक और रिस्क लेयर जोड़ता है।
1-डे से 1-वीक होल्डर ग्रुप, जो कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स से बना है, ने 5 फरवरी के बाद (20% रीबाउंड के दौरान) अपनी सप्लाई का हिस्सा करीब 2.05% से बढ़ाकर 3.3% से ज्यादा कर लिया है। यह केवल कुछ दिनों में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी है, जिसे HODL Waves ने हाईलाइट किया है, जो टाइम के हिसाब से वॉलेट्स को अलग करता है।
यह समूह आमतौर पर प्राइस कमज़ोर होने पर जल्दी सेल करता है। इनकी बढ़ती मौजूदगी मार्केट को ज्यादा अनस्टेबल बना देती है। जनवरी के आखिर में शॉर्ट-टर्म होल्डर्स में इसी तरह की तेजी के बाद मार्केट में 3% की तेज गिरावट देखी गई थी। अभी के लिए, US में बढ़ती डिमांड, speculation के साथ मेल खा रही है, न कि मजबूत conviction के साथ।
सभी संकेत अब कुछ महत्वपूर्ण Bitcoin प्राइस जोन्स के इर्द-गिर्द फोकस हो रहे हैं।
पहला बड़ा सपोर्ट $67,350 के करीब है। अगर डेली क्लोज इस लेवल से नीचे होती है तो सेलिंग प्रेशर दोबारा शुरू हो सकता है।
अगर यह लेवल टूट जाता है, तो अगले डाउनसाइड टारगेट्स होंगे:
अगर प्राइस करेंट लेवल से $43,400 तक जाती है, तो इसमें लगभग 35% की और गिरावट देखने को मिलेगी। ऊपर की ओर, Bitcoin को $72,330 के ऊपर क्लोज करना जरूरी है ताकि मार्केट स्टेबल हो सके और बुल ट्रैप से बाहर आ सके। इसी लेवल ने हाल की रैलियों को रोक दिया था।
इससे ऊपर, $79,240 एक अहम लेवल है। इस जोन को रिकवर करने से पिछली गिरावट का लगभग आधा रिट्रेस हो जाएगा और bearish स्ट्रक्चर भी वीक पड़ सकता है। तभी $97,870 की राह दोबारा खुल सकेगी। जब तक ऐसा नहीं होता, सभी Bitcoin प्राइस रैलियाँ वल्नरेबल रहेंगी।
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