$72,000 से ऊपर कई सेशन्स तक कंसोलिडेट होने के बाद, Bitcoin ने थोड़ी देर के लिए $81,000 का स्तर फिर से छू लिया, जिसके बाद इसमें करेक्शन आया। पिछले महीने में 10% की रिकवरी के चलते Bitcoin एक बार फिर उस क्रिटिकल रेसिस्टेंस ज़ोन में पहुंच गया है, जिसने लेटेस्ट रिकवरी की कोशिशों को रोका है।
Bitcoin के लिए असली टेस्ट अब सामने है, जहां $83,000 से $85,000 का रेंज अगला बड़ा रुकावट बनकर सामने आया है।
अगर यह ज़ोन नहीं टिकता है, तो फिर से ध्यान $75,000 और $73,000 जैसे लोअर डिमांड एरियाज पर चला जाएगा, जहां $72,000 के पास 100-day मुविंग एवरेज अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करेगा।
मई के पहले दो हफ्तों में Bitcoin ट्रेडिंग एक्टिविटी भी बढ़ी है, जहां 24-घंटे वॉल्यूम 4% ऊपर गया है।
अगर बड़े पिक्चर की बात करें, तो Bitcoin प्राइस हिस्ट्री दिखाती है कि ऐसे कंसोलिडेशन फेज़, खासकर अहम रेसिस्टेंस लेवल्स के पास, अक्सर किसी बड़े प्राइस मूवमेंट से पहले आते हैं।
अगर 200-day मुविंग एवरेज, जो फिलहाल $83,000 और $85,000 के बीच है, के ऊपर ब्रेक मिलता है तो इससे $89,000 तक का रास्ता खुल सकता है।
इसके ऊपर, $94,000 का लेवल अगला टेक्निकल चेकपॉइंट रहेगा, उसके बाद ही $100,000 के मनोवैज्ञानिक बैरियर की पूर्ति संभावित हो सकती है।
फिलहाल सबसे ज्यादा देखा जा रहा सिग्नल वीकली MACD क्रॉसओवर है, जो 13 अप्रैल को बुलिश दिखाई दिया।
इसके बाद से Bitcoin में लगभग 15% की तेजी आई है, जो बताता है कि लम्बे रिकवरी फेज़ के बाद मोमेंटम में बदलाव दिख रहा है।
इतिहास में ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं जहां MACD क्रॉसओवर के बाद स्ट्रॉन्ग रैली देखने को मिली।
अक्टूबर 2023 का सिग्नल 147% की तेजी से पहले आया था, जबकि अक्टूबर 2024 के क्रॉसओवर के बाद 75% का गेन हुआ। इसी तरह, मई 2025 में इस सिग्नल ने 35% रैली देखी।
भले ही बीते प्रदर्शन से भविष्य की गारंटी नहीं दी जा सकती, लेकिन इन सिग्नल्स की लगातार सफलता ने ध्यान खींचा है, खासकर जब Bitcoin फिर से 200-day एवरेज के पास अहम रेसिस्टेंस क्लस्टर तक पहुँच चुका है।
अगर इस लेवल के ऊपर क्लियर ब्रेकआउट कन्फर्म होता है तो फोकस $89,000 पर जाएगा, उसके बाद में $94,000 प्रमुख रहेगा।
यहां से, मार्केट पार्टिसिपेंट्स $100,000 की ओर ब्रॉडर मूव के पॉसिबिलिटी को इवैल्यूएट करना शुरू करेंगे।
ऑन-चेन डेटा करंट रिकवरी स्ट्रक्चर को और मजबूत सपोर्ट देता है। माइनर्स’ पोजिशन इंडेक्स (MPI) फरवरी के लो के समय $60,000 के पास -1.0 से नीचे चला गया था, जो हिस्टोरिकली माइनर अक्युमुलेशन से जुड़ा लेवल है, न कि डिस्ट्रीब्यूशन से।
यह इंडिकेट करता है कि मार्केट के सबसे कमजोर फेज में माइनर्स ने एग्रेसिव सेलिंग नहीं की, जिससे Bitcoin को बेस बनाने में डाउनवर्ड प्रेशर कम करने में मदद मिली।
हालांकि अब MPI में रिकवरी आ चुकी है, यह अभी भी जीरो से नीचे है। इसका मतलब है कि माइनर सेलिंग अभी भी काफ़ी कम है, जो आमतौर पर मार्केट टॉप्स के पास देखी जाती है।
माइनर्स की कम डिस्ट्रीब्यूशन अपवर्ड मूव के दौरान प्राइस को स्टेबलाइज करने में मदद करती है।
इसके साथ, ट्रेडर्स यह मॉनिटर कर रहे हैं कि क्या MPI 0.5 से ऊपर जाता है। ऐसा शिफ्ट बढ़ी हुई सेलिंग एक्टिविटी का संकेत हो सकता है, जिससे रैली की स्पीड स्लो हो सकती है।
Santiment से मिले डेटा के मुताबिक, Bitcoin की नेट रियलाइज्ड प्रॉफिट हाल ही में $207.56 मिलियन तक पहुंच गई जब प्राइस $80,000 से ऊपर गई।
यह करंट साइकल का सबसे हाईएस्ट लेवल है और यह बताता है कि एक बड़े साइकोलॉजिकल लेवल के पास प्रॉफिट-टेकिंग बढ़ गई है।
अपवर्ड प्राइस मूवमेंट के दौरान प्रॉफिट रीयलाइजेशन जरुरी नहीं कि बियरिश हो। कई केसेस में इसका मतलब है कि नई डिमांड इतनी स्ट्रॉन्ग है कि पुराने होल्डर्स की सेलिंग प्रेशर को एब्जॉर्ब कर लेती है।
इस सिचुएशन में, Bitcoin ने बढ़ी हुई सेलिंग के बावजूद लेवल्स पर अपवर्ड पुश जारी रखा, जिससे लगता है कि बायर्स करंट लेवल्स पर एक्टिव हैं।
अगर Bitcoin $81,000 से ऊपर वीकली क्लोजिंग करता है और उसके बाद इसे सपोर्ट के तौर पर सफलतापूर्वक रीटेस्ट करता है, तो बुलिश केस और स्ट्रॉन्ग हो जाएगा।
यदि यह कन्फर्म होता है, तो यह स्ट्रक्चर $86,000 से $89,000 की रेंज तक मूव के लिए रास्ता बना सकती है, जिसमें $100,000 अगला मेजर अपसाइड टारगेट बन सकता है।
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