Ethereum ने हाल ही में गिरावट का सिलसिला बढ़ा दिया है और अब यह $2,000 लेवल के करीब जा रहा है। पहली नजर में, यह पुलबैक अब स्थिर होता नजर आ रहा है। हालांकि, ऑन-चेन डेटा दिखा रहा है कि कमजोरी अभी खत्म नहीं हुई है।
भले ही ETH एक अहम लेवल के पास बना हुआ है, लेकिन अंडरलाइनिंग मैट्रिक्स लगातार दबाव को दर्शाते हैं। इस चक्र में, पहले की गिरावट के पैटर्न जैसी स्थिति बन सकती है।
Ethereum ने जनवरी के अंत में अपनी Realized Price से नीचे गिरावट दर्ज की थी। तब से ETH इस जरूरी ऑन-चेन बेंचमार्क के नीचे फंसा हुआ है। Realized Price, सर्क्युलेटिंग सप्लाई में सभी कॉइन्स की एवरेज खरीद कीमत को दिखाती है। इसके नीचे ट्रेड होना, आम तौर पर भारी अनरियलाइज्ड लॉस की इंडीकेशन है।
Market Value to Realized Value, यानी MVRV रेशियो, इस दबाव की पुष्टि करता है। ETH का MVRV 1.0 से नीचे बना हुआ है, जिससे पता चलता है कि एवरेज होल्डर घाटे में है। इस जोन में लंबे वक्त तक रहना, ऐतिहासिक रूप से गहरे मार्केट करेक्शन के साथ जुड़ा रहा है।
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पिछले चक्रों में देखा गया है कि लंबे वक्त तक सब-Realized Price ट्रेडिंग के बाद रिकवरी आती है। हालांकि, ये रिकवरी आमतौर पर कैपिट्यूलेशन फेज के बाद ही होती है। पिछले बियर मार्केट्स में ETH को और गिरावट का सामना करना पड़ा, उसके बाद ही मजबूत बॉटम बन पाया। मौजूदा स्थिति भी यही बता रही है कि स्थिरता से पहले और गिरावट आ सकती है।
Exchange On-Balance डेटा दिखाता है कि ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर सप्लाई बढ़ रही है। बीते हफ्ते में करीब 445,000 ETH एक्सचेंजों में ट्रांसफर किए गए हैं। मौजूदा प्राइस के हिसाब से, यह $887 मिलियन से ज्यादा का संभावित सेल प्रेशर दिखाता है।
बढ़ते एक्सचेंज बैलेंस आमतौर पर डिस्ट्रीब्यूशन को दर्शाते हैं। ETH इनवेस्टर्स अक्सर अपनी असेट्स एक्सचेंज में भेजते हैं ताकि वे उन्हें बेच सकें। हाल ही में हुए भारी इनफ्लोज़ से लग रहा है कि होल्डर्स में सतर्कता काफी बढ़ गई है।
अगर प्राइस तेजी से रिकवर नहीं होती है, तो पैनिक सेलिंग और बढ़ सकती है। एक्सचेंज डिपॉज़िट्स में इसी तरह की बढ़ोतरी पहले भी मार्केट में तेज गिरावट से पहले हुई है। अनरियलाइज़्ड लॉस और बढ़ती सप्लाई दोनों ही डाउनसाइड रिस्क को बड़ा देते हैं।
Ethereum इस समय $1,997 पर ट्रेड कर रहा है। $2,000 का लेवल एक बड़ा साइकोलॉजिकल थ्रेशोल्ड है। इस ज़ोन पर शॉर्ट-टर्म बाइंग आ सकती है, लेकिन लगातार बिकवाली प्रेशर लंबे समय तक अपट्रेंड की संभावनाओं को कम कर देता है। CBD Heatmap के आधार पर, $1,866 अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल है।
यह ज़ोन पहले की accumulation activity को दर्शाता है। अगर ETH $1,866 गंवा देता है, तो नीचे जाने का रिस्क बढ़कर $1,385 तक जाता है। यह लेवल पिछले कई साइकिल में स्ट्रक्चरल बॉटम रहा है। यहां गिरावट मतलब अभी के लेवल से लगभग 30% डाउन जाना। इससे नीचे, अगला बड़ा सपोर्ट $1,231 के आसपास है।
इसके उलट, अगर इन्वेस्टर्स का बिहेवियर बदला तो प्राइस trajectory बदल सकती है। अगर होल्डर्स अपने ETH एक्सचेंज पर कम ट्रांसफर करने लगे और फिर से accumulation शुरू हो जाए, तो ETH $2,000 के ऊपर स्टेबल हो सकता है। शॉर्ट-टर्म टारगेट $2,205 हो सकता है। अगर खरीदारी का प्रेशर बना रहा तो ETH $2,500 तक जा सकता है, जिससे अभी का बियरिश आउटलुक गलत साबित हो जाएगा।
The post Ethereum रियलाइज़्ड प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहा, exchanges में $887 मिलियन से ज्यादा inflow appeared first on BeInCrypto Hindi.

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